नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा कि भ्रष्ट अधिकारी और नेताओं का नाम जल्द ही सार्वजनिक करूंगा। आरोप लगाया कि बिहार में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर बढ़ गया है। रविवार को सरकारी आवास एक पोलो रोड में पत्रकारों से तेजस्वी ने कहा कि कोई ऐसा विभाग बचा नहीं है, जहां घोटाला नहीं हो रहा है।
मुख्यमंत्री को सामने आकर जवाब देना चाहिए। जदयू-भाजपा से अधिक बिहार के भ्रष्ट अधिकारी डरे हुए हैं। खासकर डीके गिरोह की छत्रछाया में काम कर रहे अधिकारी अधिक चिंतित हैं। इन्हीं अधिकारियों ने पिछली बार विपक्ष को सत्ता में आने से रोका था। हम उन भ्रष्ट अधिकारी व मंत्रियों की सूची तैयार कर रहे हैं जो नाते-रिश्तेदारों के नाम पर देश-दुनिया में निवेश कर रहे हैं। भ्रष्टाचारियों की सूची जल्द सार्वजनिक करेंगे। उन्होंने कहा कि बिहार भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के टाइम बम पर बैठा हुआ है। डबल इंजन सरकार ने 20 साल बाद महिलाओं को प्रतिदिन के हिसाब से एक रुपए 38 पैसा दिया है। जो घोषणाएं हो रही है, उसका बजटीय प्रबंधन यह सरकार कैसे करेगी। सरकार के स्तर पर राजस्व बढ़ाने के क्या उपाय हैं। बिहार का तिजोरी खाली हो रहा है। पटना के सरकारी भवनों के साफ-सफाई के लिए निजी कंपनियों को 700 करोड़ का ठेका दिया गया है। आरोप लगाया कि यह एक तरह से संगठित भ्रष्टाचार है। बिहार में इंजीनियरों के यहां करोड़ों रुपये मिल रहे हैं। उनको संरक्षण मिलने के कारण कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। एक समय पीएम ने 31 घोटाले गिनाए थे। ईडी, सीबीआई क्या कर रही है? भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर विपक्षी नेताओं पर ही कार्रवाई हो रही है। एक सवाल पर तेजस्वी ने कहा कि महागठबंधन सरकार की अपनी योजनाएं होगी। बिहार का पैसा बिहार के लोगों तक पहुंचेगा। मौके पर प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल, सांसद अभय कुमार कुशवाहा, संजय यादव व सुरेन्द्र प्रसाद यादव, पूर्व मंत्री आलोक कुमार मेहता व शिवचन्द्र राम, एमएलसी फारूख शेख, शक्ति सिंह यादव और एजाज अहमद थे।







