एशिया कप के बाद, अब भारत बनाम पाकिस्तान का फ़ाइनल है. भारत और पाकिस्तान रविवार को दुबई में एक हाई-वोल्टेज एशिया कप फ़ाइनल में भिड़ेंगे, जहां राजनीतिक तनाव और मैदानी प्रतिद्वंद्विता टूर्नामेंट में उनके पहले ख़िताबी मुक़ाबले को और भी रोमांचक बना देगी. एशिया कप 2025 का फ़ाइनल ऐतिहासिक होगा, क्योंकि यह पहली बार होगा जब दोनों चिर-प्रतिद्वंद्वी किसी फ़ाइनल में आमने-सामने होंगे. आठ ख़िताब जीतने वाली सबसे सफल टीम भारत का सामना पाकिस्तान से होगा, जिसने दो बार ख़िताब जीता है. भारत इस साल छह मैचों में अपराजित रहा है, जबकि पाकिस्तान को केवल दो हार भारत के ख़िलाफ़ मिली हैं.
जीत ही सब कुछ नहीं होती लेकिन 11 भारतीय क्रिकेटर रविवार को यहां एशिया कप फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ उतरेंगे तो उनकी नजरें सिर्फ जीत हासिल करने पर टिकी होंगी. इस हाई-वोल्टेज मुकाबले की तैयारी के बीच मैदान पर खेल और मैदान के बाहर की राजनीति के बीच की रेखाएं धुंधली पड़ गई हैं. अमेरिकी राजनीतिक कार्यकर्ता और लेखक माइक मार्कुसी के शब्दों में यह ‘बिना गोलीबारी के युद्ध’ जैसा है. वर्षों से भारत-पाकिस्तान मुकाबले में रोमांच की कमी नहीं रही है लेकिन शायद ही कभी यह इतनी उथल-पुथल भरी पृष्ठभूमि में हुआ जब क्रिकेट के मैदान के बाहर का तनाव, उत्तेजक इशारे और दोनों पक्षों पर लगे जुर्माने इससे जुड़े हुए प्रतीत हों. फिर भी शोरगुल से परे क्रिकेट अपने आप में आकर्षक रहा है और इस दौरान सुर्खियां अभिषेक शर्मा के 200 से अधिक के शानदार स्ट्राइक रेट और कुलदीप यादव के 13 विकेट ने बटोरी. अफसोस की बात है कि ये उपलब्धियां भी अक्सर टकराव और बहस की भेंट चढ़ जाती हैं.
इसकी शुरुआत भारत की पहले मैच में ‘हाथ नहीं मिलाने की’ नीति से हुई जब कप्तान सूर्यकुमार यादव टॉस के समय और मैच के बाद हाथ मिलाए बिना चले गए. पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हारिस राऊफ ने तानों, अपशब्दों और यहां तक कि विमान दुर्घटना का इशारा करके जवाब दिया जिससे एक ऐसा बवाल मचा कि दोनों ही आईसीसी की जांच के घेरे में आ गए और उन पर 30 प्रतिशत का जुर्माना लगाया गया. आग में घी डालने का काम करते हुए पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी अपनी ‘एक्स’ टाइमलाइन पर लगातार रहस्यमय लेकिन भड़काऊ पोस्ट डालते रहे हैं. नकवी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और एशियाई क्रिकेट परिषद के प्रमुख भी हैं.
हालांकि कागजों पर भारत टूर्नामेंट में अब तक अजेय है और लगातार छह जीत के क्रम के दौरान सिर्फ श्रीलंका ने उसे सुपर ओवर तक धकेला है. इसके विपरीत पाकिस्तान फाइनल तक लड़खड़ाता हुआ पहुंचा है लेकिन जैसा कि उनके मुख्य कोच माइक हेसन ने बांग्लादेश को हराने के बाद व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, ‘फाइनल ही एकमात्र मैच है जो मायने रखता है.’ यहां तक कि भारत के सहयोगी स्टाफ ने भी यही भावना व्यक्त की. मैच से पहले प्रेस कांफ्रेंस के लिए आए गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने स्वीकार किया कि अब सुंदरता मायने नहीं रखती, ‘बदसूरत जीत भी जीत होती है.’
