आर्मी चीफ मैदान में
नेपाल में सेना ने संभाली कमान, सीमाएं सील और कर्फ्यू लागू
नेपाल में हालात बिगड़ने के बाद सेना ने सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी अपने हाथ में ले ली है. काठमांडू एयरपोर्ट और सरकार के मुख्य सचिवालय सिंहदरबार जैसे अहम ठिकानों पर सेना का नियंत्रण है. वहीं, देश की सीमाएं पूरी तरह बंद कर दी गई हैं. कर्फ्यू जारी है, हालांकि एंबुलेंस और शववाहन जैसी जरूरी सेवा से जुड़ी गाड़ियों को छूट दी गई है. सेना ने चेतावनी दी है कि प्रदर्शन, तोड़फोड़, लूट, आगजनी या किसी भी व्यक्ति और संपत्ति पर हमला अब दंडनीय अपराध माना जाएगा और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. साथ ही सेना ने नागरिकों और मीडिया से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें.
नेपाल में हालात संभालने की कमान सेना के हाथ में
काठमांडू से मौत, आगजनी और तबाही की तस्वीरों के बीच, केपी शर्मा ओली सरकार गिरने के बाद अब नेपाल में शांति बहाल करने की जिम्मेदारी सेना ने अपने हाथ में ले ली है. देशभर में कर्फ्यू लगाया गया है और सेना ने सख्त चेतावनी दी है कि तोड़फोड़, लूट या किसी पर हमला करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इस वक्त पूरी नजर सेना प्रमुख जनरल अशोक राज सिग्देल पर है. 58 वर्षीय जनरल, जिन्होंने पिछले साल पदभार संभाला था, ने मंगलवार रात राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वे हिंसा छोड़कर बातचीत का रास्ता अपनाएं. अपने संबोधन में उन्होंने कहा- ‘हम प्रदर्शनकारियों से अपील करते हैं कि वे आंदोलन के कार्यक्रमों को रोकें और संवाद के लिए आगे आएं ताकि देश के लिए शांतिपूर्ण रास्ता निकले. हमें मौजूदा कठिन हालात को सामान्य करना है, अपनी ऐतिहासिक और राष्ट्रीय धरोहर की रक्षा करनी है, सार्वजनिक और निजी संपत्ति की सुरक्षा करनी है और आम नागरिकों व राजनयिक मिशनों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी है.’
नेपाल में फंसी भारतीय महिला ने सुनी दर्द भरी दास्तां
नेपाल में Gen-Z के विरोध प्रदर्शनों के दौरान पोखरा से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक भारतीय महिला मोदी सरकार से मदद की गुहार लगाती दिख रही है. महिला ने दावा किया है कि प्रदर्शनकारियों ने उस होटल में आग लगा दी, जहां वह ठहरी हुई थी. उस समय वह एक स्पा में थी और बाद में लाठी-डंडे लिए भीड़ उनके पीछे दौड़ पड़ी, जिससे उन्हें जान बचाने के लिए भागना पड़ा. वीडियो में महिला कहती है कि मेरा नाम उपासना गिल है और मैं यह वीडियो प्रफुल्ल गर्ग को भेज रही हूं. मैं भारतीय दूतावास से अपील करती हूं कि कृपया हमारी मदद करें. जो भी हमारी मदद कर सकते हैं, कृपया मदद करें.
‘लोग बड़ी-बड़ी लाठियां लेकर मेरे पीछे दौड़ रहे थे’
उन्होंने आगे कहा कि कि मैं यहां नेपाल के पोखरा में फंसी हुई हूं. मैं यहां एक वॉलीबॉल लीग की मेज़बानी करने आई थी और जिस होटल में ठहरी थी, वह जलकर खाक हो गया है. मेरा सारा सामान मेरे कमरे में था और पूरे होटल में आग लग गई. मैं स्पा में थी और लोग बड़ी-बड़ी लाठियां लेकर मेरे पीछे दौड़ रहे थे, और मैं बड़ी मुश्किल से अपनी जान बचाकर भाग पाई.
