ADVERTISEMENT
Thursday, August 6, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

ट्रंप का टैरिफ वॉर करने लगा बैकफायर!

UB India News by UB India News
January 31, 2026
in अन्तर्राष्ट्रीय
0
अमेरिका ने भारत, ब्रिटेन, जापान जैसे सहयोगियों पर भी टैरिफ किया लागू , भारत पर 26% टैरिफ लगाया …………

RELATED POSTS

ट्रंप ने क्यों रोके हमले ,तो खत्म होने वाला है पश्चिम एशिया में युद्ध…………

क्यों बौखलाया गया है पाकिस्तान……………….

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कथित ‘अमेरिका फर्स्ट’ पॉलिसी अब उल्टा असर दिखा रही है. ट्रंप ने हुवावे जैसी चीनी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाकर अमेरिकी टेक जायंट्स को मजबूत करने की कोशिश की, वहीं अब यूरोपीय देश और अन्य राष्ट्र अपनी डिजिटल संप्रभुता (डिजिटल सॉवरेनिटी) की रक्षा के लिए अमेरिकी कंपनियों पर निर्भरता घटा रहे हैं. इसका ताजा उदाहरण फ्रांस का हालिया ऐलान है. वहां सरकार ने माइक्रोसॉफ्ट टीम्स (Microsoft Teams) और ज़ूम (Zoom) जैसे अमेरिकी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्लेटफॉर्म्स को सरकारी विभागों से हटाने का फैसला किया है. इन्हें चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा. इनकी जगह अपने घरेलू विजियो (Visio) प्लेटफॉर्म को अपनाया जाएगा. यह कदम न केवल सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं से प्रेरित है, बल्कि ट्रंप की भू-राजनीतिक अस्थिरता वाली नीतियों का सीधा जवाब भी है. कुल मिलाकर अमेरिकी टेक कंपनियों की परेशानी बढ़ रही है.

फ्रांस की सरकार ने 27 जनवरी 2026 को घोषणा की कि 2027 तक सभी सरकारी विभागों में अमेरिकी प्लेटफॉर्म्स को पूरी तरह से हटा दिया जाएगा. विजियो को मुख्य टूल बनाया जाएगा, जिसे इंटरमिनिस्ट्रियल डिजिटल डायरेक्टोरेट (DINUM) द्वारा विकसित किया गया है. यह प्लेटफॉर्म पहले से ही पायलट परीक्षण किया जा चुका है और फिलहाल 40,000 यूजर्स को सपोर्ट करता है. फ्रांस के मुताबिक, यह बदलाव सुरक्षा और गोपनीयता की रक्षा करेगा, क्योंकि अमेरिकी प्लेटफॉर्म्स पर डेटा अमेरिकी कानूनों के अधीन रहता है, जो विदेशी सरकारों के लिए खतरा बन सकता है.

ट्रंप प्रशासन ने किया मजबूर?

इसके अलावा, आर्थिक फायदे भी हैं. फ्रांस का अनुमान है कि हर 100,000 यूजर्स के लिए लाइसेंस फीस में सालाना 1 मिलियन यूरो की बचत होगी. विजियो में एआई ट्रांसक्रिप्शन और स्पीकर को पहचानने जैसे फीचर्स फ्रेंच स्टार्टअप पियानोट द्वारा संचालित हैं, जो लोकल इनोवेशन को बढ़ावा देगा. यह कदम यूरोपीय संघ (EU) की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जहां ट्रंप की नीतियों ने यूरोप को अमेरिकी तकनीक पर निर्भरता कम करने के लिए मजबूर किया है. ट्रंप ने EU के डिजिटल मार्केट्स एक्ट (DMA) और डिजिटल सर्विसेज एक्ट (DSA) को ‘सेंसरशिप’ करार देकर धमकी दी है कि अगर ये नियम अमेरिकी कंपनियों पर लागू हुए तो 25% टैरिफ लगाए जाएंगे. लेकिन EU ने इसे अपनी संप्रभुता का मामला बताकर ट्रंप की धमकियों का विरोध किया है.
ट्रंप की नीतियां, जैसे कि विदेशी देशों पर डिजिटल टैक्स लगाने पर टैरिफ की धमकी, ने यूरोप को अपनी क्लाउड कंप्यूटिंग और AI विकसित करने के लिए प्रेरित किया. फ्रांस का विजियो इसी दिशा में एक कदम है, जो माइक्रोसॉफ्ट और ज़ूम के लिए हानि का कारण बनेगा. वैश्विक स्तर पर 320 मिलियन से ज्यादा यूजर्स वाला माइक्रोसॉफ्ट टीम्स अब यूरोपीय सरकारी सेक्टर से बाहर हो सकता है, जिससे उसके रेवेन्यू में गिरावट आ सकती है. इसी तरह ज़ूम, जो कोविड के दौरान लोकप्रिय हुआ था, अब सुरक्षा चिंताओं के कारण चुनौती का सामना कर रहा है.

अलग-थलग पड़ रहीं US की टेक कंपनियां

ट्रंप की ‘ट्रेड वॉर’ नीतियां ने अमेरिकी टेक को मजबूत बनाने का दावा किया, लेकिन अब ये कंपनियां वैश्विक स्तर पर अलग-थलग पड़ रही हैं. ट्रंप ने फरवरी 2025 में एक मेमोरेंडम जारी किया, जिसमें विदेशी देशों को अमेरिकी कंपनियों पर ‘अनुचित जुर्माने’ लगाने पर टैरिफ की धमकी दी गई. लेकिन इससे उल्टा, देश अपनी तकनीक विकसित करने लगे हैं. EU की ‘ओपन डिजिटल इकोसिस्टम स्ट्रैटजी’ जैसे पहल अमेरिकी क्लाउड प्रोवाइडर्स पर निर्भरता कम कर रही हैं.