भारत का अपराजित अभियान सहज रहा है लेकिन चोटों से मुक्त नहीं रहा. श्रीलंका के खिलाफ हार्दिक पंड्या को पैर की मांसपेशियों में चोट के कारण एक ओवर के बाद ही मैदान से बाहर होना पड़ा जबकि अभिषेक शर्मा को भी गर्मी में ऐंठन की शिकायत हुई. मोर्कल ने शुक्रवार रात को आश्वस्त किया, ‘हार्दिक की कल सुबह जांच की जाएगी. उन्हें और अभिषेक दोनों को ऐंठन हुई है लेकिन अभिषेक ठीक है.’ यह खबर राहत देने वाली है क्योंकि पंजाब के बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने छह मैच में 309 रन बनाकर अकेले ही भारत की बल्लेबाजी का भार उठाया है. यह अंतर साफ दिख रहा है क्योंकि तिलक वर्मा 144 रन के साथ दूसरे नंबर पर हैं.
असली सवाल यह है कि क्या भारत के बाकी खिलाड़ी अभिषेक का बखूबी साथ निभा पाएंगे. सूर्यकुमार से बड़ी पारी की उम्मीद है. शुभमन गिल मुकाबले को खत्म नहीं कर पा रहे जबकि संजू सैमसन और तिलक जैसे खिलाड़ी श्रीलंका के खिलाफ महज औपचारिकता के मैच में ही अच्छा प्रदर्शन कर पाए हैं. अब तक अभिषेक ने पावरप्ले में अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन अगर वह असफल रहे तो क्या होगा? पूरे टूर्नामेंट के दौरान अभिषेक के अलावा अन्य बल्लेबाज बिल्कुल भी विश्वसनीय प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं और शीर्ष क्रम के लड़खड़ाने पर कोई भी ‘प्लान बी’ के बारे में नहीं जानता.
अगर भारत अभिषेक पर बहुत अधिक निर्भर है तो पाकिस्तान की कमजोरियां और भी अधिक स्पष्ट हैं. टीम का बल्लेबाजी क्रम काफी प्रभावी नहीं रहा है. जसप्रीत बुमराह को कुछ समय परेशान करने वाले साहिबजादा फरहान के अलावा अन्य बल्लेबाज दमदार प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं. सईम अयूब का अभियान बेहद निराशाजनक रहा है. वह चार बार शून्य पर आउट हुए और एक समय तो टूर्नामेंट में उनके नाम पर रन से अधिक विकेट दर्ज थे. हुसैन तलत और सलमान अली आगा भारतीय स्पिनरों के सामने लड़खड़ा गए. रविवार का मैच एक बार फिर कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती की चतुराई से तय हो सकता है.
पाकिस्तान की उम्मीदें नई गेंद से उसके खिलाड़ियों के आक्रामक प्रदर्शन पर टिकी हैं. अगर शाहीन शाह अफरीदी और हारिस राऊफ भारत के शीर्ष क्रम को जल्दी ध्वस्त कर देते हैं तो यह कम स्कोर वाला मुकाबला हो सकता है. लेकिन अभिषेक पर भारत की अत्यधिक निर्भरता की तरह शाहीन और राऊफ को भी अच्छे साथी गेंदबाजों की कमी खल रही है. रविवार के मुकाबले को शायद शिष्टाचार के लिए कम और नतीजे के लिए अधिक याद किया जाएगा. जैसा कि एक पुरानी कहावत है, ‘अंत भला तो सब भला.’ भारत के लिए केवल एक ही स्वीकार्य अंत है: पाकिस्तान पर जीत, चाहे वह अच्छी लगे या खराब.
टीम इस प्रकार हैं:
भारत: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), शुभमन गिल (उपकप्तान), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, जितेश शर्मा, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव, संजू सैमसन, हर्षित राणा और रिंकू सिंह.
पाकिस्तान: सलमान अली आगा (कप्तान), अबरार अहमद, फहीम अशरफ, फखर जमां, हारिस राऊफ, हसन अली, हसन नवाज, हुसैन तलत, खुशदिल शाह, मोहम्मद हारिस, मोहम्मद नवाज, मोहम्मद वसीम जूनियर, साहिबजादा फरहान, सईम अयूब, सलमान मिर्जा, शाहीन अफरीदी और सुफयान मोकिम.
समय: मैच भारतीय समयानुसार रात आठ बजे से खेला जाएगा.
