बिहार विधानसभा का सत्र एक दिसंबर से शुरू होकर पांच दिसंबर तक चलेगी। विधायी कार्य विभाग ने सत्र आयोजन से जुड़ी तैयारियां तेज कर दी हैं। मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में विभाग के प्रस्ताव को सैद्धांतिक तौर पर स्वीकृति दी गई, हालांकि मुख्य सचिव ने इसकी औपचारिक जानकारी अपनी प्रेस वार्ता में साझा नहीं की। बाद में प्रेस रिलीज जारी किया गया।
18वीं विधानसभा का पहला सत्र
ये नवगठित 18वीं विधानसभा का पहला सत्र होगा। विधानसभा सत्र की शुरुआत एक दिसंबर को नवनिर्वाचित विधायकों के शपथ ग्रहण से होगी। अगले दिन दो दिसंबर को विधानसभा अध्यक्ष का निर्वाचन प्रस्तावित है। तीन दिसंबर को सुबह 11:30 बजे विधानसभा के सेंट्रल हॉल में बिहार विधानमंडल का संयुक्त सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें राज्यपाल अभिभाषण देंगे। राज्यपाल के अभिभाषण की प्रतियां सदन पटल पर रखी जाएंगी और इसके साथ ही अनुदान व्यय का ब्योरा भी प्रस्तुत किया जाएगा।
दो दिसंबर को स्पीकर का चुनाव
विधानसभा सत्र की शुरुआत 1 दिसंबर को होगी। सभी नवनिर्वाचित विधायकों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। ये सत्र का पहला और सबसे महत्वपूर्ण दिन होगा। इसके अगले दिन यानी 2 दिसंबर को विधानसभा के अध्यक्ष का निर्वाचन प्रस्तावित है। अध्यक्ष का चुनाव सदन की कार्यवाही को आगे बढ़ाने के लिए एक आवश्यक संवैधानिक प्रक्रिया है।
तीन दिसंबर को राज्यपाल का अभिभाषण
सत्र के तीसरे दिन, 3 दिसंबर को सुबह 11:30 बजे विधानसभा के सेंट्रल हॉल में बिहार विधानमंडल का संयुक्त सत्र आयोजित किया जाएगा। इस दौरान राज्यपाल अभिभाषण देंगे, जिसमें नई सरकार के एजेंडे और नीतियों की रूपरेखा प्रस्तुत की जाएगी। राज्यपाल के अभिभाषण की प्रतियां सदन पटल पर रखी जाएंगी। साथ ही, इसी दिन अनुदान व्यय का ब्योरा भी सदन में प्रस्तुत किया जाएगा। सत्र के अंतिम दो दिन, 4 और 5 दिसंबर को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा और सरकार द्वारा जवाब दिया जाएगा, जिसके बाद अनुदान व्यय विवरणी पर मतदान और संबंधित विधेयक प्रस्तुत किए जाएंगे।







