हार में पटना हाईकोर्ट में सोमवार को एक इतिहास दर्ज हो गया. कोर्ट में जज आरपी मिश्रा की एकलपीठ ने शराबबंदी कानून से संबंधित 510 केसों पर एक साथ सुनवाई की. 150 की यह संख्या पटना हाईकोर्ट में एक दिन में सुनवाई किए गए केसों का अब तक का सर्वाधिक रिकॉर्ड है. इससे पहले किसी भी दिन 500 से कम केसों पर ही सुनवाई का रिकॉर्ड था. हाईकोर्ट की इस ऐतिहासिक सुनवाई ने अदालतों में लंबित मामलों की दिशा में एक अच्छा संदेश दिया है.
475 केसों का ऑन द स्पॉट हुआ निपटारा
जस्टिस आरपी मिश्रा के कोर्ट रूम में कुल 510 केस आए हुए थे. इन सभी केसों को एक-एक कर पुकारा गया।.जहां वकील उपस्थित नहीं हुए, उन केसों को अगली तारीख पर रख दिया गया।. वहीं, जिन केसों में वकील मौजूद थे, उन सभी केसों पर तत्काल सुनवाई हुई. जज ने तेजी दिखाते हुए 475 केसों का ऑन द स्पॉट निपटारा कर दिया. यह सुनवाई पटना हाईकोर्ट के लिए इतिहास बन गई. अब तक पटना हाईकोर्ट में एक दिन में इतने मामलों की एक साथ सुनवाई नहीं हुई थी.
हर पहलू की हुई जांच
पटना हाईकोर्ट में इस रिकॉर्ड सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से सहायक लोक अभियोजक (एपीपी) चौबे जवाहर, रेणु कुमारी और नित्या नंद तिवारी ने शानदार भूमिका निभाई. जहां तीनों एपीपी ने मोटी-मोटी केस डायरियां पढ़कर कोर्ट को अभियुक्तों की पूरी जानकारी, क्राइम हिस्ट्री और तथ्यों का विस्तार से ब्यौरा दिया. वहीं, अभियोजन पक्ष ने कहा कि केस डायरी के हर पहलू की जांच के बाद ही अदालत को फैसला लेने में आसानी हुई. इसके अलावा सरकारी पक्ष की इस तेजी ने सुनवाई की गति को जारी रखा था.
जज आरपी मिश्रा ने की फटाफट सुनवाई
पटना हाईकोर्ट के जज आरपी मिश्रा की इस असाधारण सुनवाई की हर तरफ प्रशंसा हो रही है. एक तरफ उन्होंने पक्षकारों को लंबित मामलों से तुरंत राहत दी. वहीं, दूसरी ओर अन्य न्यायाधीशों के लिए भी एक मिसाल पेश की. ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी गति और कुशलता से काम करने से हाईकोर्ट में लंबित हजारों मामलों का बोझ धीरे-धीरे कम हो सकता है. यह सुनवाई न केवल शराबबंदी कानून के मामलों के लिए थी. बल्कि पूरे न्यायिक तंत्र के लिए एक नया बेंचमार्क साबित हो गई.







