कर्नाटक के बागलकोट में शिवाजी जयंती जुलूस के दौरान पथराव की घटना सामने आई है। इसके बाद तनाव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में निषेधाज्ञा लागू की है। अधिकारियों ने बताया कि शिवाजी जयंती जुलूस के दौरान कथित तौर पर पत्थरबाजी के बाद कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी। उन्होंने बताया कि यह घटना गुरुवार को पुराने शहर में उस समय हुई जब दोपहर करीब 3:30 बजे शुरू हुआ जुलूस मस्जिद क्षेत्र से गुजर रहा था।
सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करने उतरे लागे
पत्थरबाजी के बाद पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप किया, भीड़ को तितर-बितर किया और स्थिति को नियंत्रण में लाया. घटना के बाद, जुलूस में शामिल कुछ युवकों ने सड़क पर विरोध प्रदर्शन करने का प्रयास किया. पुलिस ने उन्हें समझा-बुझाकर तितर-बितर किया और इलाका खाली कराया. कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है.
पत्थरबाजों को करो गिरफ्तार, वरना…
पुलिस का कहना है कि स्थिति फिलहाल शांतिपूर्ण है. हालांकि, हिंदू कार्यकर्ताओं ने पत्थरबाजी में शामिल लोगों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है. उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे बागलकोट बंद का आह्वान करेंगे. मामले को बढ़ता देख पुलिस ने सुरक्षा कड़ी कर दी है. अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात किया गया है, ताकि किसी स्थिति को नियंत्रित रखा जा सके.

बेलगावी में भी बवाल
वहीं, बेलगावी जिले में शरारती तत्वों ने संगोली रायन्ना की प्रतिमा को खराब कर दिया. इसको लेकर शिकायत दर्ज की गई है. बेलगावी के माछे गांव में स्थित संगोली रायन्ना की प्रतिमा पर शरारती तत्वों ने कथित तौर पर काली स्याही पोत दी. इससे इलाके में तनाव फैल गया. पुलिस आयुक्त भूषण बोरासे ने घटनास्थल का दौरा किया और निरीक्षण किया. निवासियों ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है. बता दें कि कन्नड़ कार्यकर्ताओं के विरोध के बाद ही प्रतिमा स्थापित की गई थी. इस घटना के संबंध में शिकायत दर्ज की गई है.
एसपी ने पत्थरबाजी की पुष्टि की
मामले में पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ गोयल ने बताया कि जुलूस के लिए पर्याप्त बल तैनात किए गए थे। उन्होंने कहा, ‘हम सभी मौके पर मौजूद थे। जुलूस कल दोपहर करीब 3:30 बजे शुरू हुआ। जैसे ही यह मस्जिद के पास पहुंचा, दूर से हमारी ओर दो पत्थर फेंके गए।’ एसपी के अनुसार, पुलिस द्वारा अब तक प्राप्त प्रारंभिक जानकारी और वीडियो के आधार पर, एक पत्थर एक पुलिसकर्मी को लगा जबकि दूसरा उसके कंधे पर गिरा। उन्होंने कहा, ‘किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई। इसके बाद जुलूस सुचारू रूप से चलता रहा और माहौल शांतिपूर्ण बना रहा।’
सीसीटीवी फुटेज से घटना की समीक्षा जारी
पुलिस ने बताया कि जुलूस को देखते हुए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई थी और स्थिति नियंत्रण में रही। उन्होंने आगे कहा, ‘घटनास्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। हमने जुलूस की रिकॉर्डिंग भी की थी। हम वीडियो फुटेज की समीक्षा कर रहे हैं। इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।’
बागलकोट के कई हिस्सों में निषेधाज्ञा लागू
इस बीच, भारतीय न्याय संहिता की धारा 163 के तहत बागलकोट के कुछ हिस्सों में 19 फरवरी की मध्यरात्रि से 24 फरवरी की सात तक निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, इन प्रतिबंधों के तहत सार्वजनिक स्थानों पर चार से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी गई है। खतरनाक हथियार ले जाना, सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने वाली गतिविधियों में शामिल होना और बिना पूर्व अनुमति के सभाएं, समारोह या धरने आयोजित करना भी प्रतिबंधित है। प्रभावित क्षेत्रों में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उपाय किए गए।
वहीं तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में भी दो धर्मों के लोगों के बीच टकराव की खबर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक दो गुटों के लोगों ने जुलूस निकाले जाने के दौरान एक दूसरे के विरोध में जमकर नारेबाजी की। फिलहाल दोनों जगहों पर स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।







