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हाथ में त्रिशूल, माथे पर त्रिपुण्ड और हर-हर महादेव की गूंज,पीएम मोदी की मौजूदगी में शिवमय हुआ सोमनाथ…………..

UB India News by UB India News
January 12, 2026
in अध्यात्म, केंद्रीय राजनीती
0
हाथ में त्रिशूल, माथे पर त्रिपुण्ड और हर-हर महादेव की गूंज,पीएम मोदी की मौजूदगी में शिवमय हुआ सोमनाथ…………..
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पीएम मोदी ने गुजरात के सोमनाथ मंदिर में पूजा की। पीएम ने शिवलिंग पर जल चढ़ाया, फिर फूल अर्पित किए और पंचामृत से अभिषेक किया। पीएम ने मंदिर में करीब 30 मिनट तक पूजा की। बाहर आकर प्रधानमंत्री ने पुजारियों और स्थानीय कलाकारों से मुलाकात की। मोदी ने ढोल (चेंदा वाद्य यंत्र) भी बजाया। इसके बाद पीएम सद्भावना ग्राउंड पहुंचे, वे जनसभा को संबोधित कर रहे हैं।पीएम ने सुबह शंख सर्किल पर शौर्य यात्रा निकाली। पीएम ने एक किमी लंबी यात्रा के दौरान डमरू भी बजाया। PM मोदी शनिवार शाम सोमनाथ पहुंचे थे। यहां सोमनाथ मंदिर पर साल 1026 में हुए पहले आक्रमण के हजार साल पूरे होने पर ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ मनाया जा रहा है। कार्यक्रम का नाम ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ PM ने ही रखा है। यह 8 से 11 जनवरी तक मनाया जा रहा है। सोमनाथ में अपने दौरे के पहले दिन, प्रधानमंत्री ने रोड शो किया था। उन्होंने सोमनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया, ऊं मंत्र के सामूहिक जप में हिस्सा लिया और ड्रोन शो देखा।

महमूद गजनी द्वारा सोमनाथ मंदिर पर किए गए पहले आक्रमण (1026 ईस्वी) के 1000 वर्ष पूरे होने के अवसर पर, देश के पहले ज्योतिर्लिंग सोमनाथ मंदिर परिसर में ‘स्मरणोत्सव स्वाभिमान पर्व’ का भव्य आयोजन किया गया. इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं मंदिर परिसर में मौजूद रहे, जहां उन्होंने प्राचीन आस्था और आधुनिक तकनीक के अद्भुत संगम का नेतृत्व किया. इस महोत्सव का सबसे आध्यात्मिक और ऊर्जावान क्षण वह था जब प्रधानमंत्री ने 1000 सेकंड तक चले ‘ओंकार नाद’ के सामूहिक उच्चारण में भाग लिया. इस अनुभव को साझा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इसकी ऊर्जा से उनका अंतर्मन आनंदित हो रहा है. शनिवार की रात सोमनाथ मंदिर का आकाश आधुनिक तकनीक की रोशनी से जगमगा उठा. मंदिर परिसर में आयोजित भव्य ड्रोन-शो ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया. प्रधानमंत्री ने इस शो को ‘दिव्यता से भरा’ बताया और कहा कि प्राचीन आस्था के साथ आधुनिक टेक्नोलॉजी का यह तालमेल अद्भुत है. उन्होंने कहा कि सोमनाथ की इस पावन भूमि से निकला यह प्रकाशपुंज पूरे विश्व को भारत की सांस्कृतिक शक्ति और अडिग संकल्प का संदेश दे रहा है. (सभी फोटो- @narendramodi)

