बिहार में आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कैबिनेट की मीटिंग होने वाली है. दोपहर 3:30 बजे होने वाली इस बैठक में कई एजेंडों पर मुहर लगेगी. इस दौरान युवाओं को ध्यान में रखते हुए रोजगार को लेकर बड़े फैसले किये जा सकते हैं. तो वहीं, सम्राट चौधरी के गृहमंत्री बनते ही वह एक्शन मोड में हैं. बिहार में 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की तैयारी की जा रही है.
नीतीश कैबिनेट की अहम बैठक आज शाम 3:30 बजे मुख्य सचिवालय में होगी. बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगने की संभावना है. खास तौर पर नौकरी और रोजगार से जुड़ी योजनाओं को और प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित तीन नए विभागों के गठन पर भी फैसला हो सकता है. उम्मीद है कि बैठक में लिए गए निर्णय युवाओं के लिए नए अवसर खोलेंगे और प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत करेंगे.
1 करोड़ नौकरी देने की दिशा में बड़ा कदम
सूत्रों के मुताबिक बैठक का सबसे बड़ा एजेंडा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से युवाओं को दिए गए 1 करोड़ नौकरी और रोजगार के वादे को क्रियान्वित करने से जुड़ा है। नीतीश सरकार अपनी दूसरी पारी की शुरुआत तेज डिलीवरी और ठोस फैसलों के साथ करना चाहती है, और आज की बैठक उसी दिशा का संकेत है।
तीन नए विभागों के गठन का प्रस्ताव
कैबिनेट की मेज पर आज तीन नए विभागों के गठन का प्रस्ताव रखा जाएगा, जिन्हें मंजूरी मिलने की प्रबल संभावना है। बताया जा रहा है कि ये विभाग इन क्षेत्रों पर केंद्रित होंगे—
रोजगार सृजन
कौशल विकास
उद्यमिता और स्वरोजगार प्रोत्साहन।
इन विभागों के गठन से प्रशासनिक ढांचा अधिक रोजगार पर केंद्रित होगा और नौकरी देने वाली नीतियों को तेजी से लागू किया जा सकेगा।
पहली कैबिनेट बैठक में भी विकास को दी गई थी प्राथमिकता
बता दें कि नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक 25 नवंबर को हुई थी, जिसमें छह प्रमुख प्रस्तावों पर मुहर लगी थी। इनमें आधारभूत संरचना विकास, औद्योगिक प्रगति, किसानों की आय बढ़ाने, और रोजगार विस्तार जैसे मुद्दे प्रमुख थे।
बेरोजगारी कम करने के लिए सरकार की योजनाबद्ध तैयारी
सरकार का फोकस बिहार में बेरोजगारी दर को कम करने और युवाओं को त्वरित अवसर उपलब्ध कराने पर है। आज की बैठक में ऐसे निर्णय लिए जा सकते हैं जो रोजगार मिशन को गति दें और 1 करोड़ नौकरी–रोजगार के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में निर्णायक कदम साबित हों।
क्यों अहम है यह बैठक?
ये नई सरकार की दूसरी कैबिनेट बैठक है। जिसमें बड़े फैसलों की उम्मीद है।
युवा केंद्रित नीतियों के लिए संगठित ढांचा तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।
नौकरी–रोजगार के क्षेत्र में इतिहास रचने की तैयारी है।







