कर्नाटक के चित्रदुर्ग में एनएच-48 पर लॉरी ने प्राइवेट बस में टक्कर मार दी गई। टक्कर के बाद बस में आग लग गई। हादसे में बस में सवार 12 लोग जिंदा जल गए। ट्रक डाइवर की भी जलकर मौत हो गई है। हादसे के वक्त बस में 32 लोग सवार थे। घायलों को हिरियूर और चित्रदुर्ग के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।प्राइवेट बस बेंगलुरु से शिवमोग्गा जा रही थी। बताया जा रहा है कि हिरियूर से बेंगलुरु जा रही लॉरी के ड्राइवर ने लापरवाही से डिवाइडर पार किया। इसी दौरान बेंगलुरु से शिवमोग्गा जा रही बस से टक्कर हो गई।
इस सड़क हादसे में निजी स्लीपर कोच बस से एक स्कूल की बस भी टकराई थी। इस दुर्घटना में इस बस को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। स्कूल बस के ड्राइवर और चश्मदीद ने बताया कि ‘ट्रक डिवाइडर से टकराकर दूसरी लेन में आ गया। ट्रक ने स्लीपर बस को टक्कर मारी, उस बस ने हमारी स्कूल बस को टक्कर मारी।’
‘धमाका हुआ और फिर हम कुछ नहीं कर सके’, बोला चश्मदीद
चश्मदीद ने बताया, ‘हम बंगलूरू से दांडेली जा रहे थे। बस में कोई बच्चा घायल नहीं हुआ। फिर हमने लोगों के चीखने की आवाज सुनी। तब तक दूसरी बस में आग लग चुकी थी। हमने कुछ लोगों की मदद की, लेकिन धमाके के बाद हम कुछ नहीं कर सके।’
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। वहीं पुलिस की ओर से जारी बयान के मुताबिक सड़क हादसे की शुरुआती जांच में ट्रक ड्राइवर की लापरवाही की बात सामने आई है। आईजीपी बीआर रविकांत गौड़ा ने कहा कि तीन लोग लापता हैं, उम्मीद है कि वे जिंदा होंगे। उन्होंने बताया कि एक शख्स की हालत गंभीर है, उसका अस्पताल में इलाज जारी है।
दुर्घटना के बाद हवा में फैला काले धुएं का गुबार
दुर्घटनास्थल की विचलित करने वाली तस्वीरों के अनुसार दुर्घटना के तुरंत बाद बस पूरी तरह से आग की लपटों में घिरी गई थी। इस दौरान काले धुएं का घना गुबार हवा में फैल गया, जिसे काफी दूर से देखा जा सकता था। सड़क हादसे में बस जलकर पूरी तरह खाक हो गई।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बुधवार देर रात करीब दो बजे हिरियूर के पास एक तेज रफ्तार कंटेनर ट्रक ने एक निजी लक्जरी स्लीपर बस को टक्कर मार दी, जिससे बस में आग लग गई और कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई.
‘मैंने सामने से वाहन आते देखा’
इस दुर्घटना में बस चालक रफीक घायल हो गया जिसका इलाज हो रहा है. उसने संवाददाताओं से कहा, ‘ट्रक सड़क पर बने डिवाइडर के दूसरी ओर से सामने आया और टकरा गया. ट्रक की रफ्तार बहुत तेज थी. उस समय मैं 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बस चला रहा था. मैंने सामने से वाहन को आते देखा. मुझे केवल इतना याद है कि ट्रक बस से टकराया, उसके बाद क्या हुआ और मुझे कैसे बाहर निकाला गया, यह मुझे नहीं पता.’
‘मैं नियंत्रण नहीं कर सका’
बस चालक ने कहा, ‘सामने से वाहन को आते देख मैंने बस को नियंत्रित करने की कोशिश की. मेरी बस बगल से जा रहे एक अन्य वाहन से भी छू गई थी. मुझे नहीं पता वह कौन सा वाहन था, लेकिन मैं नियंत्रण नहीं कर सका.’ बस के खलासी मोहम्मद सादिक को हादसे में मामूली चोट आई है और उनका भी इलाज हो रहा है.
सादिक ने बताया कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि वह बस से बाहर जा गिरे. उन्होंने कहा, ‘सामने से आ रहे ट्रक ने टक्कर मारी. मैं बस के अगले हिस्से में था और हादसे के समय सो रहा था. टक्कर के प्रभाव से बस का शीशा टूट गया और मैं बाहर जा गिरा.’







