बिहार में चल रहे बंगला विवाद के बीच जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने भवन निर्माण विभाग को पत्र लिखकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज कर दी है. नीरज कुमार ने पत्र में रात के समय सरकारी परिसर से सामान ले जाने के मामले पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसकी पारदर्शी जांच की मांग की है. नीरज कुमार ने स्पष्ट रूप से पूछा है कि रात के अंधेरे में जिस सामान को ले जाया गया, वह क्या सरकारी संपत्ति थी और यदि ऐसा है तो उसे किस अधिकार और किस आदेश पर हटाया गया.
अपने पत्र में जेडीयू प्रवक्ता ने इस बात पर भी सवाल खड़े किए हैं कि जिस समय सामान ले जाने की गतिविधि हुई, उस दौरान लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी उस आवास में मौजूद नहीं थे. ऐसे में यह गंभीर प्रश्न खड़ा होता है कि उनकी अनुपस्थिति में परिसर में गाड़ियों का प्रवेश किसके निर्देश पर कराया गया. नीरज कुमार ने इसे नियमों और प्रक्रियाओं से जुड़ा मामला बताते हुए कहा है कि सरकारी परिसरों में किसी भी प्रकार की आवाजाही और सामग्री के स्थानांतरण के लिए स्पष्ट अनुमति और रिकॉर्ड का होना अनिवार्य है.
नीरज कुमार ने कर दी बड़ी मांग
नीरज कुमार ने भवन निर्माण विभाग से आग्रह किया है कि इस पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि सरकारी संपत्तियों का सही तरीके से सत्यापन किया गया हो. उन्होंने कहा कि प्रत्येक सरकारी संपत्ति का पूरा रिकॉर्ड, सूची और दस्तावेज विभाग के पास उपलब्ध होना चाहिए, ताकि किसी भी तरह के भ्रम या विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो. उनका कहना है कि यदि संपत्ति निजी थी, तो उसकी भी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए, जिससे स्थिति पूरी तरह साफ हो सके.
नीरज कुमार ने विभाग से अपेक्षा जताई है कि वह नियमों के अनुरूप कार्रवाई करते हुए पूरे घटनाक्रम पर स्थिति साफ करे. इस मामले को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं. विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच बयानबाजी का दौर शुरू होने की संभावना जताई जा रही है. अब सभी की निगाहें भवन निर्माण विभाग की ओर टिकी हैं कि वह इस पत्र पर क्या कार्रवाई करता है और मामले में क्या स्पष्टीकरण सामने आता है.







