• होम
  • समाचार
    • खास खबर
    • TAZA KHABR
    • केंद्रीय राजनीती
      • राजनीति
      • राष्ट्रपति भवन
      • विपक्ष
      • सांसद
      • कैबिनेट
      • विज्ञान
      • स्वास्थ
      • सेना
      • शिक्षा
      • कानून
    • विशेष
      • शिक्षा
      • स्वास्थ
    • टेक्नोलॉजी
      • अंतरिक्ष
      • परिवहन
      • विज्ञान
      • पर्यावरण
  • पॉलिटिक्स बिहार
    • भाजपा
    • जदयू
    • कांग्रेस
    • राजद
    • हम
    • लोजपा
    • विआईपपी
    • मुख्यमंत्री
    • कम्युनिस्ट
    • विधानमंडल
    • राजभवन
    • अन्य विपक्ष
    • बिहार विधानसभा चुनाव 2025
  • खेल
    • क्रिकेट
    • फूटबाल
    • टेनिस
  • कारोबार
    • कृषि
    • पेट्रोलियम
    • धातु
    • नीति
    • शेयर बाज़ार
    • ऑटोमोबाइल
  • मनोरंजन
    • हॉलीवुड
    • बॉलीवुड
    • कला
    • रंगमंच
    • अवार्ड
    • फिल्म समीक्षा
    • नया लांच
    • भोजपुरी
    • कलाकार विशेष
  • जिलावार
    • उत्तर बिहार
      • मुजफ्फरपुर
      • सारण
      • सिवान
      • दरभंगा
      • पश्चिम चंपारण
      • पूर्वी चंपारण
      • समस्तीपुर
      • सीतामढ़ी
      • शिवहर
      • वैशाली
      • मधुबनी
    • मध्य बिहार
      • पटना
      • अरवल
      • गया
      • जमुई
      • जहानाबाद
      • नवादा
      • बेगुसराय
      • शेखपुरा
      • लखीसराय
      • नालंदा
    • पूर्वी बिहार
      • अररिया
      • कटिहार
      • किशनगंज
      • खगड़िया
      • पूर्णिया
      • बांका
      • भागलपुर
      • मुंगेर
      • सहरसा
      • सुपौल
      • मधेपुरा
    • पश्चिमी बिहार
      • औरंगाबाद
      • कैमूर
      • बक्सर
      • भोजपुर
      • रोहतास
  • प्रदेश
    • झारखण्ड
    • दक्षिण भारत
    • दिल्ली
    • पश्चिम बंगाल
    • पूर्वी भारत
    • मध्यप्रदेश
    • महाराष्ट्र
  • महिला युग
    • उप सम्पादक की कलम से
    • रोग उपचार
    • लेख
    • विशेष रिपोर्ट
    • समाज
    • मीडिया
    • Lokshbha2024
  • ब्लॉग
  • संपादकीय
  • होम
  • समाचार
    • खास खबर
    • TAZA KHABR
    • केंद्रीय राजनीती
      • राजनीति
      • राष्ट्रपति भवन
      • विपक्ष
      • सांसद
      • कैबिनेट
      • विज्ञान
      • स्वास्थ
      • सेना
      • शिक्षा
      • कानून
    • विशेष
      • शिक्षा
      • स्वास्थ
    • टेक्नोलॉजी
      • अंतरिक्ष
      • परिवहन
      • विज्ञान
      • पर्यावरण
  • पॉलिटिक्स बिहार
    • भाजपा
    • जदयू
    • कांग्रेस
    • राजद
    • हम
    • लोजपा
    • विआईपपी
    • मुख्यमंत्री
    • कम्युनिस्ट
    • विधानमंडल
    • राजभवन
    • अन्य विपक्ष
    • बिहार विधानसभा चुनाव 2025
  • खेल
    • क्रिकेट
    • फूटबाल
    • टेनिस
  • कारोबार
    • कृषि
    • पेट्रोलियम
    • धातु
    • नीति
    • शेयर बाज़ार
    • ऑटोमोबाइल
  • मनोरंजन
    • हॉलीवुड
    • बॉलीवुड
    • कला
    • रंगमंच
    • अवार्ड
    • फिल्म समीक्षा
    • नया लांच
    • भोजपुरी
    • कलाकार विशेष
  • जिलावार
    • उत्तर बिहार
      • मुजफ्फरपुर
      • सारण
      • सिवान
      • दरभंगा
      • पश्चिम चंपारण
      • पूर्वी चंपारण
      • समस्तीपुर
      • सीतामढ़ी
      • शिवहर
      • वैशाली
      • मधुबनी
    • मध्य बिहार
      • पटना
      • अरवल
      • गया
      • जमुई
      • जहानाबाद
      • नवादा
      • बेगुसराय
      • शेखपुरा
      • लखीसराय
      • नालंदा
    • पूर्वी बिहार
      • अररिया
      • कटिहार
      • किशनगंज
      • खगड़िया
      • पूर्णिया
      • बांका
      • भागलपुर
      • मुंगेर
      • सहरसा
      • सुपौल
      • मधेपुरा
    • पश्चिमी बिहार
      • औरंगाबाद
      • कैमूर
      • बक्सर
      • भोजपुर
      • रोहतास
  • प्रदेश
    • झारखण्ड
    • दक्षिण भारत
    • दिल्ली
    • पश्चिम बंगाल
    • पूर्वी भारत
    • मध्यप्रदेश
    • महाराष्ट्र
  • महिला युग
    • उप सम्पादक की कलम से
    • रोग उपचार
    • लेख
    • विशेष रिपोर्ट
    • समाज
    • मीडिया
    • Lokshbha2024
  • ब्लॉग
  • संपादकीय

