शीतकालीन सत्र के 7वें दिन मंगलवार को लोकसभा में चुनाव सुधारों और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पर चर्चा होगी। इसके लिए 10 घंटे का समय दिया गया है। इस बहस में कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी समेत 10 नेता हिस्सा लेंगे। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल 10 दिसंबर को इसका जवाब देंगे। बहस के दौरान SIR प्रक्रिया में वोट चोरी के आरोप, चुनाव आयोग की निष्पक्षता और व्यापक चुनाव सुधार पर खास फोकस रहेगा।विपक्ष लगातार SIR को लेकर सरकार पर हमलावर है। SIR के काम में लगे BLO की मौतों का मुद्दा भी उठ सकता है। आरोप है अधिक दबाव के कारण BLO खुदकुशी कर रहे हैं या उनकी मौत हो रही है। इधर बिहार चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाली NDA की रिकॉर्ड जीत के बाद विपक्ष एक बार फिर वोट चोरी का मुद्दा उठा सकता है।
संसद के शीतकालीन सत्र के सातवें दिन लोकसभा ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर दो दिन की महाबहस के लिए कुल 20 घंटे का समय निर्धारित किया है. यह चर्चा 9 और 10 दिसंबर 2025 को होगी. दोनों दिनों में सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक और फिर दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगी. इस दौरान सरकार और विपक्ष को अपने-अपने पक्ष को विस्तार से रखने का अवसर मिलेगा. विपक्ष की ओर से इस बहस का नेतृत्व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी करेंगे. उनके साथ केसी वेणुगोपाल और मनीष तिवारी भी प्रमुख वक्ता के तौर पर अपनी बात रखेंगे. वहीं, सरकार और भारतीय जनता पार्टी की ओर से निशिकांत दुबे, पीपी चौधरी, अभिजीत गंगोपाध्याय और संजय जायसवाल सदन में सरकार का पक्ष मजबूती से रखने की तैयारी में हैं. SIR को लेकर पहले से ही सियासी माहौल गरमाया हुआ है. विपक्ष इस प्रक्रिया को ‘वोट चोरी’ से जोड़कर देख रहा है, जबकि सरकार और चुनाव आयोग इसे मतदाता सूची को साफ और पारदर्शी बनाने के लिए जरूरी कदम बता रहे हैं. ऐसे में आने वाले दो दिन संसद में तीखी बहस के संकेत दे रहे हैं.
विपक्ष के विरोध के बाद चर्चा तय की गई थी
संसद के शीतकालीन सत्र की शुरूआत से ही विपक्ष SIR और वोट चोरी पर चर्चा की मांग कर रहा है। सत्र के पहले और दूसरे दिन यानी 1-2 दिसंबर को विपक्ष ने चर्चा कराने को लेकर हंगामा किया था।
इसके बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने 2 दिसंबर को सरकार और विपक्ष के नेताओं को मुलाकात के लिए बुलाया था। जहां सरकार और विपक्ष ने 9 दिसंबर को लोकसभा में 10 घंटे चर्चा को लेकर सहमति जताई थी।