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प्रधानमंत्री ऑफिस (PMO) ने शुक्रवार को कहा कि स्वाभिमान पर्व महमूद गजनवी के सोमनाथ मंदिर पर हमले के 1,000 साल पूरे होने का जश्न मना रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो मंदिर शहर के दो दिन के दौरे पर शाम को यहां पहुंचे, उन्होंने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के हिस्से के तौर पर हुए इस शो को देखा.
शनिवार को यहां पुराने मंदिर के पास एक मेगा ड्रोन शो हुआ, जिसमें भगवान शिव और ‘शिवलिंग’ की बड़ी तस्वीरों और सोमनाथ मंदिर के 3D चित्रण समेत कई प्लान की गई थीम वाली बनावटें दिखाई गईं.
करीब 15 मिनट के शो के दौरान, एक बनावट में पिछली सदियों में गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में ऐतिहासिक मंदिर को हुए नुकसान को भी दिखाया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर प्रांगण से ड्रोन द्वारा बनाए गए सौरमंडल की तस्वीर को देखते हुए.
यह इवेंट, जिसे देश में किसी मंदिर की जगह के पास होस्ट किए जाने वाले सबसे बड़े ड्रोन शो में से एक बताया जा रहा है, इसमें पटेल और वीर हमीरजी गोहिल जैसी हस्तियों को भी श्रद्धांजलि दी गई, उनकी तस्वीरों को अलग-अलग फॉर्मेशन में दिखाया गया, साथ ही प्रधानमंत्री मोदी की भी तस्वीर दिखाई गई. वीर हमीरजी गोहिल 16वीं सदी के राजपूत योद्धा थे, जिन्हें हमलावरों से सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए उनके बलिदान के लिए जाना जाता है.
इस मामले से वाकिफ एक व्यक्ति ने पहले PTI को बताया, “प्लान के मुताबिक, शो में 3,000 ड्रोन होंगे और यह करीब 15 मिनट तक चलेगा. प्लान किए गए थीम वाले फॉर्मेशन में भगवान शिव के साथ-साथ एक बड़े ‘शिवलिंग’ को भी दिखाया जाएगा.” उन्होंने कहा था कि ड्रोन के कोरियोग्राफ किए गए ग्रुप के ज़रिए हवा में दिखाई जाने वाली भगवान शिव की तस्वीर लगभग 280 मीटर लंबी होगी, जबकि ‘शिवलिंग’ 330 मीटर लंबा होगा.
यह शो IIT दिल्ली की इनक्यूबेटेड टेक कंपनी बोटलैब ने किया था, जिसने पहले कई खास मौकों पर ड्रोन शो ऑर्गनाइज़ किए थे, जिसमें जनवरी 2024 में अयोध्या में राम मंदिर की ‘प्राण प्रतिष्ठा’ भी शामिल है.
आज़ादी के बाद, मंदिर को ठीक करने की कोशिशें वल्लभभाई पटेल ने कीं. इस रिवाइवल के सफ़र में सबसे अहम पड़ाव 1951 में आया, जब ठीक किए गए सोमनाथ मंदिर को उस समय के प्रेसिडेंट राजेंद्र प्रसाद की मौजूदगी में भक्तों के लिए ऑफिशियली खोला गया.
PMO के बयान में कहा गया है कि इसे तोड़ने की बार-बार कोशिशों के बावजूद, सोमनाथ मंदिर आज भी मज़बूती, विश्वास और राष्ट्रीय गौरव का एक मज़बूत प्रतीक है, क्योंकि इसे इसकी पुरानी शान वापस दिलाने के लिए मिलकर कोशिशें की गईं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं का अभिवादन स्वीकार करते हुए. बता दें कि इस मौके पर पूरे शहर को दुल्हन की तरह सजाया गया है. मंदिर की ओर जाने वाली मेन सड़क, शंख सर्कल से वीर हमीरजी गोहिल सर्कल तक, जहां गोहिल की मूर्ति है. इस मौके को मनाने के लिए होर्डिंग्स, बैनर और पोस्टर से सजी हुई थी. शहर में लगाए गए कई बड़े बैनरों पर त्योहार का नाम और ‘अखंड सोमनाथ, अखंड भारत’ लिखा हुआ था.
बोटलैब टीम के एक मेंबर ने कहा कि ड्रोन शो को एक थीमैटिक एरियल कहानी के तौर पर बनाया गया था, जिसमें सटीक कंट्रोल वाली लाइट फॉर्मेशन के ज़रिए स्पिरिचुअलिटी, इतिहास और राष्ट्रीय पहचान को मिलाया गया था.
टेक फर्म ने कहा कि यह सीक्वेंस सदियों से चली आ रही सोमनाथ की यात्रा को दिखाता है, जो कॉस्मिक शुरुआत से लेकर आज के भारत तक है. कंपनी के रिप्रेजेंटेटिव ने कहा कि दूसरी फॉर्मेशन, जिनमें से हर एक एक खास ऐतिहासिक या स्पिरिचुअल थीम से जुड़ी थी, में ‘शिव तांडव: दिव्य ऊर्जा और बैलेंस को दिखाना’, साथ ही ‘अखंड सोमनाथ, अखंड भारत’ लिखा था, जो सभ्यता की निरंतरता को दिखाता है.
गजनवी को लगा सोमनाथ का वजूद मिटाया, मंदिर फिर खड़ा हुआ

