मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की रिटायरमेंट को लेकर भले ही सियासी गलियारों में चर्चाएं चल रही हों, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है. नीतीश कुमार के कदम अभी नहीं थम रहे क्योंकि उनको लेकर नया प्रोग्राम आ रहा है कि उम्र के इस पड़ाव पर भी वह इतने ऊर्जावान कैसे हैं. बता दें कि 74 वर्ष की उम्र में भी नीतीश कुमार एक बार फिर पूरे बिहार की यात्रा पर निकलने की तैयारी में हैं. यह उनके मुख्यमंत्रित्व काल की 16वीं बड़ी यात्रा होगी जो मकर संक्रांति के बाद शुरू होने की संभावना है. मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से यात्रा की तारीख और कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा जल्द किए जाने की उम्मीद है.
क्यों जरूरी मानी जा रही है यह यात्रा?
मिली जानकारी के अनुसार प्रस्तावित बिहार यात्रा का मुख्य उद्देश्य सरकार की योजनाओं की जमीनी हकीकत जानना है. मुख्यमंत्री यह देखना चाहते हैं कि बीते वर्ष प्रगति यात्रा और अन्य कार्यक्रमों के दौरान जिन योजनाओं की घोषणा की गई थी, वे धरातल पर किस स्थिति में हैं. क्या योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं-यही इस यात्रा का केंद्र बिंदु होगा.
नीतीश की पिछली यात्राओं पर एक नजर
बता दें कि नीतीश कुमार 2005 से अब तक 15 यात्राएं निकाल चुके हैं. इनमें न्याय यात्रा, विकास यात्रा, धन्यवाद यात्रा, प्रवास यात्रा, विश्वास यात्रा, सेवा यात्रा, अधिकार यात्रा, संकल्प यात्रा, संपर्क यात्रा, निश्चय यात्रा, समीक्षा यात्रा, जल-जीवन-हरियाली यात्रा, समाज सुधार यात्रा, समाधान यात्रा और प्रगति यात्रा शामिल हैं. ये यात्राएं हमेशा विकास और जनकल्याण पर केंद्रित रही हैं. अब 16वीं यात्रा से राजनीतिक हलकों में उत्सुकता है, क्योंकि यह नीतीश के नेतृत्व को और मजबूत कर सकती है. उनकी उम्र को लेकर चर्चा होती है, लेकिन उनकी ऊर्जा युवाओं जैसी है.
नीतीश कुमार की अब तक की यात्राओं की तिथिवार सूची
| यात्रा की क्रम संख्या | CM नीतीश की यात्राओं के नाम | यात्रा प्रारंभ होने की तिथि |
| नीतीश कुमार की पहली यात्रा | न्याय यात्रा | 12 जुलाई 2005 |
| नीतीश कुमार की दूसरी यात्रा | विकास यात्रा | 1 जनवरी 2009 |
| नीतीश कुमार की तीसरी यात्रा | धन्यवाद यात्रा | 17 जून 2009 |
| नीतीश कुमार की चौथी यात्रा | प्रवास यात्रा | 25 दिसंबर 2009 |
| नीतीश कुमार की पांचवीं यात्रा | विश्वास यात्रा | 28 अप्रैल 2010 |
| नीतीश कुमार की छठी यात्रा | सेवा यात्रा | 9 नवंबर 2011 |
| नीतीश कुमार की सातवीं यात्रा | अधिकार यात्रा | 19 सितंबर 2012 |
| नीतीश कुमार की आठवीं यात्रा | संकल्प यात्रा | 5 मार्च 2014 |
| नीतीश कुमार की नवीं यात्रा | संपर्क यात्रा | 13 नवंबर 2014 |
| नीतीश कुमार की दसवीं यात्रा | निश्चय यात्रा | 9 नवंबर 2016 |
| नीतीश कुमार की ग्यारहवीं यात्रा | विकास कार्यों की समीक्षा यात्रा | 12 दिसंबर 2017 |
| नीतीश कुमार की बारहवीं यात्रा | जल-जीवन-हरियाली यात्रा | 3 दिसंबर 2019 |
| नीतीश कुमार की तेरहवीं यात्रा | समाज सुधार यात्रा | 22 दिसंबर 2021 |
| नीतीश कुमार की चौदहवीं यात्रा | समाधान यात्रा | 4 जनवरी 2023 |
| नीतीश कुमार की पंद्रहवीं यात्रा | प्रगति यात्रा | 23 दिसंबर 2024 |
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रस्तावित यात्रा को लेकर जेडीयू सांसद रामप्रीत मंडल ने कहा कि, नीतीश कुमार की यात्रा से हम ऊर्जावान हो जाते हैं. चुनाव के दौरान बरसात में लोग अपने घर में छुपते थे, चुनाव में नहीं निकले, लेकिन इस उम्र में भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार निकले और जनता के बीच गए. उन्होंने पूरे हिंदुस्तान को दिखाया कि अभी हम बूढ़े नहीं हुए हैं. रोज 800 किलोमीटर की यात्रा उन्होंने तय की और 202 सीट मिली है. सांसद ने कहा कि नीतीश कुमार की ऊर्जा से जनता को भी इससे सीखने को मिला और हम भी इंस्पायर्ड हुए. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बहुत सारी योजना, परियोजना लेकर जनता के बीच जाएंगे और कहीं शिलान्यास करेंगे तो कहीं उद्घाटन करेंगे.
