एआई इम्पैक्ट समिट 2026 कई मायनों में विशिष्ट है। दक्षिण एशिया में पहली बार ऐसा वैश्विक आयोजन किया जा रहा है। भारत दुनिया के कई दिग्गजों का मेजबान बन रहा है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में टेक वर्ल्ड के दिग्गजों के अलावा 20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष भी यहां पहुंचे। प्रधानमंत्री मोदी ने यहां भारत की तरफ से एआई की दुनिया के लिए MANAV मंत्र भी पेश किया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की दुनिया में कौन से बदलाव हो रहे हैं? आने वाले समय में एआई कैसे इंसानों के जीवन को प्रभावित करने वाला है? भारत की इस क्षेत्र में क्या भूमिका होने वाली है? गूगल, ओपन एआई और ऐसी अन्य कंपनियां जो एआई के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश कर रही हैं, इनकी भावी नीति रणनीति क्या होगी? एआई इम्पैक्ट समिट में ऐसे ही तमाम सवालों के जवाब तलाशने का प्रयास किया जा रहा है।
वैश्विक विशेषज्ञों ने मानव हित में AI और वैश्विक साझेदारी पर दिया जोर
समिट के दौरान RUSSOFT एसोसिएशन और अकीस टेक द्वारा आयोजित एक पैनल चर्चा में RUSSOFT एसोसिएशन के अध्यक्ष वैलेंटिन मकारोव ने भारत-रूस के लंबे समय से चले आ रहे संबंधों और उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग की व्यापक संभावनाओं पर जोर दिया।
मकारोव ने भारत के साथ अपने शुरुआती जुड़ाव को याद करते हुए कहा कि उन्होंने पहली बार 1995 में भारत का दौरा किया था। उन्होंने कहा कि भारत और रूस मिलकर एक नया क्षमता केंद्र, बड़ा बाजार और प्रतिभाशाली नवाचारकों का मजबूत पूल तैयार कर सकते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि भविष्य के सहयोग की नींव आपसी विश्वास पर आधारित है और इस संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन तथा AI का प्रभाव बेहद महत्वपूर्ण है। मकारोव ने जोर देते हुए कहा कि प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग से दोनों देशों को अधिक लाभ मिल सकता है और यह वैश्विक स्तर पर नई संभावनाओं के द्वार खोल सकता है।
एआई इम्पैक्ट समिट में शामिल होंगे आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू एआई इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेंगे। आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, इस दौरान वे आई आधारित आर्थिक विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा से जुड़े अहम सत्रों में भाग लेंगे।
मुख्यमंत्री नायडू ‘एआई एक्सेलरेटर आर्थिक विकास’ प्लेनरी सत्र में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा और केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के साथ मंच साझा करेंगे। इस सत्र में AI के जरिए आर्थिक वृद्धि, निवेश और नवाचार को बढ़ावा देने पर चर्चा होने की संभावना है।
समिट के दौरान मुख्यमंत्री की मौजूदगी में आंध्र प्रदेश सरकार AI इंफ्रास्ट्रक्चर और क्वांटम स्किल डेवलपमेंट से जुड़े सात समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर करेगी। ये समझौते IBM, UNICC, IIT मद्रास और Vysar समेत विभिन्न संस्थानों और कंपनियों के साथ किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य राज्य में उन्नत तकनीकी ढांचे और कौशल विकास को मजबूत करना है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के सीईओ बोरगे ब्रेंडे के साथ ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से प्रतिस्पर्धात्मकता’ विषय पर आयोजित राउंड-टेबल बैठक में भी भाग लेंगे।







