मंत्रिमंडल का फ़ार्मूला ये हो सकता है
- बीजेपी से 15 या 16
- जदयू से 14+1
- एलजेपी से 3
- उपेंद्र कुशवाहा की आरएलएम-1
- मांझी की हम से भी 1 मंत्री बनने की संभावना है.
वहीं, डिप्टी CM की रेस में बीजेपी से सम्राट चौधरी, रामकृपाल यादव मंगल पांडे के नाम की चर्चा है। चिराग पासवान की पार्टी LJP(R) की बिहार सरकार में एंट्री होगी।
JDU- BJP के बराबर मंत्री होंगे, RLM भी सरकार का हिस्सा होगी
सूत्रों की मानें तो इस बार 30-32 मंत्रियों का मंत्रिमंडल हो सकता है। इसमें JDU और BJP के बराबर-बराबर मंत्री हो सकते हैं। इनके अलावा चिराग पासवान की पार्टी को 3 मंत्री पद, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को एक-एक मंत्री पद मिल सकता है। विधानसभा के मौजूदा नंबर के हिसाब से बिहार में कुल 36 मंत्री बनाए जा सकते हैं। कहा जा रहा है कि JDU के कोटे से 11 मंत्री बनाए जा सकते हैं।
BJP के साथ LJP(R) कर सकती है डिप्टी CM पद की दावेदारी
2020 चुनाव परिणाम के बाद से BJP बिहार में दो डिप्टी CM पद की परंपरा शुरू की। एक बार फिर से दो डिप्टी CM बनाने की चर्चा है, लेकिन दोनों BJP की जगह एक डिप्टी CM पद पर LJP(R) भी दावेदारी कर रही है। फिलहाल कैमरे पर सीधे बोलने की बजाय वे दबी जुबान ये बातें कर रहे है। हालांकि, नीतीश कुमार CM होंगे तो डिप्टी CM कौन होगा ये BJP ही तय करेगी।
JDU अपने कोटे के मंत्रियों में बड़ा बदलाव नहीं करेगी
पिछली सरकार में JDU कोटे से 13 मंत्री थे। संभव है कि इसमें से 10 मंत्रियों को नई सरकार में फिर से मंत्री बनाया जा सकता है। पार्टी मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल करने के मूड में नहीं है। भास्कर के पास JDU कोटे से बनने वाले मंत्रियों में से 10 लोगों के नामों की लिस्ट है।
JDU कोटे से ये मंत्री हो सकते हैं
- विजय चौधरी
- बिजेंद्र यादव
- श्रवण कुमार
- अशोक चौधरी
- लेसी सिंह
- जमा खान
- मदन सहनी
- जयंत राज
- महेश्वर हजारी
- संतोष निराला

भाजपा अपने डिप्टी CM को बदल सकती है
पिछली सरकार में भाजपा कोटे से 19 मंत्री हैं। इसमें बड़े पैमाने पर बदलाव की सूचना है। डिप्टी CM विजय सिन्हा को रिप्लेस किया जा सकता है। साथ ही सम्राट चौधरी को भी बदला जा सकता है, लेकिन वह अभी भी डिप्टी CM की रेस में हैं। इसके अलावा मंगल पांडेय और रजनीश कुमार में से किसी एक के डिप्टी CM बनने चर्चा है।
BJP कोटे इनका मंत्री बनना लगभग तय
1. सम्राट चौधरी
2. नितिन नवीन
3. मंगल पांडेय
4. रामकृपाल यादव
5. रजनीश कुमार
कुशवाहा की पत्नी बन सकती हैं मंत्री
HAM से संतोष मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता के साथ LJP(R) के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी मंत्री बन सकते हैं। संभावित मंत्रियों की लिस्ट में संजय पासवान के नाम की भी चर्चा है।
मंत्री के साथ स्पीकर की भी रेस में विजय सिन्हा
पिछली बार की तरह इस बार भी BJP स्पीकर का पद अपने पास रख सकती है। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा विजय सिन्हा को डिप्टी CM ना बनाकर स्पीकर बना सकती है। हां, इतना जरूर तय है कि विजय सिन्हा को कोई ना कोई बड़ा पद मिलेगा।
- 2010 तक ये पद नीतीश कुमार अपने पास रखते थे, लेकिन 2020 में जैसे ही नीतीश कुमार कमजोर हुए BJP ये पद अपने हिस्से में ले ली।
- 2020-25 के बाद नीतीश कुमार के पाला बदल के कारण दो बार NDA की सरकार बनी । दोनों बार BJP के स्पीकर बने।
- हालांकि, इस बार BJP के साथ JDU का भी नंबर बढ़ा है। विधान परिषद के सभापति पहले से ही BJP कोटे में है। CM नीतीश कुमार की सहमति के बाद वहां BJP नेता अवधेश नारायण सिंह को सभापति बनाया गया है।

