दिल्ली स्थित भारत मंडपम में इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को AI समिट 2026 में भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने टी-शर्ट उतारकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ‘PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड’ के नारे लगाए।
प्रदर्शन के कई वीडियो भी सामने आए हैं। इसमें 15-20 की संख्या में कार्यकर्ताओं की भीड़ हाथ में सफेद रंग की टी-शर्ट लिए हुए हैं। टी-शर्ट पर PM मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की फोटो लगी है। उसपर लिखा है- PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड।
दिल्ली पुलिस ने 4 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान इंडियन यूथ कांग्रेस के सेक्रेटरी कृष्णा हरि, बिहार स्टेट सेक्रेटरी कुंदन यादव, उत्तर प्रदेश स्टेट वाइस प्रसिडेंट अजय कुमार और नेशनल कोऑर्डिनेटर नरसिम्हा यादव के रूप में हुई है।
वहीं भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने साजिश के तहत इंटरनेशनल समिट में भारत की छवि धूमिल की है। BJP सांसद संबित पात्रा ने कहा- यह संयोग नहीं, बल्कि एक प्रयोग था। इसकी प्लानिंग राहुल गांधी के आवास पर बनाई गई थी, जहां सोनिया और प्रियंका मौजूद थीं।
मैक्रों ने UPI की तारीफ की, कांग्रेस को चुभ गई
एक दिन पहले का ही मामला लीजिए. एआई समिट में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत के यूपीआई और डिजिटल बैंकिंग सिस्टम की तारीफों के पुल बांधे थे. मैक्रों ने कहा था कि 10 साल पहले जहां लोगों के बैंक खाते नहीं थे, अब वो लोग मोबाइल से डिजिटल पेमेंट कर रहे हैं. भारत ने ऐसा कुछ बनाया है, जो दुनिया में कोई और देश नहीं बना सका. मैक्रों ने डिजिटल बदलाव के आंकड़े बताते हुए कहा कि ये केवल तकनीक की सफलता नहीं, बल्कि एक सभ्यता की सफलता की कहानी है.
कांग्रेस ने PM मोदी पर बोल दिया हमला
फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने तो भारत की डिजिटल ताकत की तारीफ की थी, लेकिन कांग्रेस पार्टी ने इसके बहाने पीएम मोदी पर हमला बोल दिया. कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट में पीएम मोदी का नाम लेकर लिखा, ‘सभी को स्कूल-कॉलेज का वो सहपाठी तो याद होगा, जो ग्रुप प्रोजेक्ट में कुछ काम नहीं करता लेकिन जब क्रेडिट लेने की बारी आती है तो सबसे आगे खड़ा हो जाता है.’ पवन खेड़ा यहीं नहीं रुके, उन्होंने पीएम मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए लिखा कि उनके पास मौलिक और क्रांतिकारी विचारों की कमी है. वह केवल फीता काटने, अजीबोगरीब एक्रोनिम्स (लघु नाम) गढ़ने, कांग्रेस को कोसने और दूसरों के काम का श्रेय चुराने में ही खुश रहते हैं.
दरअसल कांग्रेस को लगा कि मैक्रों ने यूपीआई की तारीफ करके मोदी सरकार को सारा क्रेडिट दे दिया है, जबकि पवन खेड़ा का कहना है कि यूपीआई की परिकल्पना 2012-13 में UIDAI के उस वक्त अध्यक्ष रहे नंदन नीलेकणी की अगुआई वाले समूह ने की थी. खेड़ा ने दावा किया कि जिस तकनीक की दुनिया आज तारीफ कर रही है, उसका होमवर्क कांग्रेस के शासनकाल में पूरा हो चुका था.
जी20 समिट की भी आलोचना की
अब जरा साल 2023 को याद कीजिए. भारत ने दिल्ली में जी20 समिट का जोरशोर से आयोजन किया था. ये पहला मौका था, जब दुनिया के सबसे ताकतवर मुल्कों के संगठन का शिखर सम्मेलन भारत में हो रहा था. भारत मंडपम में ही आयोजित इस समिट को भारत की विदेश नीति और वैश्विक नेतृत्व के लिहाज से एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना गया. लेकिन कांग्रेस पार्टी को इसमें भी पीआर इवेंट नजर आ गया.
