खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रचने के मामले में फैसला आ गया है. इस मामले में भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता को 24 साल की जेल की सजा सुनाई गई है. सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम में ही निखिल ने अपना जुर्म कुबूल भी कर लिया. कोर्ट के इस फैसले के बाद से ही अब सवाल उठने लगे हैं कि क्या अमेरिका और भारत के बीच के रिश्तों में फिर से खटास आएगी?
माना जा रहा है कि अमेरिका निखिल गुप्ता के कुबूलनामे को हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर सकता है. खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश को लेकर भारत और अमेरिका के बीच पहले भी रिश्ते बिगड़ चुके हैं. लंबे समय बाद भारत और अमेरिका के बीच रिश्ते सुधरे हैं. ऐसा कहा गया कि निखिल गुप्ता ने तत्कालीन भारतीय सुरक्षा अधिकारी ( विकास यादव) के निर्देशानुसार ये साजिश रची थी.
साल 2023 में विकास यादव हुआ था गिरफ्तार
अमेरिकन कोर्ट में निखिल गुप्ता के कुबूलनामे से पूरे मामले को लेकर एक बड़ा मोड़ सामने आ गया है. यही वजह है कि अमेरिकी कार्रवाई पर भारत की नजर रहेगी. अमेरिका में वांटेड विकास यादव को दिल्ली पुलिस ने 18 दिसंबर 2023 को गिरफ्तार किया था. अमेरिका की खुफिया एजेंसी FBI की तरफ से विकास यादव की फोटो भी जारी की गई थी. FBI का दावा है कि विकास यादव के कहने पर ही निखिल गुप्ता ने पन्नू की हत्या की साजिश रची थी.
अमेरिकी अधिकारियों का क्या कहना है?
अमेरिकी जांच एजेंसी FBI इस मामले को लेकर सख्त रुख अख्तियार किए हुए हैं. FBI अधिकारियों ने कहा कि अमेरिका अपने नागरिकों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने वालों को किसी भी हालत छोड़ेगा नहीं. DEA (Drug Enforcement Administration ) ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय अपराधी अक्सर ड्रग्स से लेकर हिंसा तक के रास्ते पर चले जाते हैं और इस साजिश को समय रहते रोक लिया गया. यही वजह है कि यह साजिश कामयाब नहीं हो पाई.
FBI ने प्लान पहले ही कर दिया था फेल
अमेरिका का आरोप है कि एक भारतीय नागरिक ने अमेरिका में रहने वाले सरकार- विरोधी सिख नेता की हत्या कराने की कोशिश की. लेकिन, अमेरिकी एजेंसियों को पहले ही इसकी जानकारी मिल गई. उन्होंने प्लान को नाकाम कर दिया. अब आरोपी ने अदालत में अपना जुर्म मान लिया है.
पन्नू की हत्या की साजिश रचने के आरोप में निखिल गुप्ता को 30 जून 2023 को चेक रिपब्लिक पुलिस ने गिरफ्तार किया था. इसके बाद 14 जून 2024 को निखिल को अमेरिका प्रत्यर्पित कर दिया गया था.