‘मेरे साथ यहां बहुत से लोग फंसे हुए हैं’
उपासना गिल के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने पर्यटकों को भी नहीं बख्शा. उन्होंने बताया कि यहां हालात बहुत बुरे हैं. हर जगह सड़कों पर आग लगाई जा रही है. उन्हें इस बात से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता कि कोई पर्यटक है या कोई यहां काम से आया है. वे बिना सोचे-समझे हर जगह आग लगा रहे हैं और यहां हालात बहुत-बहुत ख़राब हो गए हैं. हमें नहीं पता कि हम कब तक किसी और होटल में रहेंगे, लेकिन मैं बस यही विनती करती हूं कि कृपया यह वीडियो, यह संदेश भारतीय दूतावास तक पहुंचा दिया जाए. मैं आप सभी से हाथ जोड़कर विनती करती हूं, कृपया हमारी मदद करें. मेरे साथ यहां बहुत से लोग हैं और हम सब यहां फंसे हुए हैं.
विदेश मंत्रालय ने जारी किए नंबर
विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है, जिसके मुुताबिक भारतीय नागरिकों को नेपाल के अधिकारियों और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास द्वारा जारी स्थानीय सुरक्षा सलाह का पालन करने की सलाह दी गई है. किसी भी सहायता की आवश्यकता होने पर काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के निम्नलिखित हेल्पलाइन नंबरों पर कॉल करें: 977 – 980 860 2881 (व्हाट्सएप कॉल भी) 977 – 981 032 6134 (व्हाट्सएप कॉल भी).”
जलते नेपाल में क्यों गूंज रहा ‘राजा आउनुपर्छ’ का नारा ,नेपाल में धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हालात; सेना ने संभाला सुरक्षा का जिम्मा
नेपाल में जारी उथल-पुथल ने एक बार फिर गुरु गोरखनाथ की सदियों पुरानी भविष्यवाणी को चर्चा में ला दिया है. वैसे तो नेपाल की सड़कों पर 2025 से लगातार विरोध की आवाजें सुनी जा रही थीं, लेकिन सोमवार को Gen Z का पारा जो आसमान पर पहुंचा, उसने संसद से लेकर प्रधानमंत्री के दफ्तर और घर तक को स्वाहा कर दिया. केपी ओली सरकार को शायद ही इस बात का अंदाजा होगा कि फेसबुक, इंस्टाग्राम, वॉटसऐप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बैन उनकी कुर्सी तक छीन लेगा.
गुरु गोरखनाथ की भविष्यवाणी क्या?
हालांकि नेपााल में कई लोग राजा दीपेंद्र के शासन को 11वीं पीढ़ी का राज नहीं मानते और उनका कहना है कि शाह वंश की एक और पीढ़ी अभी नेपाल पर राज करेगी.
कहां है राज परिवार?
उनकी बहू हिमानी शाह और पोते हृदयेन्द्र को भी हाल में जनता के बीच देखा दिया. हालांकि ज्ञानेंद्र ने अब तक औपचारिक रूप से सत्ता में वापसी की कोई इच्छा नहीं जताई है.
Gen Z के इस गुस्से की वजह क्या?
नेपाल में अब आगे क्या होगा?
प्रधानमंत्री ओली के इस्तीफे के बाद सवाल है कि नेपाल का अगला नेतृत्व कौन करेगा. मुख्यधारा पार्टियां अब भी गणतंत्र के पक्ष में हैं और राजशाही की वापसी को सिरे से खारिज करती हैं. लेकिन सड़क पर उठती आवाजें और युवाओं का गुस्सा दिखाता है कि नेपाल का राजनीतिक भविष्य अस्थिर मोड़ पर खड़ा है.
