हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार में कमजोरी देखने को मिली। विदेशी निवेशकों की बिकवाली के दबाव के बीच सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में गिरावट दर्ज की गई। बाजार की धारणा कमजोर बनी रही, जिसका असर कम ट्रेडिंग वॉल्यूम और घरेलू स्तर पर किसी बड़े सकारात्मक संकेत की कमी के रूप में दिखा।
शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 183.42 अंक गिरकर 85,225.28 पर आ गया। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 46.45 अंक गिरकर 26,095.65 पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 22 पैसे गिरकर 89.93 पर आ गया।
सेंसेक्स की कंपनियों का हाल

सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से बजाज फाइनेंस, सन फार्मा, इटरनल, टाटा स्टील, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और भारती एयरटेल सबसे पिछड़ने वाली कंपनियों में शामिल थीं। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, टाइटन, इंफोसिस और अल्ट्राटेक सीमेंट लाभ कमाने वाली कंपनियों में शामिल थीं।
निफ्टी के शेयरों का हाल

एशियाई बाजारों में रहा मिला-जुला कारोबार
एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई 225 सूचकांक सकारात्मक दायरे में कारोबार कर रहे थे, जबकि शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक नीचे दर्ज किया गया। क्रिसमस के उपलक्ष्य में गुरुवार को घेरलू बाजार और अमेरिकी बाजार बंद रहे।
क्या है विशेषज्ञों की राय?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा कि अमेरिका-भारत व्यापार समझौते जैसे नए उत्प्रेरकों के अभाव में, बाजार के मौजूदा स्तरों के आसपास स्थिर रहने की संभावना है।
मेहता इक्विटीज लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (अनुसंधान) प्रशांत तापसे ने कहा कि कम अवकाशकालीन बिक्री, एफआईआई द्वारा 1,721 करोड़ रुपये की बिकवाली और मजबूत घरेलू संकेतों के अभाव के कारण बाजार सीमित दायरे में और अस्थिर बने हुए हैं, जिससे बाजार का माहौल नाजुक बना हुआ है।
ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़कर 62.31 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.11 प्रतिशत बढ़कर 62.31 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 1,721.26 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 2,381.34 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। बुधवार को सेंसेक्स 116.14 अंक या 0.14 प्रतिशत गिरकर 85,408.70 पर बंद हुआ। निफ्टी 35.05 अंक या 0.13 प्रतिशत गिरकर 26,142.10 पर आ गया।
सोने की कीमत ने तोड़ा रिकॉर्ड
साल 2025 का अंत होने जा रहा है, लेकिन सोना-चांदी की चमक फीकी पड़ने का नाम नहीं ले रही है। साल के आखिरी दिनों में सोना और चांदी दोनों ही रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए हैं। 26 दिसंबर की सुबह देशभर के सराफा बाजारों में सोने की कीमत ने नया इतिहास रच दिया, जबकि चांदी की कीमत में एक झटके में भारी उछाल देखने को मिला। निवेशकों और ज्वेलरी खरीदारों के लिए यह खबर बेहद अहम मानी जा रही है।
राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव बढ़कर 1,39,410 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। वहीं मुंबई में 24 कैरेट गोल्ड 1,39,260 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। 22 कैरेट सोने की बात करें तो दिल्ली में इसका रेट 1,27,810 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है। मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में 22 कैरेट सोने की कीमत 1,27,660 रुपये प्रति 10 ग्राम और 24 कैरेट गोल्ड 1,39,260 रुपये प्रति 10 ग्राम है। पुणे और बेंगलुरु में भी यही भाव देखने को मिल रहा है। लगातार बढ़ती कीमतों ने सोने को एक बार फिर मजबूत इन्वेस्टमेंट ऑप्शन के तौर पर स्थापित कर दिया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर
सोने की कीमतों में तेजी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार का बड़ा योगदान है। ग्लोबर मार्केट में सोने का हाजिर भाव 4,525.96 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच चुका है। जानकारों के मुताबिक, इस साल अब तक सोने में करीब 73.7 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई है। दिग्गज निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स का अनुमान है कि अगले साल दिसंबर तक सोना 4,900 डॉलर प्रति औंस तक जा सकता है। बैंक का कहना है कि दुनिया के कई केंद्रीय बैंक लगातार सोने की खरीदारी कर रहे हैं, जिससे आने वाले समय में भी कीमतों को सपोर्ट मिलेगा।
चांदी में भी जबरदस्त उछाल
सोने के साथ-साथ चांदी ने भी निवेशकों को चौंका दिया है। 26 दिसंबर को चांदी की कीमत 8460 बढ़कर 2,32,741 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी का हाजिर भाव 72.70 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया है। इस साल अब तक विदेशी बाजारों में चांदी की कीमतों में 151 प्रतिशत और घरेलू बाजार में करीब 153 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की जा चुकी है।