मंत्रिमंडल में MP और राजस्थान का प्रयोग कर चौंका सकती है BJP
MP और राजस्थान के मंत्रिमंडल की तर्ज पर बिहार के नए मंत्रिमंडल से भी पुराने और दिग्गज नेताओं की छुट्टी हो सकती है। इनकी जगह नए चेहरों की एंट्री हो सकती है।
- राजस्थान और मध्य प्रदेश में बनी नई सरकार में पार्टी की तरफ से न केवल पूरी तरह नई टीम को मौका दिया गया है, बल्कि जातियों के समीकरण का भी ख्याल रखा गया है। वर्षों से जमे-जमाए चेहरों को बदल दिया गया।
- राजस्थान में BJP ने पूरी तरह से नए चेहरे पर दांव लगाया । यहां 22 मंत्री में से 17 नए चेहरे को मौका दिया गया। जबकि मध्य प्रदेश में भी 28 मंत्रियों में 22 नए चेहरे को मंत्रिमंडल में जगह दी गई।
2020 से सरकार में BJP का दबदबा रहा है
- बिहार में 15 साल के भीतर दूसरी बार 200 पार के नंबर के साथ बिहार NDA सत्ता में आई है। 14 नवंबर का आए नतीजे में NDA को 202 सीटें मिली हैं। 2020 के नतीजे की तरह एक बार फिर से NDA में BJP सबसे बड़ी पार्टी बनी है।
- पार्टी को 89 सीटें मिली हैं। लेकिन इस बार JDU के जीत का ग्राफ 43 से बढ़ कर 85 पहुंच गया है। इन दोनों के साथ सरकार में तीसरी बड़ी पार्टी के रूप में 19 सीटों के साथ LJP(R) की एंट्री हुई है। जीतन राम मांझी की हम की सीटें भी पिछली बार की तुलना 4 से बढ़ कर 5 हो गई है। 4 विधायक के साथ उपेंद्र कुशवाहा भी इस बार सरकार के साझीदार हैं।
- 2005 और 2010 में जब-जब NDA की सरकार बनी है, मंत्रिमंडल में JDU भारी रही है, लेकिन 2020 में जैसे ही BJP का नंबर बढ़ा है, मंत्रिमंडल में BJP दबदबा बढ़ा है। 2010 में जब NDA को 206 सीटें मिलीं थी, तब मंत्रियों की संख्या 30 थी।
- इनमें जदयू के 19 और BJP के 11 मंत्री थे। इसी तरह 2020 में जब BJP 74 और JDU 43 सीटों के साथ सरकार बनाई थी तब 31 मंत्रियों का मंत्रीमंडल था लेकिन BJP के 19 और JDU के 12 मंत्री को ही जगह दी गई थी। इसके अलावा एक निर्दलीय और HAM के हिस्से 1-1 मंत्री पद आया था।
NDA के सरकार कैसे होता रहा है मंत्रालय का गठन
- 2025 को मिलाकर 4 बार BJP-JDU साथ मिलकर बहुमत हासिल की है।
- 2010 में JDU बड़ी और BJP छोटी पार्टी थी, JDU के 19 और BJP के 11 मंत्री थे।
- 2020 में BJP बड़ी और JDU छोटी पार्टी थी BJP के 16 और JDU के 12 मंत्री थे।
- 2010 में स्पीकर JDU के तो 2020 में स्पीकर BJP के बने थे।
फिलहाल सरकार में हिस्सेदार का समीकरण ये
| पार्टी | विधायक | मंत्री |
| BJP | 80 | 19 |
| JDU | 43 | 13 |
| HAM | 04 | 01 |
| निर्दलीय | 1 | 1 |
18-20 के बीच शपथ ले सकते हैं नीतीश कुमार
17 नवंबर को सरकार की नीतीश सरकार की आखिरी कैबिनेट होगी। इसमें विधानसभा को भंग करने की सिफारिश होगी। फिर नई सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। नई सरकार 18 से 20 नवंबर के बीच शपथ ले सकती है।
इधर, शनिवार की रात जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा व केंद्रीय मंत्री ललन सिंह दिल्ली पहुंचे। गृह मंत्री अमित शाह व भाजपा के कई बड़े नेताओं से बात की। इससे पहले दोनों जदयू नेताओं ने पटना में मुख्यमंत्री से बात की। भाजपा नेताओं की भी बैठक हुई।

उपेंद्र-चिराग बोले- नीतीश ही CM होंगे
मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर तक है। रविवार को 18वीं विधानसभा की अधिसूचना होगी। नई सरकार में चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी की भी हिस्सेदारी होगी। चिराग के 19 व उपेंद्र के 4 प्रत्याशी जीते हैं। अभी सरकार में भाजपा, जदयू और हम के मंत्री हैं। डिप्टी सीएम दो रहेंगे। अभी दोनों डिप्टी सीएम भाजपा के हैं। यह बदल भी सकता है।