नेपाल में हिंसा के चलते फंसे भारतीय लोग
नेपाल में हिंसा के चलते उड़ान सेवाएं बाधित होने से सैंकड़ों भारतीय वहां फंसे हुए हैं। मुंबई के एक भारतीय नागरिक मयूर पाटिल ने कहा, ‘हम भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन और नेपाल के दर्शनीय स्थलों की यात्रा के लिए आए थे। हम 8 सितंबर को यहां पहुंचे। हमने पशुपतिनाथ मंदिर में दर्शन किए, लेकिन अब हम विरोध प्रदर्शनों के कारण फंस गए हैं। हमने भारतीय दूतावास को फोन किया और उन्होंने हमें जहां भी हैं, वहीं सुरक्षित रहने को कहा। वे हमें आगे क्या करना है, इसके बारे में बताएंगे। हमने 8 दिनों के दौरे की योजना बनाई थी। हमारा 15 लोगों का एक समूह हैं।’
काठमांडू की सड़कों पर नेपाली सेना
नेपाल की राजधानी काठमांडू में नेपाली सेना गश्त कर रही है, जहां पिछले दो दिनों से हिंसा जारी है और विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया था। कथित भ्रष्टाचार को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शनों के बीच नेपाली प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने कल इस्तीफा दे दिया। भैरवा में अगले आदेश तक कर्फ्यू लागू कर दिया गया है।
मीडिया समूह की इमारत में लगाई आग
नेपाली मीडिया कांतिपुर मीडिया समूह के मुख्यालय में भी मंगलवार को आग लगा दी गई है। इमारत से अभी भी धुआं उठ रहा है। कथित भ्रष्टाचार को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शनों के बीच नेपाली प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने कल इस्तीफा दे दिया।
इंडिगो ने काठमांडू के लिए उड़ान सेवाएं रद्द की
नेपाल में हालात को देखते हुए इंडिगो एयरलाइंस ने काठमांडू जाने वाली उड़ानें अगले आदेश तक रद्द कर दी हैं। इंडिगो ने एडवाइजरी जारी कर बताया कि काठमांडू से आने और जाने वाली सभी उड़ानें 10 सितंबर को दोपहर 12 बजे तक रद्द रहेंगी। एयरलाइंस ने काठमांडू एयरपोर्ट के बंद होने को इसकी वजह बताया है।
नक्खू जेल में भ्रष्टाचार के आरोप में बंद राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व उप प्रधानमंत्री रबि लामिछाने को प्रदर्शनकारियों ने जेल से छुड़ा लिया। उन्हें बीते साल 18 अक्तूबर को गिरफ्तार किया गया था। छात्रों के आंदोलन के बाद जेल प्रशासन ने लामिछाने की सुरक्षा सुनिश्चित करने से मना कर दिया। इसके बाद, उनकी पत्नी निकिता पौडेल ने व्यक्तिगत तौर पर सुरक्षा की जिम्मेदारी लेते हुए उन्हें जेल से बाहर निकाला। लामिछाने की रिहाई के बाद नक्खू जेल से सभी कैदी बाहर निकल गए। इस जेल में लगभग 1,500 कैदी बंद थे। बदले हालात में लामिछाने भी प्रधानमंत्री पद के दावेदार माने जा रहे हैं।
आंदोलनकारियों ने नेताओं के घरों के साथ ही नेपाली कांग्रेस, सीपीएन-यूएमएल समेत कई राजनीतिक दलों के दफ्तरों में भी आग लगा दी। सुरक्षाकर्मियों ने नेताओं व उनके परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की कोशिश की। धनगढ़ी में प्रदर्शनकारियों ने जेल का फाटक तोड़ दिया, जिसके बाद सैकड़ों कैदी जेल से फरार हो गए। काठमांडो में जगह-जगह सड़कों पर टायर जलाकर रास्ता रोका गया।
हामी नेपाल नामक संगठन वैसे तो 2015 से सक्रिय है लेकिन इसे 2020 में पंजीकृत कराया गया था। जानकारी के मुताबिक, इसका असल मुखिया संदर्क रूइट नामक एक सर्जन है। उसे हामी नेपाल ने अपना मेंटर बताया है। एनजीओ के 1600 से ज्यादा सदस्य हैं। हामी नेपाल ने प्रदर्शनकारियों की भीड़ जुटाने के लिए इंस्टाग्राम और डिस्कोर्ड एप का इस्तेमाल किया जिसमें ग्रुप चैट में लगातार निर्देश दिए जा रहे थे।
गुरुंग लगातार आंदोलनकारियों को एकजुट करने में लगे हैं। वह लगातार वीडियो जारी कर कर रहे हैं। ऐसे ही एक वीडियो में उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने हमारे कई भाइयों और बहनों को मार डाला है। इसलिए इस सरकार को काबिज रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
नेपाल में आंदोलन भड़कने के बीच एक ही नाम सबसे ज्यादा सुर्खियों में आ रहा है, वो है 36 वर्षीय सुदन गुरुंग का। गुरुंग को ही जेन-जी के इस आंदोलन का चेहरा माना जा रहा है। वह हामी नेपाल नामक एक एनजीओ के कर्ताधर्ता हैं। उनका संगठन नेपाल में प्राकृतिक आपदाओं में मदद करने का दावा करता है। यह संगठन युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय है, यही वजह है कि उनकी एक आवाज पर हजारों युवा सड़कों पर उतर आए।