पीएम ने कहा- आज उस इतिहास के बारें में कल्पना कीजिए, 1 हजार साल पहले 1026 में गजनवी ने मंदिर को तोड़ा था। उसे लगा उसने सोमनाथ का वजूद मिटा दिया। लेकिन इसके बाद ही मंदिर का पुननिर्माण शुरू हो गया। इसके बाद खिलजी ने मंदिर तोड़ा। लेकिन जूनागढ़ के राजाओं ने फिर से मंदिर का पुननिर्माण करा दिया।

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

लाइव अपडेट्स

पीएम ने कहा- न तो सोमनाथ नष्ट हुआ, न ही भारत

ये भी संयोग है कि आज सोमनाथ आक्रमण के 1 हजार साल पूरे हो रहे हैं। और अब इसके पुनर्निमाण के 75 साल भी पूरे हो रहे हैं। सोमनाथ को नष्ट करने के एक नहीं, अनेकों प्रयास हुए। विदेशी आंक्राताओं द्वारा कई सदियों तक भारत को खत्म करने की कोशिशें होती रहीं। लेकिन न ही सोमनाथ नष्ट हुआ, न ही भारत नष्ट हुए।

मोदी ने कहा- 1000 साल भी सोमनाथ में ध्वज फहरा रहा

आज जब मैं आपसे बात कर रहा हूं तो मन में बार-बार प्रश्न आ रहा है कि ठीक 1 हजार साल पहले इसी जगह जहां आप बैठे हैं, क्या माहौल रहा होगा। हमारे पुरखों ने जान की बजा लगा दी थी अपनी आस्था के लिए अपने विश्वास के लिए, अपने महादेव के लिए अपना सबकुछ न्यौछावर कर दिया।

गजनवी को लगा सोमनाथ का वजूद मिटाया, मंदिर फिर खड़ा हुआ

पीएम ने कहा- आज उस इतिहास के बारें में कल्पना कीजिए, 1 हजार साल पहले 1026 में गजनवी ने मंदिर को तोड़ा था। उसे लगा उसने सोमनाथ का वजूद मिटा दिया। लेकिन इसके बाद ही मंदिर का पुननिर्माण शुरू हो गया। इसके बाद खिलजी ने मंदिर तोड़ा। लेकिन जूनागढ़ के राजाओं ने फिर से मंदिर का पुननिर्माण करा दिया।

पीएम ने कहा- न तो सोमनाथ नष्ट हुआ, न ही भारत

ये भी संयोग है कि आज सोमनाथ आक्रमण के 1 हजार साल पूरे हो रहे हैं। और अब इसके पुनर्निमाण के 75 साल भी पूरे हो रहे हैं। सोमनाथ को नष्ट करने के एक नहीं, अनेकों प्रयास हुए। विदेशी आंक्राताओं द्वारा कई सदियों तक भारत को खत्म करने की कोशिशें होती रहीं। लेकिन न ही सोमनाथ नष्ट हुआ, न ही भारत नष्ट हुए।

मोदी ने कहा- 1000 साल भी सोमनाथ में ध्वज फहरा रहा

आज जब मैं आपसे बात कर रहा हूं तो मन में बार-बार प्रश्न आ रहा है कि ठीक 1 हजार साल पहले इसी जगह जहां आप बैठे हैं, क्या माहौल रहा होगा। हमारे पुरखों ने जान की बजा लगा दी थी अपनी आस्था के लिए अपने विश्वास के लिए, अपने महादेव के लिए अपना सबकुछ न्यौछावर कर दिया।

मोदी बोले- सोमनाथ की गाथा को शब्दों में बयां नहीं कर सकते

यहां 72 घंटों तक अनवरत ओमकार का नाद और मंत्रोच्चार किया गया। सोमनाथ की 1 हजार साल की गाथा का वर्णन और शौर्य यात्रा, सबकुछ मंत्रमुग्ध कर देने वाला है। इस अनुभुति को शब्द अभिव्यक्त नहीं कर सकते हैं। इसे केवल समय ही संकलित कर सकता है।

