बिहार विधानसभा में गुरुवार को जमकर हंगामा हुआ और तीखी नोकझोंक देखने को मिली. सदन की कार्यवाही उस वक्त चर्चा में आ गई जब आईपी गुप्ता को सदन में नियमों के उल्लंघन पर माफी मांगनी पड़ी. दरअसल, बजट पर बोल रहे मिथिलेश तिवारी के भाषण के दौरान आईपी गुप्ता उन्हें क्रॉस करते हुए अपनी सीट पर जाकर बैठ गए, जिस पर स्पीकर ने आपत्ति जताई. सत्ता पक्ष के विधायकों ने माफी की मांग की, जिसके बाद उन्होंने ‘सॉरी’ कहा.
इस पर मिथिलेश तिवारी ने तंज कसते हुए कहा कि वे कन्फ्यूज हैं कि सत्ता पक्ष में हैं या विपक्ष में, जिस पर गुप्ता ने जवाब दिया कि वे “खूंटा गाड़कर विपक्ष के साथ खड़े हैं. विधानसभा में मिथिलेश तिवारी ने लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के शासनकाल का जिक्र करते हुए कई नरसंहारों का हवाला दिया, जिस पर आरजेडी विधायकों ने जोरदार विरोध किया और सदन में शोर-शराबा बढ़ गया.
अपराधियों के खिलाफ चल रहा सम्राट चौधरी का बुलडोजर: मिथिलेश तिवारी
कानून-व्यवस्था पर बोलते हुए मिथिलेश तिवारी ने कहा कि सम्राट चौधरी के बुलडोजर मॉडल का जिक्र किया और कहा कि विपक्ष गृह मंत्री के नाम से ही डरता है. साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश की तर्ज पर बिहार में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू करने की मांग भी सरकार से की. इसी दौरान करिश्मा राय ने भाषण का विरोध किया, जिस पर सदन में तीखी बहस छिड़ गई. वहीं, विधानसभा की कार्यवाही के दौरान आईपी गुप्ता ने सहरसा में एक बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले को उठाते हुए न्याय न मिलने पर भावुक होकर सवाल खड़े किए. उन्होंने आरोप लगाया कि मामले को आत्महत्या बताकर दबाने की कोशिश हुई, जबकि पीड़िता को अब तक इंसाफ नहीं मिला है.
राहुल शर्मा ने उठाया तीन दलितों के लापता होने का मुद्दा
बिहार विधानसभा में गृह विभाग के बजट पर चर्चा के दौरान राष्ट्रीय जनता दल के विधायक राहुल शर्मा ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि जब सम्राट चौधरी के पास गृह विभाग आया था तो लोगों को उम्मीद थी कि अपराध कम होंगे, लेकिन हालात निराशाजनक बने हुए हैं. विधानसभा में बोलते हुए उन्होंने बिहार में बढ़ते अपराधों का मुद्दा उठाया और कहा कि जहानाबाद में छात्रा से जुड़ी घटना और औरंगाबाद में तीन दलितों के लापता होने जैसी घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं. उन्होंने कई चर्चित मामलों की जांच और कार्रवाई पर भी सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में शराबबंदी के बावजूद समानांतर अर्थव्यवस्था खड़ी हो गई है और सूखे नशे का चलन तेजी से बढ़ रहा है.
सिपाही बहाली प्रक्रिया में सुधार, साइबर अपराध का भी मुद्दा उठा
उनका कहना था कि पुलिस बल में सक्षम अधिकारी होने के बावजूद सरकार ने उनके हाथ बांध रखे हैं, जिससे अपराध नियंत्रण प्रभावित हो रहा है और दोषियों की सजा दर भी कम है. विधायक ने सिपाही बहाली प्रक्रिया में सुधार, साइबर अपराध रोकने के लिए बैंकों के साथ समन्वय और अपराध बढ़ने के कारणों पर ठोस कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि सिर्फ पुरानी घटनाओं का हवाला देकर सरकार जिम्मेदारी से नहीं बच सकती. इस मुद्दे पर सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली. सदन में आरोप-प्रत्यारोप, भावनात्मक बयान और तीखी राजनीतिक टिप्पणियों के बीच कार्यवाही लंबे समय तक गरमाई रही.