उस वक्त कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने जी20 को अंतरराष्ट्रीय मंच के बजाय प्रधानमंत्री की इमेज बिल्डिंग का साधन बना दिया. ये भी कहा कि G20 में भारी भरकम खर्च और चमक-दमक का इस्तेमाल करके मोदी सरकार महंगाई, बेरोजगारी और मणिपुर हिंसा जैसे घरेलू मुद्दों से ध्यान हटाना चाहती है. कांग्रेस के कई नेताओं को तो जी20 के लोगो में कमल पर भी आपत्ति थी.
उससे पहले कोरोना काल में भारत की स्वदेशी कोवैक्सीन को लेकर भी कांग्रेस पार्टी के कई नेताओं ने सवाल उठाए थे. वैक्सीन को बिना पूरे ट्रायल के ही जल्दबाजी में मंजूरी देने के आरोप लगाए थे. अनिवार्य प्रोटोकॉल को ताक पर रखकर वैक्सीन लगाने के आरोप मढ़े थे. लेकिन राजनीति से इतर देखें तो भारत ने कोवैक्सीन और कोविशील्ड कोरोना वैक्सीनों की लगभग 98 देशों को आपूर्ति की थी. इसमें से करीब डेढ़ करोड़ डोज मुफ्त में दी गई थीं. ये पहल वैश्विक स्तर पर भारत की सॉफ्ट पावर के लिए बड़ा मील का पत्थर मानी गई थी.
विदेश में राहुल की ‘आपत्तिजनक’ टिप्पणियां
कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी कई बार अपनी विदेश यात्राओं के दौरान ऐसी टिप्पणियां कर चुके हैं, जिन्हें बीजेपी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला बताती है. बीजेपी नेता आरोप लगाते हैं कि राहुल गांधी जानबूझकर विदेश में भारत की संस्थाओं को बदनाम करने की कोशिश करते हैं और “एंटी-इंडिया” अभियान चलाते हैं.
हालांकि इस बार कांग्रेस पार्टी की यूथ विंग यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने हद पार कर दी है. जिस वक्त एआई समिट में शर्ट उतारकर प्रदर्शन किया गया, उस वक्त वहां देश-विदेश के कई दिग्गज और प्रतिनिधि मौजूद थे. लोकतंत्र में विरोध करना सभी का संवैधानिक अधिकार है और घरेलू मुद्दों पर असहमति स्वाभाविक है, लेकिन जब देश किसी अंतरराष्ट्रीय इवेंट की मेजबानी कर रहा हो, जहां दुनिया भर से राष्ट्राध्यक्ष और दिग्गज जुटे हों, तब ऐसी हंगामा पॉलिटिक्स किसी भी नजरिए से उचित नहीं ठहराई जा सकती.
पुलिस बोली- प्रदर्शनकारियों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया था
दिल्ली पुलिस में एडिशन कांस्टेबल देवेश कुमार महला ने बताया कि यह घटना दोपहर करीब 12:30 बजे घटी। प्रदर्शनकारियों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया और क्यूआर कोड स्कैन करके समिट हॉल में एंट्री की।
उन्होंने ऊपर स्वेटर और जैकेट पहनी हुई थी और अंदर टी-शर्ट। हॉल नंबर 5 के पास उन्होंने अपने स्वेटर और जैकेट उतार दिए और टी-शर्ट लहराते हुए विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं पर पुलिस के साथ झड़प करने का आरोप है।
दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। इसमें कई गंभीर आरोप लगाए हैं। गिरफ्तार किए गए चार कार्यकर्ताओं को आज पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस के मुताबिक, बाकी प्रदर्शनकारियों की पहचान की जा रही है।
भाजपा बोली- कांग्रेस के लिए AI का मतलब एंटी-इंडिया
भाजपा ने AI समिट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन की आलोचना की है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने X पर पोस्ट में लिखा- यह कांग्रेस के अहंकार और हताशा का प्रदर्शन है! राहुल गांधी के लिए भारत को अपमानित करना ही सरकार को निशाना बनाने का तरीका है।
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने X पर कहा- कांग्रेस के लिए AI का मतलब एंटी-इंडिया है। यह INC नहीं, बल्कि एंटी-नेशनल कांग्रेस है। कांग्रेस राहुल गांधी के कहने पर विरोध कर रही है। यह भाजपा या प्रधानमंत्री के खिलाफ प्रदर्शन नहीं, यह भारत की उपलब्धियों के खिलाफ प्रदर्शन है।







