सूत्रों के अनुसार, शोएब की गिरफ्तारी के बाद मामले की परतें खुलनी शुरू हो गई हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शोएब को पहले भी इस मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था और फिर छोड़ दिया गया था। हालांकि, ताजा खुलासों के बाद उसे दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
यह भी बताया जा रहा है कि शोएब ही मुख्य आतंकी डॉक्टर उमर को मेवात और नूंह जैसे इलाकों में ले गया था। वहां पर डॉक्टर उमर शोएब की बहन की घर ही ठहरा था।
गिरफ्तारी का यह महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब एक अन्य गिरफ्तार आरोपी, डॉक्टर मुज्जमिल ने पूछताछ के दौरान शोएब के घर का खुलासा किया। डॉक्टर मुज्जमिल की निशानदेही पर NIA ने शोएब के घर से कुछ महत्वपूर्ण चीजें बरामद की हैं, जिनमें एक ग्राइंडर और अन्य सामग्रियां शामिल हैं।
NIA डॉ. आदिल और डॉ. शाहीन को अल-फलाह यूनिवर्सिटी लाएगी
उधर, आतंकी मॉड्यूल में शामिल डॉ. मुजम्मिल शकील की निशानदेही के बाद अब जांच एजेंसी NIA डॉ. आदिल अहमद और डॉ. शाहीन सईद को अल-फलाह यूनिवर्सिटी लाएगी। अभी तक की जांच में सामने आया है कि डॉ. आदिल और डॉ. उमर नबी के बीच कई साल से दोस्ती थी।
आदिल कई बार उमर से मिलने के लिए यूनिवर्सिटी आया था। वह यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में उमर के फ्लैट में ही रुकता था। यहां उसकी मुलाकात मुजम्मिल शकील और शाहीन सईद से हुई।
बताया जा रहा है कि आदिल ने ही फतेहपुरा तगा और धौज गांव में विस्फोट जुटाने का आइडिया दिया था, क्योंकि आसपास काफी मुस्लिम आबादी है। इसके अलावा यहां बगैर किसी कागजी फार्मेलिटी के आसानी से कमरे भी किराए पर मिल जाते हैं।
आदिल ने ही विस्फोटक ठिकानों का भंडाफोड़ किया
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने यूपी पुलिस के साथ मिलकर 26 अक्टूबर को सहारनपुर से आदिल अहमद को गिरफ्तार किया था। उसके कश्मीर वाले घर से एके-47 राइफल बरामद हुई। उसकी गिरफ्तारी के बाद ही फरीदाबाद में विस्फोटक सामग्री मिलने का मामला सामने आया।
बताया जा रहा है कि पुलिस की सख्त पूछताछ में आदिल टूट गया। उसने व्हाइट कॉलर टेटर मॉड्यूल में शामिल बाकी डॉक्टरों के नाम उगले। साथ ही फतेहपुरा तगा और धौज गांव में विस्फोटक सामग्री जुटाए जाने की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने मुजम्मिल शकील को दबोचा।
आदिल और उमर अनंतनाग में सरकारी डॉक्टर थे
आदिल और दिल्ली ब्लास्ट में मारा गया आतंकी उमर नबी आपस में दोस्त थे। दोनों जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में स्थित एक सरकारी अस्पताल में नौकरी करते थे। बाद में आदिल ने यूपी के सहारनपुर में नौकरी शुरू की, जबकि उमर नबी ने अल फलाह यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर नौकरी शुरू की। दोनों अलग-अलग जगह रहे लेकिन संपर्क लगातार रहा।
आदिल की पत्नी और भाई भी डॉक्टर आदिल कश्मीर के कुलगाम जिले के वानपुरा का रहने वाला है। आदिल ने श्रीनगर मेडिकल कॉलेज से MBBS की पढ़ाई की। अनंतनाग के सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC) में रेजिडेंट डॉक्टर की नौकरी की। 2024 में अस्पताल से इस्तीफा देकर सहारनपुर आ गया। यहां कई अस्पतालों में काम करने लगा।
बाद में फेमस मेडिकेयर अस्पताल में लाखों के पैकेज पर जॉइन किया। 4 अक्टूबर को आदिल ने जम्मू-कश्मीर में शादी की। पुलिस के अनुसार, डॉ. आदिल का भाई भी डॉक्टर है। उसकी पत्नी रुकैया भी मनोचिकित्सक है।
मुजम्मिल और शाहीन से मुलाकात कराई
अल-फलाह यूनिवर्सिटी में उमर नबी से मिलने के लिए आदिल कई बार आया। यूनिवर्सिटी कैंपस में ही उमर नबी ने आदिल की मुलाकात मुजम्मिल और शाहीन सईद से कराई। यूनिवर्सिटी में आदिल उमर नबी और मुजम्मिल के हॉस्टल के फ्लैट में ही रुकता था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक अब जांच एजेंसी इस बात का पता लगा रही है कि आदिल यूनिवर्सिटी में किन-किन लोगों के संपर्क में था। अभी तक वह कितनी बार यूनिवर्सिटी आया और किस समय पर आया। आदिल के आने से लेकर जाने तक के बीच के समय के पूरे रिकॉर्ड को चेक किया जा रहा है।
अब शाहीन से कराएगी निशानदेही जांच एजेंसी डॉ. शाहीन को निशानदेही के लिए यूनिवर्सिटी लेकर आएगी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आतंक के इस नेटवर्क में शाहीन सईद को अहम जिम्मेदारी दी गई थी। वह यूनिवर्सिटी की करिकुलम कमेटी में तीसरे नंबर पर थी। शाहीन ही आतंक के इस नेटवर्क में शामिल करने के लिए ब्रेन वॉश करने का काम करती थीं।
अब जांच एजेंसी शाहीन को यूनिवर्सिटी लाकर बारीक से बारीक जानकारी हासिल करेगी, जैसे कि वह यूनिवर्सिटी में किससे मिलती थी और कहां बैठक करती थी। मीटिंग के दौरान कौन लोग शामिल होते थे? शाहीन की गाड़ी में मिले हथियारों को यूनिवर्सिटी में किस तरीके से लाया गया और उन्हें कहां और कैसे छिपाया गया था? इस तरह की सभी जानकारियों को एकत्रित किया जाएगा।
मुजम्मिल ने कराई निशानदेही- कहां से खरीदा अमोनियम नाइट्रेट
मुजम्मिल शकील को NIA स्थानीय पुलिस के साथ 24 नवंबर की रात को निशानदेही के लिए फरीदाबाद लेकर पहुंची। टीम ने फरीदाबाद, गुरुग्राम के सोहना और फतेहपुर तगा में करीब 4 घंटे तक अलग-अलग लोकेशन पर उसकी गतिविधियों की पड़ताल की।
टीम ने अल फलाह यूनिवर्सिटी में उसके मेडिकल केबिन, कमरे और सहयोगी छात्रों से संपर्क की भी छानबीन की। इस दौरान मुजम्मिल ने लक्ष्मी बीज भंडार और मदान बीज भंडार की शिनाख्त की। उसने जांच टीम को बताया कि जनवरी-फरवरी 2023 में उसने इन्हीं दुकानों से अमोनियम नाइट्रेट खरीदा था।
NIA ने इस मामले में पहले भी उमर के छह अन्य खास साथियों को गिरफ्तार किया था। शोएब इस मामले में गिरफ्तार होने वाला सातवां आरोपी है। इन गिरफ्तारियों से NIA को आतंकी मॉड्यूल के सदस्यों, उनकी कार्यप्रणाली और उनके संबंधों को समझने में मदद मिल रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस आतंकी हमले के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था







