पीएम मोदी ने गुजरात के सोमनाथ मंदिर में पूजा की। पीएम ने शिवलिंग पर जल चढ़ाया, फिर फूल अर्पित किए और पंचामृत से अभिषेक किया। पीएम ने मंदिर में करीब 30 मिनट तक पूजा की। बाहर आकर प्रधानमंत्री ने पुजारियों और स्थानीय कलाकारों से मुलाकात की। मोदी ने ढोल (चेंदा वाद्य यंत्र) भी बजाया। इसके बाद पीएम सद्भावना ग्राउंड पहुंचे, वे जनसभा को संबोधित कर रहे हैं।पीएम ने सुबह शंख सर्किल पर शौर्य यात्रा निकाली। पीएम ने एक किमी लंबी यात्रा के दौरान डमरू भी बजाया। PM मोदी शनिवार शाम सोमनाथ पहुंचे थे। यहां सोमनाथ मंदिर पर साल 1026 में हुए पहले आक्रमण के हजार साल पूरे होने पर ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ मनाया जा रहा है। कार्यक्रम का नाम ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ PM ने ही रखा है। यह 8 से 11 जनवरी तक मनाया जा रहा है। सोमनाथ में अपने दौरे के पहले दिन, प्रधानमंत्री ने रोड शो किया था। उन्होंने सोमनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया, ऊं मंत्र के सामूहिक जप में हिस्सा लिया और ड्रोन शो देखा।
महमूद गजनी द्वारा सोमनाथ मंदिर पर किए गए पहले आक्रमण (1026 ईस्वी) के 1000 वर्ष पूरे होने के अवसर पर, देश के पहले ज्योतिर्लिंग सोमनाथ मंदिर परिसर में ‘स्मरणोत्सव स्वाभिमान पर्व’ का भव्य आयोजन किया गया. इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं मंदिर परिसर में मौजूद रहे, जहां उन्होंने प्राचीन आस्था और आधुनिक तकनीक के अद्भुत संगम का नेतृत्व किया. इस महोत्सव का सबसे आध्यात्मिक और ऊर्जावान क्षण वह था जब प्रधानमंत्री ने 1000 सेकंड तक चले ‘ओंकार नाद’ के सामूहिक उच्चारण में भाग लिया. इस अनुभव को साझा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इसकी ऊर्जा से उनका अंतर्मन आनंदित हो रहा है. शनिवार की रात सोमनाथ मंदिर का आकाश आधुनिक तकनीक की रोशनी से जगमगा उठा. मंदिर परिसर में आयोजित भव्य ड्रोन-शो ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया. प्रधानमंत्री ने इस शो को ‘दिव्यता से भरा’ बताया और कहा कि प्राचीन आस्था के साथ आधुनिक टेक्नोलॉजी का यह तालमेल अद्भुत है. उन्होंने कहा कि सोमनाथ की इस पावन भूमि से निकला यह प्रकाशपुंज पूरे विश्व को भारत की सांस्कृतिक शक्ति और अडिग संकल्प का संदेश दे रहा है. (सभी फोटो- @narendramodi)











पीएम ने कहा- आज उस इतिहास के बारें में कल्पना कीजिए, 1 हजार साल पहले 1026 में गजनवी ने मंदिर को तोड़ा था। उसे लगा उसने सोमनाथ का वजूद मिटा दिया। लेकिन इसके बाद ही मंदिर का पुननिर्माण शुरू हो गया। इसके बाद खिलजी ने मंदिर तोड़ा। लेकिन जूनागढ़ के राजाओं ने फिर से मंदिर का पुननिर्माण करा दिया।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
लाइव अपडेट्स
पीएम ने कहा- न तो सोमनाथ नष्ट हुआ, न ही भारत
