पटना. बिहार के अलीनगर विधानसभा से चुनकर आई नवनिर्वाचित विधायक और लोकगायिका मैथिली ठाकुर ने वरिष्ठ पत्रकार रुबीका लियाकत से खास बातचीत में राजनीति में अपनी नई भूमिका, चुनावी सफर, जनता का प्यार, ट्रोलिंग और भविष्य की प्राथमिकताओं पर बेबाकी से बात की. बिहार चुनाव में जीत पर मैथिली ने कहा कि उनकी विजय जनता के आशीर्वाद का परिणाम है. उन्होंने बताया कि जीत के बाद जब वे अपनी मां के पास पहुंचीं, तो भावुक होकर रो पड़ीं.
उन्होंने कहा- “मेरे भीतर कभी हार का डर था ही नहीं. जनता के प्यार ने मुझे जीतने का भरोसा दिया था.”रोहिणी आचार्या मामले को लेकर मैथिली ने कहा कि “किसी बेटी के साथ ऐसा होना गलत है.
मैथिली ठाकुर ने रूबिका लियाकत के साथ खास बातचीत में कहा कि कई लोगों ने उन्हें राजनीति में न आने की सलाह दी थी, लेकिन जब वे जनता के बीच गईं, उनकी समस्याएँ सुनीं, तो लगा कि समाज सेवा करना उनकी जिम्मेदारी है. अलीनगर का नाम बदलकर सीतानगर करने की अपनी घोषणा पर उन्होंने कहा कि यह जनता की भावना से जुड़ा फैसला है और इसके साथ ही कई और विकासात्मक वादे भी किए गए हैं. ट्रोलिंग को लेकर मैथिली ने बड़ी सहजता से कहा- “शुरुआत में बुरा लगता था, लेकिन अब समझ आ गया है कि जब प्रधानमंत्री मोदी जी और नीतीश कुमार जी तक को लोग गाली दे सकते हैं, तो मेरी क्या बिसात.”
कैंपेन में पिता को आने से मना किया: मैथिली ठाकुर
मैथिली ठाकुर ने खुलासा किया कि चुनाव में उन्होंने अपने पिता को अभियान से दूर रहने को कहा. उन्होंने कहा- “मुझे नहीं चाहिए था कि लोग सोचें कि मुझसे जो चाहें करा सकते हैं. डेढ़ महीने तक मैंने कई लोगों को डांटा भी, ताकि लोग मेरी कमजोरी न समझें.”अपने पिता की भूमिका पर उन्होंने कहा कि वे हस्तक्षेप नहीं करते, सिर्फ इतना कहते हैं. “मैं खड़ा हूं, तुम अपने काम पर ध्यान दो.”
संगीत और राजनीति दोनों साथ चलेगा: मैथिली
फुलटाइम या पार्टटाइम नेता होने के सवाल पर मैथिली ने कहा कि उन्होंने गायिकी नहीं छोड़ी है. “रियाज़ और गाना समय निकालकर कर सकती हूं.” इसके बाद उन्होंने मंच पर भजन सुनाया, जिस पर पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा. मैंने अपने गायन के साथ-साथ लोगों के बीच जाकर उनकी सेवा करने का भी काम करूंगी. मैथिली ठाकुर ने कहा कि मुझे नई जिम्मेदारी मिली है और उसका भी निर्वहन अच्छे से करूंगी.
विपक्ष की हार और रोहिणी मामले को लेकर मैथिली ने क्या कहा?
विपक्ष की हार के सवाल पर मैथिली ने कहा- “यह उनकी रणनीति रही होगी, उनके मुद्दे रहे होंगे. मैंने उनके मुद्दों पर कुछ नहीं कहूंगी. इस पर टिप्पणी हमारे प्रवक्ता करेंगे.” वहीं रोहिणी आचार्या मामले को लेकर मैथिली ने कहा कि “किसी बेटी के साथ ऐसा होना गलत है. मैथिली ने बिना तेजस्वी का नाम लिए कहा कि जब घर वाले ही ऐसी बातें कहें तो और भी बुरा लगता है.”
पहली प्राथमिकता स्वास्थ्य और शिक्षा: मैथिली
मैथिली ने स्पष्ट कहा कि MLA बनने के बाद उनकी पहली प्राथमिकता क्षेत्र के हेल्थकेयर सिस्टम को दुरुस्त करना होगा. इसके बाद वे शिक्षा और स्कूलों पर काम करेंगी. उन्होंने कहा- “मैं हमेशा अपने नागरिकों के काम करूंगी. उनके भरोसे पर मुझे खरा उतरना है.
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