बिहार के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार हुई। कांग्रेस को बेगूसराय सीट पर भी हार का सामना करना पड़ा। अब बेगूसराय के एक व्यक्ति ने कांग्रेस की हार के पीछे हास्यास्पद तर्क दिया है।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बेगूसराय में चुनाव प्रचार के दौरान तालाब में मछलियां पकड़ी थीं।
पटना: बिहार के विधानसभा चुनाव में विपक्षी दलों के महागठबंधन की करारी हार हुई। कांग्रेस को सबसे शर्मनाक स्थिति का सामना करना पड़ा और उसे सिर्फ पांच सीटों पर जीत और 8.71 प्रतिशत वोट मिले। कांग्रेस की हार के पीछे बिहार के बेगूसराय में एक ग्रामीण ने अजीब तर्क दिया। उसने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनाव प्रचार के दौरान मरी हुई मछलियां पकड़ी थीं इसलिए उनकी पार्टी वोट नहीं मिले। राहुल गांधी ने बेगूसराय में प्रचार के दौरान स्थानीय मछुआरों के साथ तालाब में उतरकर मछलियां पकड़ी थीं। इस वाकये का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहा था।
बेगूसराय में कांग्रेस प्रत्याशी अमिता भूषण के समर्थन में आयोजित चुनावी सभा को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विकाससील इंसान पार्टी (वीआईपी) के प्रमुख मुकेश सहनी ने संबोधित किया था। वीआईपी मछुआरों की पार्टी कही जाती है। चुनाव प्रचार के दौरान राहुल और सहनी ने स्थानीय मछुआरों के साथ तालाब में उतरकर मछलियां भी पकड़ी थीं। इस वाकये का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। हालांकि कांग्रेस बेगूसराय सीट पर हार गई।
बेगूसराय के शंख गांव में महागठबंधन की हार को लेकर एक स्थानीय व्यक्ति ने अजीब तर्क दिया। उसने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा कि, “राहुल गांधी आए और मछलियां पकड़ीं, लेकिन वे मरी हुई मछलियां थीं, इसलिए उन्हें यहां वोट नहीं मिले। वोट तभी मिलते हैं जब आप कुछ सार्थक करते हैं। सहनी समुदाय अपना वोट तभी देता है जब उन्हें कोई ठोस काम दिखाई देता है।” उसने यह भी कहा कि सहनी समुदाय के वोट लेने के लिए कांग्रेस को आरजेडी का साथ छोड़ना होगा।
एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि राहुल गांधी का मछली पकड़ना दिखावे से ज्यादा कुछ नहीं था। राहुल गांधी आए और तालाब में कूद गए, लेकिन उन्होंने जो मछलियां पकड़ीं, वे मरी हुई मछलियां थीं, बाजार में बिकने वाली नहीं थीं।
जनता ने जिसे नकारा, उनसे किया गठबंधन
एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि चुनाव हारने का कारण यह है कि सभी ने लालू यादव के शासन को देखा है। उनके कार्यकाल के दौरान ‘जंगलराज’ में आम नागरिक सुरक्षित नहीं थे। चाहे वे मुकेश सहनी हों या कांग्रेस के राहुल गांधी, उन्होंने उन लोगों के साथ गठबंधन किया जिनको जनता ने अस्वीकार कर दिया था। यही कारण है कि बेगूसराय के लोगों ने मुकेश सहनी या राहुल गांधी का समर्थन नहीं किया।
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