महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नेता और नवनिर्वाचित कॉर्पोरेटर यशवंत किल्लेदार ने मंगलवार को मुंबई में बिहार भवन के निर्माण को रोकने का एलान किया. बिहार सरकार मुंबई में कैंसर रोगियों के लिए 240 बिस्तरों वाले छात्रावास के साथ एक 30 मंजिला इमारत बनाने की योजना बना रही है. राज ठाकरे के नेतृत्व वाली एमएनएस ने उत्तर भारतीयों के प्रति अपने कड़े रुख को दोहराते हुए इस परियोजना का विरोध किया है.
किल्लेदार ने तर्क दिया कि महाराष्ट्र इस वक्त किसानों के संकट, महंगी शिक्षा, महंगाई और बेरोजगारी जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है. उन्होंने 314 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिहार सरकार को यह पैसा अपने राज्य में ही खर्च करना चाहिए.
MNS नेता ने क्यों किया विरोध?
यशवंत किल्लेदार ने कहा कि महाराष्ट्र में जनता कई बुनियादी परेशानियों का सामना कर रही है. ऐसे में 314 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि बिहार भवन पर खर्च करना उन्हें मंजूर नहीं है. उन्होंने सुझाव दिया कि अगर बिहार सरकार सच में कैंसर रोगियों की मदद करना चाहती है, तो उसे अपने राज्य बिहार के अंदर ही बेहतर चिकित्सा सुविधाएं और बुनियादी ढांचा विकसित करना चाहिए.
एमएनएस ने दी चेतावनी
राज ठाकरे की पार्टी एमएनएस अपने उत्तर भारतीय विरोधी रुख के लिए जानी जाती है. किल्लेदार ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जब तक मुंबई में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना मौजूद है, तब तक बिहार भवन की एक ईंट भी नहीं लगने दी जाएगी. उन्होंने राज्य की मौजूदा चुनौतियों का जिक्र करते हुए इस प्रोजेक्ट को गैरजरूरी बताया और इसे रोकने की बात कही.