ये भी संयोग है कि आज सोमनाथ आक्रमण के 1 हजार साल पूरे हो रहे हैं। और अब इसके पुनर्निमाण के 75 साल भी पूरे हो रहे हैं। सोमनाथ को नष्ट करने के एक नहीं, अनेकों प्रयास हुए। विदेशी आंक्राताओं द्वारा कई सदियों तक भारत को खत्म करने की कोशिशें होती रहीं। लेकिन न ही सोमनाथ नष्ट हुआ, न ही भारत नष्ट हुए।
आज जब मैं आपसे बात कर रहा हूं तो मन में बार-बार प्रश्न आ रहा है कि ठीक 1 हजार साल पहले इसी जगह जहां आप बैठे हैं, क्या माहौल रहा होगा। हमारे पुरखों ने जान की बजा लगा दी थी अपनी आस्था के लिए अपने विश्वास के लिए, अपने महादेव के लिए अपना सबकुछ न्यौछावर कर दिया।
गजनवी को लगा सोमनाथ का वजूद मिटाया, मंदिर फिर खड़ा हुआ
पीएम ने कहा- आज उस इतिहास के बारें में कल्पना कीजिए, 1 हजार साल पहले 1026 में गजनवी ने मंदिर को तोड़ा था। उसे लगा उसने सोमनाथ का वजूद मिटा दिया। लेकिन इसके बाद ही मंदिर का पुननिर्माण शुरू हो गया। इसके बाद खिलजी ने मंदिर तोड़ा। लेकिन जूनागढ़ के राजाओं ने फिर से मंदिर का पुननिर्माण करा दिया।
पीएम ने कहा- न तो सोमनाथ नष्ट हुआ, न ही भारत
ये भी संयोग है कि आज सोमनाथ आक्रमण के 1 हजार साल पूरे हो रहे हैं। और अब इसके पुनर्निमाण के 75 साल भी पूरे हो रहे हैं। सोमनाथ को नष्ट करने के एक नहीं, अनेकों प्रयास हुए। विदेशी आंक्राताओं द्वारा कई सदियों तक भारत को खत्म करने की कोशिशें होती रहीं। लेकिन न ही सोमनाथ नष्ट हुआ, न ही भारत नष्ट हुए।
मोदी ने कहा- 1000 साल भी सोमनाथ में ध्वज फहरा रहा
आज जब मैं आपसे बात कर रहा हूं तो मन में बार-बार प्रश्न आ रहा है कि ठीक 1 हजार साल पहले इसी जगह जहां आप बैठे हैं, क्या माहौल रहा होगा। हमारे पुरखों ने जान की बजा लगा दी थी अपनी आस्था के लिए अपने विश्वास के लिए, अपने महादेव के लिए अपना सबकुछ न्यौछावर कर दिया।
मोदी बोले- सोमनाथ की गाथा को शब्दों में बयां नहीं कर सकते
यहां 72 घंटों तक अनवरत ओमकार का नाद और मंत्रोच्चार किया गया। सोमनाथ की 1 हजार साल की गाथा का वर्णन और शौर्य यात्रा, सबकुछ मंत्रमुग्ध कर देने वाला है। इस अनुभुति को शब्द अभिव्यक्त नहीं कर सकते हैं। इसे केवल समय ही संकलित कर सकता है।
पीएम ने कहा- ये वातावरण और उत्सव अद्भुत है
साल की गाथा का वर्णन और शौर्य यात्रा, सबकुछ मंत्रमुग्ध कर देने वाला है। इस अनुभुति को शब्द अभिव्यक्त नहीं कर सकते हैं। इसे केवल समय ही संकलित कर सकता है। रैली को संबोधित करते हएु पीएम ने कहा- ये समय अदभुत है। ये वातावरण अद्भुत है। यह उत्सव अद्भुत है। एक और स्वयं देवादिदेव महादेव, दूसरी और समुद्र की लहरें, सूर्य की किरणें, मंत्रों की गूंज , आस्था का ऊफान, इस दिव्य वातावरण में आप सब भक्तों की उपस्थिति इस अवसर को दिव्य बना रही है। भव्य बना रही है और मैं इसे अपना बहुत बड़ा सौभाग्य मानता हूं कि सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में मुझे सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में सेवा का अवसर मिला।
