हार के बाद लालू परिवार में घमासान मच गया है। रोहिणी आचार्य ने पार्टी और परिवार से नाता तोड़ दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रोहिणी ने इस बात का ऐलान किया है। रोहिणी आचार्य द्वारा पार्टी और परिवार दोनों को छोड़ने के ऐलान के बाद RJD कार्यकर्ताओं में मायूसी छा गई है। हालांकि, अभी इस मामले में लालू परिवार के किसी अन्य की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
संजय यादव और रमीज का लिया नाम
लालू की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘मैं राजनीति छोड़ रही हूं। अपने परिवार से नाता तोड़ रही हूं। संजय यादव और रमीज ने मुझसे यही करने को कहा था। मैं सारा दोष अपने ऊपर ले रही हूं।’
जानिए कौन हैं संजय यादव और रमीज
संजय यादव राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और तेजस्वी यादव के सबसे करीबी सलाहकार हैं। बिहार सेवह राज्यसभा सांसद भी हैं। इसके साथ ही रोहिणी आचार्य ने रमीज का नाम लिया है। रमीज सुल्तान तेजस्वी यादव के बहुत करीबी सहयोगी और सलाहकारों में से एक हैं। वे संजय यादव की तरह ही तेजस्वी के इनर सर्कल का हिस्सा माने जाते हैं। वह तेजस्वी यादव के निजी सचिवालय (PSD) में काम करते हैं और पार्टी की रणनीति, मुस्लिम वोट बैंक मैनेजमेंट और चुनावी कैंपेन में अहम रोल निभाते रहे हैं।
रोहिणी पर लगाया गया ब्लेम
सूत्रों के अनुसार, खराब प्रदर्शन को लेकर रोहिणी पर ब्लेम लगाया गया है। कहा गया कि परिवार के विवाद की बात सार्वजनिक होने को लेकर चुनाव में गलत संदेश गया है। विवाद के बाद जब रोहिणी सिंगापुर चली गई तो चुनाव प्रचार के लिए रोहिणी को फिर बुलाया गया था, लेकिन सिर्फ राघोपुर प्रचार के लिए जाने दिया गया। रोहिणी छपरा की अलग-अलग सीटों पर जाना चाहती थी लेकिन नहीं जाने दिया गया।
रोहिणी के Good Luck का तेजस्वी ने नहीं दिया जवाब
शुक्रवार को काउंटिंग की शुरुआत होने समय रोहिणी ने Good luck कहा तो तेजस्वी ने कोई जवाब नहीं दिया। रमीज तेजस्वी के साथ क्रिकेट खेल चुके हैं। वह यूपी का रहने वाले हैं। बिहार अधिकार यात्रा के दौरान तेजस्वी के साथ देखे जाते थे। रमीज समाजवादी पार्टी के एक पूर्व सांसद के दामाद हैं। संजय यादव रोहिणी को तेजस्वी के लिए खतरा मानते हैं। पहले से भी रिश्तों में दरार थी।
आखिर क्यों संजय यादव को दूर नहीं कर पा रहे तेजस्वी?
संजय यादव को लेकर लग रहे आरोपों और लालू यादव की बेटी रोहिणी के ताजा आरोप के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं. सवाल यह है कि लालू परिवार में दरार की वजह संजय यादव को बताया जा रहा है. इन सब आरोपों के बाद आखिर ऐसा क्या है कि वह संजय यादव पर लग रहे आरोपों के बाद भी कुछ एक्शन नहीं ले पा रहे हैं. इस सवाल के जवाब का सभी को इंतजार है. दावा किया जाता है कि संजय यादव, राजद के रणनीतियों और पारिवारिक नीतियों में खासा दखल रखते हैं. देखना यह होगा कि रोहिणी आचार्य के ताजा आरोपों के बाद संजय यादव पर क्या फैसला होता है?
रोहिणी आचार्य के इन आरोपों के बाद बिहार की राजनीति में भूचाल आ गया है. उनके इस ट्वीट के बाद अब संजय यादव को लेकर सवाल उठना शुरू हो गए हैं. संजय यादव को लेकर लालू परिवार में दरार काफी समय से चल रही है. इसके बावजूद संजय यादव पर कोई भी एक्शन नहीं हो रहा?
एक और विवाद तब हुआ जब तेजस्वी यादव एक यात्रा में निकले थे. ऐसे में एक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था जिसमें संजय यादव तेजस्वी यादव की जगह फ्रंट सीट पर बैठे हुए दिखाई दिए थे. संजय यादव को फ्रंट सीट पर देखकर रोहिणी आचार्य ने अपनी नाराजगी जाहिर की थी.
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा था कि फ्रंट सीट हमेशा ही बड़े नेता के लिए होती है, बड़े नेता की गैर मौजूदगी में उस पर कोई नहीं बैठना चाहिए. उन्होंने आगे कहा था कि अगर ऐसे में कोई और खुद को बड़ा नेता समझ रहा है तो वह अलग बात है.