आज हमें एशिया कप का चैंपियन मिल जाएगा। भारत या पाकिस्तान में से किसी एक की टीम ट्रॉफी उठाएगी। चैंपियन बनने के तो दो ही दावेदार हैं लेकिन ऐसा खिलाड़ी जो इस टूर्नामेंट का चैंपियन हो यानी प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट, उसके चार दावेदार हैं। दो भारत से और दो पाकिस्तान से। किसका दावा सबसे मजबूत है,
पहला दावेदार. अभिषेक शर्मा (भारत)- टूर्नामेंट के टॉप स्कोरर एशिया कप 2025 के टॉप स्कोरर अभिषेक शर्मा ने भारत को हर मैच में तेज शुरुआत दी है। वे अब तक 6 इनिंग में 51 की औसत से 309 रन बना चुके हैं। अभिषेक ने पिछले 3 मैचों में लगातार तीन फिफ्टी लगाई है।
अपने डेब्यू टूर्नामेंट में ही 50 से ज्यादा बाउंड्री लगाकर अभिषेक ने विपक्षी गेंदबाजों को बैकफुट पर धकेला है। भारत की लगभग हर जीत में अभिषेक की तेजतर्रार बल्लेबाजी की भूमिका रही। ओपनिंग स्लॉट पर जाकर उन्होंने तेज शुरुआत दी और मिडिल ओवर्स तक रन गति तेज बनाए रखी।
प्लेयर ऑफ टूर्नामेंट के सबसे बड़े दावेदार अभिषेक अब तक इस टूर्नामेंट में 2 बार प्लेयर ऑफ द मैच भी बन चुके हैं।
2. कुलदीप यादव- टूर्नामेंट के टॉप विकेट टेकर टूर्नामेंट के टॉप विकेट टेकर कुलदीप यादव ने अपनी स्पिन से सभी टीमों को परेशान किया है। उन्होंने गुगली और फ्लिपर जैसे हथियारों से भारत को मिडिल ओवर्स में विकेट दिलाया है। अब तक 6 मैचों में कुलदीप मात्र 6 की इकोनॉमी से 13 विकेट ले चुके हैं।
वे एक टी-20 एशिया कप में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले बॉलर भी हैं। दुबई की पिच पर कुलदीप ने शानदार बॉलिंग की है। वे इस एशिया कप में 2 बार प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीत चुके हैं।उन्होंने UAE के खिलाफ 4 और पाकिस्तान के खिलाफ पहले मैच में 3 विकेट निकाले थे।
3. शाहीन शाह अफरीदी- बैट और बॉल दोनों के साथ कमाल किया पाकिस्तान के पास भी प्लेयर ऑफ टूर्नामेंट के दो बड़े दावेदार हैं। शाहीन शाह अफरीदी और हारिस रउफ। अफरीदी इस एशिया कप में पाकिस्तान के लिए सबसे बड़े पॉजिटिव बनकर निकले। उन्होंने शुरुआती ओवरों में विकेट लेकर टीम को शानदार शुरुआत दी। उनकी स्विंग और पेस इस टूर्नामेंट में पाकिस्तान की ताकत रही।
वहीं बल्लेबाजी में शाहीन ने लोअर आर्डर में आकर तेज बैटिंग करके पाकिस्तान को कई बार मजबूत स्थिति में पहुंचाया। वे टूर्नामेंट में पाकिस्तान के टॉप विकेट टेकर हैं। शाहीन अब तक 9 विकेट चटका चुके हैं। बैटिंग में भी शाहीन ने 188 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए 83 रन बनाए, इसमें भारत के खिलाफ नाबाद 16 बॉल पर 33 रन उनका बेस्ट स्कोर रहा।
शाहीन ने भी इस एशिया कप में UAE और बांग्लादेश के खिलाफ दो बार प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड अपने नाम किया।
4. हारिस रउफ- पेस से सबको चौंकाया पाकिस्तान के लिए हारिस रउफ ने डेथ ओवर्स में अपने स्पेल से मैच पलटे। तेज रफ्तार गेंदबाजी और सटीक यॉर्कर ने उन्हें भी प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट की रेस में शामिल कर दिया है। रउफ टूर्नामेंट में अब तक 9 विकेट चटका चुके हैं। इस दौरान बांग्लादेश के खिलाफ जीत में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।
उन्होंने इस मैच 33 रन देकर 3 विकेट चटकाए और पाकिस्तान को फाइनल में पहुंचाया। रउफ लगातार 140+ स्पीड से बॉलिंग करते हैं। भारत के खिलाफ सुपर-4 मुकाबले में रउफ ने कप्तान सूर्यकुमार यादव और संजू सैमसन का विकेट निकाला था।