पीएम मोदी ने गुजरात के सोमनाथ मंदिर में पूजा की। पीएम ने शिवलिंग पर जल चढ़ाया, फिर फूल अर्पित किए और पंचामृत से अभिषेक किया। पीएम ने मंदिर में करीब 30 मिनट तक पूजा की। बाहर आकर प्रधानमंत्री ने पुजारियों और स्थानीय कलाकारों से मुलाकात की। मोदी ने ढोल (चेंदा वाद्य यंत्र) भी बजाया। इसके बाद पीएम सद्भावना ग्राउंड पहुंचे, वे जनसभा को संबोधित कर रहे हैं।पीएम ने सुबह शंख सर्किल पर शौर्य यात्रा निकाली। पीएम ने एक किमी लंबी यात्रा के दौरान डमरू भी बजाया। PM मोदी शनिवार शाम सोमनाथ पहुंचे थे। यहां सोमनाथ मंदिर पर साल 1026 में हुए पहले आक्रमण के हजार साल पूरे होने पर ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ मनाया जा रहा है। कार्यक्रम का नाम ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ PM ने ही रखा है। यह 8 से 11 जनवरी तक मनाया जा रहा है। सोमनाथ में अपने दौरे के पहले दिन, प्रधानमंत्री ने रोड शो किया था। उन्होंने सोमनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया, ऊं मंत्र के सामूहिक जप में हिस्सा लिया और ड्रोन शो देखा।
महमूद गजनी द्वारा सोमनाथ मंदिर पर किए गए पहले आक्रमण (1026 ईस्वी) के 1000 वर्ष पूरे होने के अवसर पर, देश के पहले ज्योतिर्लिंग सोमनाथ मंदिर परिसर में ‘स्मरणोत्सव स्वाभिमान पर्व’ का भव्य आयोजन किया गया. इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं मंदिर परिसर में मौजूद रहे, जहां उन्होंने प्राचीन आस्था और आधुनिक तकनीक के अद्भुत संगम का नेतृत्व किया. इस महोत्सव का सबसे आध्यात्मिक और ऊर्जावान क्षण वह था जब प्रधानमंत्री ने 1000 सेकंड तक चले ‘ओंकार नाद’ के सामूहिक उच्चारण में भाग लिया. इस अनुभव को साझा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इसकी ऊर्जा से उनका अंतर्मन आनंदित हो रहा है. शनिवार की रात सोमनाथ मंदिर का आकाश आधुनिक तकनीक की रोशनी से जगमगा उठा. मंदिर परिसर में आयोजित भव्य ड्रोन-शो ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया. प्रधानमंत्री ने इस शो को ‘दिव्यता से भरा’ बताया और कहा कि प्राचीन आस्था के साथ आधुनिक टेक्नोलॉजी का यह तालमेल अद्भुत है. उन्होंने कहा कि सोमनाथ की इस पावन भूमि से निकला यह प्रकाशपुंज पूरे विश्व को भारत की सांस्कृतिक शक्ति और अडिग संकल्प का संदेश दे रहा है. (सभी फोटो- @narendramodi)











पीएम ने कहा- आज उस इतिहास के बारें में कल्पना कीजिए, 1 हजार साल पहले 1026 में गजनवी ने मंदिर को तोड़ा था। उसे लगा उसने सोमनाथ का वजूद मिटा दिया। लेकिन इसके बाद ही मंदिर का पुननिर्माण शुरू हो गया। इसके बाद खिलजी ने मंदिर तोड़ा। लेकिन जूनागढ़ के राजाओं ने फिर से मंदिर का पुननिर्माण करा दिया।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
लाइव अपडेट्स
पीएम ने कहा- न तो सोमनाथ नष्ट हुआ, न ही भारत