अमेरिकी टेक कंपनियों को कहां-कहां मिल रही चुनौती

  • फ्रांस और अन्य EU कंट्रीज़: फ्रांस के अलावा, जर्मनी और नीदरलैंड्स जैसे देश Gaia-X प्रोजेक्ट के तहत यूरोपीय क्लाउड विकसित कर रहे हैं. इटली, स्पेन, ऑस्ट्रिया ने डिजिटल सर्विसेज टैक्स (DST) लगाया है, जो गूगल, ऐपल, मेटा पर लागू होता है. EU का यह टैक्स ऐपल और गूगल को 4.3 बिलियन यूरो का बोझ डालने वाला है.
  • यूनाइटेड किंगडम: ब्रेक्जिट के बाद भी UK ने DST लागू किया है, जो अमेरिकी टेक पर टैक्स लगाता है. ट्रंप ने इसे ‘भेदभावपूर्ण’ बताकर टैरिफ की धमकी दी है.
  • कनाडा: इसी डिजिटल सर्विसेज टैक्स के कारण ट्रंप ने कनाडा पर 25% टैरिफ लगाने की धमकी दी है. साथ ही, फेंटानिल स्मगलिंग के बहाने ट्रेड पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं.
  • तुर्की: DST और डेटा लोकलाइजेशन नियमों से अमेरिकी कंपनियां प्रभावित हैं. ट्रंप ने इसे ‘अमेरिकी संप्रभुता का उल्लंघन’ बताया है.
  • चीन: ट्रंप की ट्रेड वॉर से चीनी कंपनियां अमेरिकी टेक पर निर्भरता कम कर रही हैं. हुवावे जैसे मामलों ने चीन को अपनी 5G और AI विकसित करने के लिए मजबूर किया.
  • दक्षिण कोरिया: टेक रेगुलेशंस से गूगल और ऐपल पर जुर्माने लगे हैं, जिस पर ट्रंप ने विरोध जताया है.
  • रूस: अमेरिकी सैंक्शंस के जवाब में रूस ने अमेरिकी टेक पर प्रतिबंध लगाए हैं, जैसे गूगल और फेसबुक को ब्लॉक करना.
ये हालात ट्रंप की प्रोटेक्शनिस्ट नीतियों का परिणाम हैं, जो वैश्विक स्तर पर ‘डिजिटल राष्ट्रवाद’ को बढ़ावा दे रही हैं. ट्रंप की नीतियां अमेरिकी टेक कंपनियों को मजबूत बनाने की बजाय कमजोर कर रही हैं, क्योंकि कई देश अब स्थानीय विकल्प चुन रहे हैं. फ्रांस का ऐलान इसका प्रतीक है, जो माइक्रोसॉफ्ट और ज़ूम के लिए अलार्म है. अगर ट्रंप टैरिफ वॉर जारी रखते हैं, तो अमेरिकी कंपनियां और ज्यादा बाजार खो सकती हैं.
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

‘ईरान-अमेरिका के बीच शांति समझौता…………..

ट्रंप ने क्यों रोके हमले ,तो खत्म होने वाला है पश्चिम एशिया में युद्ध…………

by UB India News
August 4, 2026
0

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनके और इस्राइल के बीच अब ईरान पर हमले रोकने पर सहमति...

क्यों बौखलाया गया है पाकिस्तान……………….

क्यों बौखलाया गया है पाकिस्तान……………….

by UB India News
August 1, 2026
0

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में शुक्रवार शाम पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने कायराना हरकत करते हुए दो गैर-स्थानीय मजदूरों को निशाना बनाया....

रूस के बड़े हमले से दहल उठी यूक्रेन की राजधानी कीव …………

रूस के बड़े हमले से दहल उठी यूक्रेन की राजधानी कीव …………

by UB India News
August 1, 2026
0

रूस ने यूक्रेन राजधानी कीव को निशाना बनाकर रातभर मिसाइलों की बौछार की और ड्रोन से भी हमले किए। इन...

अमेरिका का ईरान के 10 से ज्यादा शहरों पर हमला……….

अमेरिका का ईरान के 10 से ज्यादा शहरों पर हमला……….

by UB India News
July 31, 2026
0

जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ईरानी मिसाइल हमले के एक दिन बाद अमेरिका ने ईरान पर बड़े पैमाने पर...

ट्रंप के लिए गले की हड्डी बना ईरान युद्ध- नाटो ने छोड़ा साथ और अमेरिका में जनता खफा !

ट्रेड डील के बीच क्यों बौराये डोनाल्ड ट्रंप?

by UB India News
July 29, 2026
0

भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर बातचीत चल रही है. कुछ मुद्दों पर सहमति न बन पाने...

Next Post
यूजीसी : अदालत की रोक और राजनीति की परीक्षा………

यूजीसी : अदालत की रोक और राजनीति की परीक्षा.........

आर्थिक समीक्षा में हमारी अर्थव्यवस्था की ताकत का पता चलता है…………………

आर्थिक समीक्षा में हमारी अर्थव्यवस्था की ताकत का पता चलता है.....................

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend