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लैंड फॉर जॉब : लालू परिवार को बड़ा झटका , लालू यादव के पूरे परिवार पर आरोप तय

UB India News by UB India News
January 10, 2026
in कानून, पटना, बिहार
0
लैंड फॉर जॉब केस में कोर्ट का बड़ा फैसला ,पूर्व IAS समेत 2 पर चलेगा केस

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लैंड फॉर जॉब मामले में लालू फैमिली को बड़ा झटका लगा है. दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने लैंड फॉर जॉब मामले में आज यानी शुक्रवार को अहम फैसला सुनाया. कोर्ट के इस फैसले से लालू यादव परिवार की मुश्किलें बढ़ गईं. राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में कुल 98 आरोपियों में से 52 आरोपियों को आरोपमुक्त कर दिया है. जबकि बाकी बचे आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के आदेश दिए है. कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में 5 आरोपियों की मृत्यु हो चुकी है, ऐसे में अब 41 लोगों के खिलाफ मुकदमा चलेगा. इस मामले में अगली सुनवाई अब 29 जनवरी को होगी. अदालत ने कहा कि लालू परिवार ने क्रिमिनल सिंडिकेड की तरह काम किया.
दरअसल, दिल्ली की अदालत ने पूर्व रेल मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव समेत उनके परिवार के कई सदस्यों के खिलाफ आरोप तय किए हैं. राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेज प्रताप यादव, तेजस्वी यादव, मीसा भारती और हेमा यादव के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि आरोप गंभीर हैं और इस मामले में विस्तृत ट्रायल की आवश्यक्ता है.
कोर्ट ने अपने आदेश में क्या कहा?
अपने आदेश में कोर्ट ने कहा कि आरोप है कि लालू प्रसाद यादव ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपनी पत्नी और बच्चों के नाम अचल संपत्तियां जुटाईं. अदालत के अनुसार, इस पूरे मामले में अन्य आरोपियों ने भी आपराधिक षड्यंत्र में सक्रिय रूप से सहयोग किया. कोर्ट ने टिप्पणी की कि रेलवे में नौकरियों के बदले जमीन लेने का एक तरह का विनिमय सिस्टम चल रहा था, जिसके तहत कई लोगों को रेलवे में नौकरी दी गई और बदले में उनके या उनके परिजनों की जमीन ली गई.

लैंड फॉर जॉब घोटाला क्या है?

बता दें कि लैंड फॉर जॉब घोटाला, कथित भ्रष्टाचार का केस है। यह साल 2004 से 2009 के बीच हुआ, जब लालू प्रसाद यादव केंद्रीय रेल मंत्री हुआ करते थे। आरोप है कि लालू यादव ने अपने रेल मंत्री के पद का गलत इस्तेमाल किया और इसके जरिए रेलवे के ‘ग्रुप-डी’ के पदों पर नियुक्तियां की। इन नियुक्तियों के बदले उन्होंने और उनके परिवार ने उम्मीदवारों से रियायती दरों पर या गिफ्ट के तौर पर जमीनें हासिल की थीं।

98 आरोपियों में लालू परिवार का कौन-कौन शामिल?

जांच के दौरान, इस केस में लालू यादव के अलावा उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेज प्रताप यादव, बेटे तेजस्वी यादव, बेटियां मीसा भारती और हेमा यादव सहित कुल 98 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इनमें अब लालू परिवार को सदस्यों पर आरोप तय हो गए हैं, जबकि 52 लोगों को आरोप मुक्त किया जा चुका है।

लालू परिवार को कितनी सजा हो सकती है?

लैंड फॉर जॉब स्कैम केस में आरोप तय होने के बाद लालू परिवार के सदस्यों की संभावित सजा पर बात करते हुए सुप्रीम कोर्ट के वकील संदीप मिश्रा ने INDIA TV से बताया, ‘प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के सेक्शन 8, 9, 11, 12 और 13, ये सभी लगे हुए हैं। इन सभी में 7 साल तक की सजा का प्रावधान का है। वहीं, धारा 467, 468 और 471 भी हैं तो कुल मिलाकर इनको अधिकतम 10 साल तक की सजा हो सकती है, अगर सारी सजाएं एक साथ चलती हैं। लेकिन सजा अगर एक के बाद एक शुरू करने वाला कोई ऑर्डर अदालत देती है तो इसमें ये सजा बढ़ भी सकती है।’

अलग-अलग सजा को लेकर प्रावधान क्या है?

उन्होंने आगे कहा, ‘अदालत जब आदेश देती है, तो कहती है कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी, तो उसमें जो अपर साइड सजा होती है, वही सजा दोषी को भुगतनी पड़ती है। यानी अधिकतम जितने साल की सजा कोर्ट की तरफ से सुनाई जाती है, उतने साल ही दोषी को जेल में रहना पड़ता है।’

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