ये भी संयोग है कि आज सोमनाथ आक्रमण के 1 हजार साल पूरे हो रहे हैं। और अब इसके पुनर्निमाण के 75 साल भी पूरे हो रहे हैं। सोमनाथ को नष्ट करने के एक नहीं, अनेकों प्रयास हुए। विदेशी आंक्राताओं द्वारा कई सदियों तक भारत को खत्म करने की कोशिशें होती रहीं। लेकिन न ही सोमनाथ नष्ट हुआ, न ही भारत नष्ट हुए।
आज जब मैं आपसे बात कर रहा हूं तो मन में बार-बार प्रश्न आ रहा है कि ठीक 1 हजार साल पहले इसी जगह जहां आप बैठे हैं, क्या माहौल रहा होगा। हमारे पुरखों ने जान की बजा लगा दी थी अपनी आस्था के लिए अपने विश्वास के लिए, अपने महादेव के लिए अपना सबकुछ न्यौछावर कर दिया।
गजनवी को लगा सोमनाथ का वजूद मिटाया, मंदिर फिर खड़ा हुआ
पीएम ने कहा- आज उस इतिहास के बारें में कल्पना कीजिए, 1 हजार साल पहले 1026 में गजनवी ने मंदिर को तोड़ा था। उसे लगा उसने सोमनाथ का वजूद मिटा दिया। लेकिन इसके बाद ही मंदिर का पुननिर्माण शुरू हो गया। इसके बाद खिलजी ने मंदिर तोड़ा। लेकिन जूनागढ़ के राजाओं ने फिर से मंदिर का पुननिर्माण करा दिया।
पीएम ने कहा- न तो सोमनाथ नष्ट हुआ, न ही भारत
ये भी संयोग है कि आज सोमनाथ आक्रमण के 1 हजार साल पूरे हो रहे हैं। और अब इसके पुनर्निमाण के 75 साल भी पूरे हो रहे हैं। सोमनाथ को नष्ट करने के एक नहीं, अनेकों प्रयास हुए। विदेशी आंक्राताओं द्वारा कई सदियों तक भारत को खत्म करने की कोशिशें होती रहीं। लेकिन न ही सोमनाथ नष्ट हुआ, न ही भारत नष्ट हुए।
मोदी ने कहा- 1000 साल भी सोमनाथ में ध्वज फहरा रहा
आज जब मैं आपसे बात कर रहा हूं तो मन में बार-बार प्रश्न आ रहा है कि ठीक 1 हजार साल पहले इसी जगह जहां आप बैठे हैं, क्या माहौल रहा होगा। हमारे पुरखों ने जान की बजा लगा दी थी अपनी आस्था के लिए अपने विश्वास के लिए, अपने महादेव के लिए अपना सबकुछ न्यौछावर कर दिया।
मोदी बोले- सोमनाथ की गाथा को शब्दों में बयां नहीं कर सकते
यहां 72 घंटों तक अनवरत ओमकार का नाद और मंत्रोच्चार किया गया। सोमनाथ की 1 हजार साल की गाथा का वर्णन और शौर्य यात्रा, सबकुछ मंत्रमुग्ध कर देने वाला है। इस अनुभुति को शब्द अभिव्यक्त नहीं कर सकते हैं। इसे केवल समय ही संकलित कर सकता है।
पीएम ने कहा- ये वातावरण और उत्सव अद्भुत है
साल की गाथा का वर्णन और शौर्य यात्रा, सबकुछ मंत्रमुग्ध कर देने वाला है। इस अनुभुति को शब्द अभिव्यक्त नहीं कर सकते हैं। इसे केवल समय ही संकलित कर सकता है। रैली को संबोधित करते हएु पीएम ने कहा- ये समय अदभुत है। ये वातावरण अद्भुत है। यह उत्सव अद्भुत है। एक और स्वयं देवादिदेव महादेव, दूसरी और समुद्र की लहरें, सूर्य की किरणें, मंत्रों की गूंज , आस्था का ऊफान, इस दिव्य वातावरण में आप सब भक्तों की उपस्थिति इस अवसर को दिव्य बना रही है। भव्य बना रही है और मैं इसे अपना बहुत बड़ा सौभाग्य मानता हूं कि सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में मुझे सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में सेवा का अवसर मिला।







