बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष की ओर से महिला रोजगार योजना को लेकर सवाल किया गया। उसके बाद विपक्ष ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से कहा कि आने वाले दिनों में जब बजट सत्र चलेगा, उसमें मुख्यमंत्री को ये बताना होगा कि उन्होंने जो पैसे महिलाओं को दिए हैं। उससे उनका कितना विकास हुआ है।
पटना: बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन कार्रवाही के दौरान प्रतिपक्ष के सदस्यों ने बिहार सरकार की योजना को लेकर सवाल खड़ा किया। बोधगया से विधायक कुमार सर्वजीत ने मुख्यमंत्री से महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को दिए गए दस हजार रुपये का हिसाब मांगा। उन्होंने कहा कि आने वाले सत्र में मुख्यमंत्री को बताना होगा कि इस पैसा का कितना सदुपयोग हुआ है। उन्होंने अपनी बात शुरू करते हुए कहा कि अध्यक्ष महोदय, सबसे पहले मैं आपको बहुत शुभकामना और बधाई देता हूं। 56 वर्ष के बाद एक अति पिछड़ा का बेटा सदन के अध्यक्ष के पद पर विराजमान हुए हैं। हम बधाई देते हैं। हम चौथी बार सदन के सदस्य बने हैं। हर चुनाव में अलग तरह का अनुभव प्राप्त हुआ है।
कुमार सर्वजीत ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर चुटकी ली। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी जब इधर रहते हैं, तो कहते हैं कि बीजेपी देश का संविधान खराब कर देगा। जब उधर चले जाते हैं तो कहते हैं कि हाथ उठाइए। अब हम इनका कौन वाला बात मानें। महोदय मैं आपको चुनाव का अनुभव बता रहा था। इस चुनाव में एक अलग सा अनुभव महसूस हुआ। पहली बार हमने देखा महोदय। बधाई मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के सभी वोटरों को दिया है। हमने पहली बार देखा कि इस चुनाव के दौरान अन्य प्रदेशों से भारी संख्या में ट्रेनें आईं। आपको प्रचंड बहुमत मिला। इसकी मैं बधाई देता हूं।
महिला रोजगार योजना का हिसाब
आरजेडी के बोधगया से निर्वाचित विधायक ने सदन में आगे बोलते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए आपने दस हजार रुपया महिलाओं की मजबूती के लिए दिया। इसके लिए भी आपको बधाई देता हूं। लेकिन एक आग्रह जरूर करेंगे महोदय। जिन महिलाओं को बिहार में दस हजार रुपये मिले। फरवरी के महीने में जब सदन चले तो माननीय मुख्यमंत्री जी जरूर बता दें ये सदन को कि बिहार की कितनी महिलाओं को उस पैसा से सशक्तिकरण मिला है। और कितनी मजबूती मिली है। ये आग्रह हम करेंगे। हम चाहते हैं कि मुख्यमंत्री गरीबों के हितैषी हैं। उस दस हजार का उपयोग हुआ। उस दस हजार का उपयोग हुआ कि सदुपयोग हुआ ये बिहार की जनता और बिहार के माननीय सदस्य ये जानना चाहते हैं।
वोटर लिस्ट पर उठा सवाल
कुमार सर्वजीत ने आगे कहा कि बिहार में 47 लाख वोटरों का नाम भी काटा गया। बड़ा लोग हल्ला करते थे। बांग्लादेशी है। बांग्लादेशी है। 47 लाख में एक भी बांग्लादेशी नहीं मिला। सत्ता आपको मिली है। साथ में चलना है। सभी चाहते हैं कि बिहार का विकास हो। जब पुत्र की प्राप्ति होती है। बड़ी उमंग से बेटे का नाम रखा जाता है। उसी नाम से उसे लोग पुकारते हैं। हमारे सम्राट चौधरी के पिताजी ने उनका नाम सम्राट रखा। मेरा बेटा का नाम एक राजा की तरह है। इसकी खुशी होती होगी। अब इनका नाम पत्रकारों ने रख दिया बुलडोजर बाबा।
नेता प्रतिपक्ष नदारद
ध्यान रहे कि सदन की कार्रवाई के चौथे दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सभी सदस्यों को विकास करने और काम करने के मुद्दे पर हाथ उठवाया। उसके बाद सदन में अध्यक्ष ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अनुपस्थित हैं। उसके बाद उन्होंने कहा कि विपक्ष की ओर से बोधगया के विधायक और माननीय सदस्य कुमार सर्वजीत 12 मिनट तक अपनी बात रखेंगे। इसी दौरान कुमार सर्वजीत ने बिहार सरकार से इस सवाल को किया। उन्होंने नीतीश कुमार की महिला रोजगार योजना की प्रगति पर बातचीत की और कहा कि उन्हें फरवरी में सदन चलने के दौरान बताना होगा कि जो 10 हजार रुपये दिए गए, उसका प्रयोग कहां- कहां किया गया।
समाज के किसी भी तबके में कोई उपेक्षा या नाराजगी का भाव लोकतंत्र के लिए शुभ नहीं………
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