आज भी बंगाल की राजनीति में सियासी ड्रामा जारी है. तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी दिल्ली में प्रदर्शन कर रही हैं और अपने मार्च के जरिए अमित शाह पर निशाना साध रही हैं. ममता बनर्जी ने बीजेपी पर आरोप लगाया है कि ईडी का चुनावों से पहले राजनीतिक इस्तेमाल किया जा रहा है. कोर्ट में याचिकाएं दाखिल की गई हैं, और अब कोर्ट का निर्णय महत्वपूर्ण होगा. इस बीच, ईडी ने कोलकाता में आई-पैक प्रमुख प्रतीक जैन के ठिकानों पर रेड की है, जिससे राजनीतिक विवाद और बढ़ गया है.
टीएमसी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियां चुनाव से पहले पार्टी के रणनीतिक दस्तावेजों तथा डेटा को हाथ लगाने की कोशिश कर रही हैं, जिससे राजनीतिक माहौल और गरमाया गया है। पार्टी का कहना है कि यह कार्रवाई चुनाव वर्ष में राजनीतिक दबाव पैदा करने की साजिश का हिस्सा है। दिल्ली समेत कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन जारी है, जिसमें टीएमसी नेताओं ने प्रवर्तन निदेशालय की I‑PAC के खिलाफ छापेमारी का विरोध करते हुए केंद्र सरकार पर कड़ी टिप्पणियां कीं।
टीएमसी सुप्रीमो बनर्जी दोपहर दो बजे जादवपुर 8बी बस स्टैंड से हाजरा मोड़ तक मार्च का नेतृत्व करेंगी। उन्होंने ईडी की कार्रवाई को ‘राजनीतिक रूप से प्रेरित’ बताया और कहा कि इसका मकसद विधानसभा चुनावों से पहले सत्तारूढ़ पार्टी को डराना है।
टीएमसी सांसदों के विरोध पर भाजपा नेता समिक भट्टाचार्य का कटाक्ष
दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर टीएमसी सांसदों के विरोध प्रदर्शन पर पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष और सांसद समिक भट्टाचार्य ने तीखी प्रतिक्रिया दी।उन्होंने कहा ‘टीएमसी नेता पश्चिम बंगाल के लोगों के सामने विरोध प्रदर्शन नहीं कर सकते। जनता ने टीएमसी को समझ लिया है। अगर टीएमसी भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन करेगी तो जनता हंसेगी। एक मुख्यमंत्री फाइलें छीन रहा है और ED जांच कर रही है, जबकि राजनीतिक कार्यालय पर छापेमारी नहीं हुई। टीएमसी नेता कोयला घोटाले में शामिल हैं। टीएमसी और भ्रष्टाचार पर्यायवाची हैं।’
कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने आई-पैक पर ईडी की छापेमारी के खिलाफ कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। टीएमसी की याचिका में कहा गया है कि पार्टी पश्चिम बंगाल में SIR के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही थी, जिसके चलते ईडी ने पार्टी के राजनीतिक रणनीति कार्यालय और इसके सह-संस्थापक के निवास पर छापेमारी की। याचिका में यह भी कहा गया है कि गोपनीय डेटा और दस्तावेजों को अवैध रूप से जब्त किया गया, जो कानून के खिलाफ है। टीएमसी ने अदालत से ईडी की कार्रवाई को रोकने और अवैध दस्तावेज जब्ती को रद्द करने की मांग की है।
विरोध प्रदर्शन के बाद टीएमसी सांसदों को संसद स्ट्रीट थाने ले जाया गया
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करने के बाद टीएमसी सांसदों को संसद स्ट्रीट पुलिस थाने ले जाया गया। पुलिस ने सांसदों को हिरासत में लेकर थाने में रखा और मामले की जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई उनके कार्यालय के बाहर हुए विरोध के तुरंत बाद की गई।
टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन और महुआ मोइत्रा हिरासत में
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद डेरेक ओ ब्रायन, महुआ मोइत्रा समेत आठ सांसदों को पुलिस ने हिरासत में लिया। यह कार्रवाई तब हुई जब शुक्रवार सुबह पार्टी के सांसदों ने दिल्ली में गृह मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन किया। डेरेक ओ ब्रॉयन, महुआ मोइत्रा, कीर्ति आजाद नारेबाजी करते नजर आए। सांसदों ने बंगाल मोदी-शाह की गंदी चालें नहीं चलेंगी के नारे लगाए।
बंगाल में ED की कार्रवाई का दिल्ली तक विरोध, महुआ मोइत्रा समेत कई सांसद सड़कों पर; सरकार को घेरा
टीएमसी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियां चुनाव से पहले पार्टी के रणनीतिक दस्तावेजों तथा डेटा को हाथ लगाने की कोशिश कर रही हैं, जिससे राजनीतिक माहौल और गरमाया गया है। पार्टी का कहना है कि यह कार्रवाई चुनाव वर्ष में राजनीतिक दबाव पैदा करने की साजिश का हिस्सा है। दिल्ली समेत कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन जारी है, जिसमें टीएमसी नेताओं ने प्रवर्तन निदेशालय की I‑PAC के खिलाफ छापेमारी का विरोध करते हुए केंद्र सरकार पर कड़ी टिप्पणियां कीं।
टीएमसी का विरोध प्रदर्शन क्यों हो रहा, कल क्या-क्या हुआ?
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में गुरुवार सुबह उस वक्त हंगामा मच गया, जब तृणमूल कांग्रेस के लिए काम करने वाली राजनीतिक परामर्श फर्म I-PAC पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी सामने आई। ईडी ने आईपैक के ऑफिस और फर्म के मुखिया प्रतीक जैन के घर पर छापा मारा, जिसके बाद अब प्रतीक जैन के परिवार ने दस्तावेज चोरी का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गुरुवार सुबह करीब 6 बजे प्रतीक जैन के लाउडन स्ट्रीट स्थित आवास पर ईडी की छापेमारी शुरू हुई, जो करीब 9 घंटे तक चली। दोपहर करीब 3 बजे जब ईडी की टीम वहां से रवाना हुई। इसी बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अचानक प्रतीक जैन के घर और सॉल्ट लेक में उनके ऑफिस पहुंचीं, जहां ईडी की छापेमारी चल रही थी।