पीएम ने कहा- ये वातावरण और उत्सव अद्भुत है

साल की गाथा का वर्णन और शौर्य यात्रा, सबकुछ मंत्रमुग्ध कर देने वाला है। इस अनुभुति को शब्द अभिव्यक्त नहीं कर सकते हैं। इसे केवल समय ही संकलित कर सकता है। रैली को संबोधित करते हएु पीएम ने कहा- ये समय अदभुत है। ये वातावरण अद्भुत है। यह उत्सव अद्भुत है। एक और स्वयं देवादिदेव महादेव, दूसरी और समुद्र की लहरें, सूर्य की किरणें, मंत्रों की गूंज , आस्था का ऊफान, इस दिव्य वातावरण में आप सब भक्तों की उपस्थिति इस अवसर को दिव्य बना रही है। भव्य बना रही है और मैं इसे अपना बहुत बड़ा सौभाग्य मानता हूं कि सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में मुझे सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में सेवा का अवसर मिला।

 

पीएम मोदी ने गुजरात के सोमनाथ मंदिर में पूजा की। पीएम ने शिवलिंग पर जल चढ़ाया, फिर फूल अर्पित किए और पंचामृत से अभिषेक किया। पीएम ने मंदिर में करीब 30 मिनट तक पूजा की। बाहर आकर प्रधानमंत्री ने पुजारियों और स्थानीय कलाकारों से मुलाकात की। मोदी ने ढोल (चेंदा वाद्य यंत्र) भी बजाया। इसके बाद पीएम सद्भावना ग्राउंड पहुंचे, वे जनसभा को संबोधित कर रहे हैं।पीएम ने सुबह शंख सर्किल पर शौर्य यात्रा निकाली। पीएम ने एक किमी लंबी यात्रा के दौरान डमरू भी बजाया। PM मोदी शनिवार शाम सोमनाथ पहुंचे थे। यहां सोमनाथ मंदिर पर साल 1026 में हुए पहले आक्रमण के हजार साल पूरे होने पर ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ मनाया जा रहा है। कार्यक्रम का नाम ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ PM ने ही रखा है। यह 8 से 11 जनवरी तक मनाया जा रहा है। सोमनाथ में अपने दौरे के पहले दिन, प्रधानमंत्री ने रोड शो किया था। उन्होंने सोमनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया, ऊं मंत्र के सामूहिक जप में हिस्सा लिया और ड्रोन शो देखा।

महमूद गजनी द्वारा सोमनाथ मंदिर पर किए गए पहले आक्रमण (1026 ईस्वी) के 1000 वर्ष पूरे होने के अवसर पर, देश के पहले ज्योतिर्लिंग सोमनाथ मंदिर परिसर में ‘स्मरणोत्सव स्वाभिमान पर्व’ का भव्य आयोजन किया गया. इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं मंदिर परिसर में मौजूद रहे, जहां उन्होंने प्राचीन आस्था और आधुनिक तकनीक के अद्भुत संगम का नेतृत्व किया. इस महोत्सव का सबसे आध्यात्मिक और ऊर्जावान क्षण वह था जब प्रधानमंत्री ने 1000 सेकंड तक चले ‘ओंकार नाद’ के सामूहिक उच्चारण में भाग लिया. इस अनुभव को साझा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इसकी ऊर्जा से उनका अंतर्मन आनंदित हो रहा है. शनिवार की रात सोमनाथ मंदिर का आकाश आधुनिक तकनीक की रोशनी से जगमगा उठा. मंदिर परिसर में आयोजित भव्य ड्रोन-शो ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया. प्रधानमंत्री ने इस शो को ‘दिव्यता से भरा’ बताया और कहा कि प्राचीन आस्था के साथ आधुनिक टेक्नोलॉजी का यह तालमेल अद्भुत है. उन्होंने कहा कि सोमनाथ की इस पावन भूमि से निकला यह प्रकाशपुंज पूरे विश्व को भारत की सांस्कृतिक शक्ति और अडिग संकल्प का संदेश दे रहा है. (सभी फोटो- @narendramodi)

