बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों और दीपू चंद्र दास की मॉब लिंचिंग के खिलाफ भोपाल में भी विश्व हिंदू परिषद और अन्य हिंदू संगठनों ने बड़ा विरोध प्रदर्शन किया.
हाई कोर्ट बार एसोसिएशन जम्मू ने भी बांग्लादेश में हिन्दू समुदाय पर हो रहे हमलों के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया. इस दौरान वकीलों ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिन्दुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर नारेबाज़ी की.
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट निर्मल कोतवाल ने कहा कि जम्मू के लोग बांग्लादेश में रह रहे हिन्दुओं के साथ मजबूती से खड़े हैं. उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि बांग्लादेश सरकार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया जाए और वहां हिन्दुओं की सुरक्षा पुख्ता की जाए.
एडवोकेट निर्मल कोतवाल ने यह भी मांग की कि जम्मू में रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों और रोहिंग्याओं की गहन जांच की जाए, ताकि किसी भी तरह की सुरक्षा चूक को रोका जा सके. प्रदर्शन के दौरान बार एसोसिएशन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस मुद्दे को गंभीरता से उठाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया.
विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल सहित कई अन्य हिंदू संगठनों ने दिल्ली में बांग्लादेश हाई कमीशन के पास विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान उन्होंने बैरिकेड्स तोड़ने की भी कोशिश की, लेकिन पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करके उन्हें रोक दिया
वीएचपी और बजरंग दल के सदस्यों ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों और दीपू चंद्र दास की बेरहमी से भीड़ द्वारा की गई लिंचिंग के विरोध में बांग्लादेशी उच्चायोग के बाहर बड़ा विरोध प्रदर्शन किया.
बांग्लादेश में दीपू चंद्र दास की मॉब लिंचिंग के खिलाफ विश्व हिंदू परिषद द्वारा घोषित विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली में बांग्लादेश हाई कमीशन के पास बड़ी संख्या में सुरक्षा बल की तैनाती की गई है.
बांग्लादेश हाई कमीशन के पास वीएचपी के कुछ कार्यकर्ता प्रोटेस्ट के लिए पहुंचे हैं. उधर बांग्लादेश विदेश मंत्रालय ने भारत में बांग्लादेश के राजनयिक मिशनों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए आज भारत के उच्चायुक्त प्रणय वर्मा को तलब किया. विदेश सचिव असद आलम सियाम ने सुबह करीब 10 बजे भारतीय दूत को बुलाकर नई दिल्ली, कोलकाता और अगरतला स्थित बांग्लादेशी मिशनों की सुरक्षा स्थिति से अवगत कराया.
दिल्ली में बांग्लादेश उच्चायोग के पास बढ़ाई गई सुरक्षा, वीजा और काउंसलर कामकाज बंद
विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और बजरंग दल के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में बांग्लादेश उच्चायोग के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस ने उच्चायोग के आसपास अतिरिक्त बल तैनात किया है और आने-जाने वाले सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है.
उधर बांग्लादेश उच्चायोग में वीजा और काउंसलर सेवाओं का कामकाज अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है. उच्चायोग के बाहर गेट नंबर तीन पर इस संबंध में एक नोटिस भी लगाया गया है, जिसमें साफ तौर पर वीजा और काउंसलर सेवाओं के निलंबन की जानकारी दी गई है.
AIMSA ने पीएम मोदी से की हिफाजत की अपील
ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआईएमएसए) ने बांग्लादेश में फंसे भारतीय मेडिकल छात्रों की सुरक्षा को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है. इस पत्र में एआईएमएसए ने भारत सरकार से तत्काल और प्रभावी हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि मौजूदा हालात में बांग्लादेश में रह रहे भारतीय मेडिकल छात्रों की स्थिति बेहद असुरक्षित और चिंताजनक बनी हुई है.
एआईएमएसए ने पत्र में बताया कि संगठन को लगातार बांग्लादेश में पढ़ रहे मेडिकल छात्रों और उनके परिजनों से गंभीर और परेशान करने वाली जानकारियां मिल रही हैं. छात्रों का कहना है कि वहां के हालात अस्थिर हैं और वे लगातार डर, तनाव और असुरक्षा के माहौल में जीवन बिता रहे हैं. इस स्थिति ने न केवल छात्रों, बल्कि भारत में रह रहे उनके परिवारों को भी गहरे मानसिक तनाव में डाल दिया है.
एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय छात्र जब विदेशों में मेडिकल की पढ़ाई करने जाते हैं, तो उन्हें भारत सरकार पर पूरा भरोसा होता है. उन्हें यह विश्वास रहता है कि किसी भी संकट की घड़ी में देश उनके साथ मजबूती से खड़ा रहेगा. एआईएमएसए ने लिखा कि मौजूदा परिस्थितियों में बांग्लादेश में फंसे छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कूटनीतिक पहल और ठोस सुरक्षात्मक कदम उठाना बेहद जरूरी हो गया है ताकि छात्रों और उनके परिवारों का भरोसा बना रहे.
बांग्लादेश के मयमनसिंह जिले में हाल ही में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की उग्र भीड़ ने हत्या कर दी थी. उस पर ईशनिंदा का आरोप लगाया गया, जबकि बाद में खुद बांग्लादेशी एजेंसियों ने माना कि इस आरोप का कोई ठोस सबूत नहीं था. इस घटना ने देशभर में आक्रोश फैला दिया है. इसी के बाद चटगांव में भारत के सहायक उच्चायोग पर हमले की कोशिश की गई, जिसके बाद भारत ने वहां वीजा सेवाएं निलंबित कर दी थीं.
इस पूरे घटनाक्रम के बीच भारत सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए बांग्लादेश के राजनयिक रियाज हामिदुल्लाह को तलब किया और ढाका में भारतीय मिशन की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई. विदेश मंत्रालय ने साफ कहा कि बांग्लादेश में हालिया घटनाओं को लेकर चरमपंथी तत्वों द्वारा फैलाए जा रहे झूठे नैरेटिव को भारत पूरी तरह खारिज करता है. मंत्रालय ने यह भी कहा कि अंतरिम सरकार न तो निष्पक्ष जांच कर रही है और न ही भारत के साथ कोई ठोस सबूत साझा कर रही है.
विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रही हिंसा को मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताते हुए इसे सिर्फ बांग्लादेश का आंतरिक मामला मानने से इनकार किया है. उन्होंने दीपू दास की हत्या का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि जब ईशनिंदा का कोई प्रमाण नहीं था, तो उसकी जान क्यों ली गई. आलोक कुमार ने चेतावनी दी कि यदि इस मुद्दे पर निर्णायक संघर्ष होता है, तो विश्व हिंदू परिषद सरकार के साथ खड़ी रहेगी.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि छात्र नेता हादी के जनाजे में बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के बयान भारत की संप्रभुता के लिए चुनौती हैं. उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान उत्तर-पूर्व भारत, बंगाल और बिहार को लेकर खतरनाक संकेत देते हैं. वीएचपी ने ऐलान किया है कि आने वाले दिनों में भारत के सभी जिलों में विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे और दुनियाभर के हिंदुओं से एकजुट होने की अपील की जाएगी.