योजनाओं की समीक्षा और नई सौगातें
मुख्यमंत्री की संभावित यात्रा को देखते हुए राज्य के सभी जिलों में प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है. सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को आवश्यक तैयारियों के निर्देश दिए गए हैं. सुरक्षा, यातायात, जनसभा और समीक्षा बैठकों की रूपरेखा पहले से तैयार की जा रही है ताकि मुख्यमंत्री का दौरा सुचारु रूप से संपन्न हो सके. इस यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विकास योजनाओं की समीक्षा करेंगे. जिन जिलों में योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, वहां लोकार्पण और उद्घाटन भी संभव है. इसके साथ ही यह भी संकेत मिल रहे हैं कि यात्रा के दौरान कुछ नई योजनाओं की घोषणा की जा सकती है.
अधिकारियों-जनप्रतिनिधियों से सीधा संवाद
जानकारी के अनुसार नीतीश कुमार की इस यात्रा का उद्देश्य खासकर ‘सात निश्चय-3’ के तहत शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और ‘ईज ऑफ लिविंग’ जैसे मुद्दों पर फोकस रहेगा. मुख्यमंत्री अपनी यात्रा के दौरान जिलों में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठकें करेंगे। इन बैठकों में योजनाओं की प्रगति, कमियों और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा होगी. नीतीश कुमार का यह तरीका पहले भी देखने को मिला है, जहां वे कागजी रिपोर्ट से ज्यादा जमीनी फीडबैक को महत्व देते रहे हैं.
चुनाव जीतने के बाद पहली बड़ी जनसंपर्क यात्रा
विधानसभा चुनाव में एनडीए की जीत के बाद यह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहली बड़ी जनसंपर्क यात्रा है. चुनाव परिणामों के बाद वह पहली बार सीधे जनता के बीच जाकर संवाद करेंगे. माना जा रहा है कि इस दौरान मुख्यमंत्री जनता का आभार व्यक्त करने के साथ-साथ उनकी समस्याएं भी सुनेंगे. 74 साल की उम्र में 16वीं यात्रा पर निकलने की तैयारी कर रहे मुख्यमंत्री यह साफ कर रहे हैं कि बिहार की राजनीति में उनका रोल अभी खत्म नहीं हुआ है.
रिटायरमेंट की चर्चा बनाम राजनीतिक सक्रियता
जहां एक ओर उम्र को लेकर उनके रिटायरमेंट की चर्चा होती रही है, वहीं दूसरी ओर बार-बार की यात्राएं यह संकेत देती हैं कि नीतीश कुमार फिलहाल राजनीति से दूरी बनाने के मूड में नहीं हैं. उनकी सक्रियता यह बताती है कि वे अब भी प्रशासन और राजनीति दोनों मोर्चों पर पूरी तरह सक्रिय हैं. कुल मिलाकर नीतीश कुमार की प्रस्तावित बिहार यात्रा यह संदेश देती है कि अनुभव के साथ ऊर्जा अगर बनी रहे, तो उम्र सिर्फ एक आंकड़ा रह जाती है.