प्रधानमंत्री ऑफिस (PMO) ने शुक्रवार को कहा कि स्वाभिमान पर्व महमूद गजनवी के सोमनाथ मंदिर पर हमले के 1,000 साल पूरे होने का जश्न मना रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो मंदिर शहर के दो दिन के दौरे पर शाम को यहां पहुंचे, उन्होंने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के हिस्से के तौर पर हुए इस शो को देखा.
शनिवार को यहां पुराने मंदिर के पास एक मेगा ड्रोन शो हुआ, जिसमें भगवान शिव और ‘शिवलिंग’ की बड़ी तस्वीरों और सोमनाथ मंदिर के 3D चित्रण समेत कई प्लान की गई थीम वाली बनावटें दिखाई गईं.
करीब 15 मिनट के शो के दौरान, एक बनावट में पिछली सदियों में गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में ऐतिहासिक मंदिर को हुए नुकसान को भी दिखाया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर प्रांगण से ड्रोन द्वारा बनाए गए सौरमंडल की तस्वीर को देखते हुए.
यह इवेंट, जिसे देश में किसी मंदिर की जगह के पास होस्ट किए जाने वाले सबसे बड़े ड्रोन शो में से एक बताया जा रहा है, इसमें पटेल और वीर हमीरजी गोहिल जैसी हस्तियों को भी श्रद्धांजलि दी गई, उनकी तस्वीरों को अलग-अलग फॉर्मेशन में दिखाया गया, साथ ही प्रधानमंत्री मोदी की भी तस्वीर दिखाई गई. वीर हमीरजी गोहिल 16वीं सदी के राजपूत योद्धा थे, जिन्हें हमलावरों से सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए उनके बलिदान के लिए जाना जाता है.
इस मामले से वाकिफ एक व्यक्ति ने पहले PTI को बताया, “प्लान के मुताबिक, शो में 3,000 ड्रोन होंगे और यह करीब 15 मिनट तक चलेगा. प्लान किए गए थीम वाले फॉर्मेशन में भगवान शिव के साथ-साथ एक बड़े ‘शिवलिंग’ को भी दिखाया जाएगा.” उन्होंने कहा था कि ड्रोन के कोरियोग्राफ किए गए ग्रुप के ज़रिए हवा में दिखाई जाने वाली भगवान शिव की तस्वीर लगभग 280 मीटर लंबी होगी, जबकि ‘शिवलिंग’ 330 मीटर लंबा होगा.
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आज़ादी के बाद, मंदिर को ठीक करने की कोशिशें वल्लभभाई पटेल ने कीं. इस रिवाइवल के सफ़र में सबसे अहम पड़ाव 1951 में आया, जब ठीक किए गए सोमनाथ मंदिर को उस समय के प्रेसिडेंट राजेंद्र प्रसाद की मौजूदगी में भक्तों के लिए ऑफिशियली खोला गया.
PMO के बयान में कहा गया है कि इसे तोड़ने की बार-बार कोशिशों के बावजूद, सोमनाथ मंदिर आज भी मज़बूती, विश्वास और राष्ट्रीय गौरव का एक मज़बूत प्रतीक है, क्योंकि इसे इसकी पुरानी शान वापस दिलाने के लिए मिलकर कोशिशें की गईं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं का अभिवादन स्वीकार करते हुए. बता दें कि इस मौके पर पूरे शहर को दुल्हन की तरह सजाया गया है. मंदिर की ओर जाने वाली मेन सड़क, शंख सर्कल से वीर हमीरजी गोहिल सर्कल तक, जहां गोहिल की मूर्ति है. इस मौके को मनाने के लिए होर्डिंग्स, बैनर और पोस्टर से सजी हुई थी. शहर में लगाए गए कई बड़े बैनरों पर त्योहार का नाम और ‘अखंड सोमनाथ, अखंड भारत’ लिखा हुआ था.
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टेक फर्म ने कहा कि यह सीक्वेंस सदियों से चली आ रही सोमनाथ की यात्रा को दिखाता है, जो कॉस्मिक शुरुआत से लेकर आज के भारत तक है. कंपनी के रिप्रेजेंटेटिव ने कहा कि दूसरी फॉर्मेशन, जिनमें से हर एक एक खास ऐतिहासिक या स्पिरिचुअल थीम से जुड़ी थी, में ‘शिव तांडव: दिव्य ऊर्जा और बैलेंस को दिखाना’, साथ ही ‘अखंड सोमनाथ, अखंड भारत’ लिखा था, जो सभ्यता की निरंतरता को दिखाता है.
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पीएम ने कहा- आज उस इतिहास के बारें में कल्पना कीजिए, 1 हजार साल पहले 1026 में गजनवी ने मंदिर को तोड़ा था। उसे लगा उसने सोमनाथ का वजूद मिटा दिया। लेकिन इसके बाद ही मंदिर का पुननिर्माण शुरू हो गया। इसके बाद खिलजी ने मंदिर तोड़ा। लेकिन जूनागढ़ के राजाओं ने फिर से मंदिर का पुननिर्माण करा दिया।

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