बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बिहार बोर्ड) को कार्यप्रणाली में उत्कृष्टता और पारदर्शिता के लिए तीन श्रेणियों में आईएसओ (अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन) प्रमाणपत्र मिले हैं। ये प्रमाणपत्र गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली, सूचना सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली और रिकॉर्ड प्रबंधन प्रणाली के लिए दिये गये हैं।
इस उपलब्धि के साथ ही बिहार बोर्ड देश का पहला परीक्षा बोर्ड बना है, जिसे एक साथ तीनों प्रमाणपत्र प्राप्त हुए हैं। समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी। सीबीएसई को अब तक गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली और सूचना सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली के लिए आईएसओ प्रमाणपत्र मिले हैं।
आनंद किशोर के मुताबिक, मैट्रिक-इंटर और अन्य परीक्षाओं के साथ-साथ विद्यालयों को मान्यता प्रदान करने की व्यवस्था और प्रक्रिया को विश्वसनीय बनाया गया है। आईटी, सॉफ्टवेयर और प्रौद्योगिकी के व्यापक उपयोग से परीक्षा प्रणाली में बदलाव करते हुए पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और छात्र-हितकारी बनाई गई है। इन्हीं कार्यों में उत्कृष्टता के कारण बोर्ड को यह उपलब्धि हासिल हुई है। उन्होंने बताया कि बिहार बोर्ड लगातार सात वर्षों से (2019 से 2025) देशभर में सबसे पहले मैट्रिक व इंटर का रिजल्ट जारी करने में सफल रहा है। समिति ने रिकॉर्ड प्रबंधन, सूचना सुरक्षा और गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए कई प्रमुख पहल की है।
इन श्रेणियों में कामयाबी
1. गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली
(आईएसओ 9001:2015) : मैट्रिक-इंटर स्तर के विद्यालयों को मान्यता प्रदान करने की प्रक्रिया विश्वसनीय बनी। रिजल्ट लंबित नहीं।
2. सूचना सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली
(आईएसओ/आईईसी 27001:2022- परिणाम घोषित करने में अव्वल, ऑनलाइन फैसिलिटेशन फॉर स्टूडेंट्स (ओएफएस) के जरिये 11वीं में नामांकन की प्रक्रिया ऑनलाइन
3. रिकॉर्ड प्रबंधन प्रणाली
(आईएसओ 15489-1:2016) – 1983 से 2025 तक के डेटा को ऑनलाइन किया गया।
आईएसओ प्रमाणपत्र मिलना बड़ी उपलब्धि है। इससे बोर्ड की विश्वसनीयता कायम रहेगी। बिहार बोर्ड को 2022 में प्रधानमंत्री उत्कृष्ट लोक प्रशासन पुरस्कार भी मिल चुका है। इससे समिति की दक्षता और गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्धता और मजबूत होगी।-आनंद किशोर, अध्यक्ष, बिहार बोर्ड
यह होगा फायदा
● बिहार बोर्ड की विश्वसनीयता और प्रतिष्ठा देशभर में बढ़ेगी
● छात्रों को भरोसा होगा कि दाखिला, परीक्षा-रिजल्ट में गुणवत्ता रहेगी
● कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, कार्य में दक्षता हासिल होगी
● गुणवत्ता, पारदर्शिता और सुरक्षा के मानकों के पालन की गारंटी होगी