नेपाल में सेना प्रमुख मैदान में, सड़कों पर आर्मी तैनात, प्रदर्शनकारियों को सख्त चेतावनी

UB India News by UB India News
September 11, 2025
in अन्तर्राष्ट्रीय, ब्लॉग
0
नेपाल में सेना प्रमुख मैदान में, सड़कों पर आर्मी तैनात, प्रदर्शनकारियों को सख्त चेतावनी
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
नेपाल इस वक्त अपने आधुनिक इतिहास के सबसे बड़े राजनीतिक और सामाजिक संकट से गुजर रहा है. प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल के अचानक इस्तीफे के बाद देश संवैधानिक शून्य में खड़ा है. वहीं, सोशल मीडिया बैन से भड़की युवा-नेतृत्व वाली लहर अब सत्ता-विरोधी सुनामी में बदल चुकी है. संसद भवन, सुप्रीम कोर्ट, सिंहदरबार सचिवालय और कई नेताओं के घरों को आग के हवाले कर दिया गया. हालात इतने बिगड़े कि सेना को मंगलवार रात 10 बजे से राष्ट्रीय सुरक्षा की जिम्मेदारी अपने हाथ में लेनी पड़ी.

देशभर में कर्फ्यू लागू है और सीमाएं सील कर दी गई हैं. सेना ने चेतावनी दी है कि किसी भी तरह की तोड़फोड़, लूट, आगजनी या हमला अब दंडनीय अपराध माना जाएगा और इसमें शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी. केवल एंबुलेंस और शववाहन जैसी आवश्यक सेवाओं को कर्फ्यू से छूट दी गई है. सेना ने नागरिकों और मीडिया से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें.

आर्मी चीफ मैदान में

इस बीच हालात को शांत करने के लिए नेपाल आर्मी चीफ जनरल अशोक राज सिग्देल खुद मोर्चे पर हैं. उन्होंने देर रात ‘Gen Z’ आंदोलन के प्रतिनिधियों को सेना मुख्यालय बुलाकर उनसे बातचीत की और उनकी मांगों को सुना. उन्होंने मौतों पर शोक जताते हुए युवाओं से संवाद के जरिए समाधान खोजने की अपील की. जनरल सिग्देल ने भरोसा दिया कि राष्ट्रपति के साथ उनकी सीधी मुलाकात कराई जाएगी. साथ ही उन्होंने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि मौजूदा कठिन परिस्थिति को सामान्य करना, सार्वजनिक और निजी संपत्ति की सुरक्षा करना और आम नागरिकों तथा राजनयिक मिशनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना ही सेना की पहली प्राथमिकता है.
नेपाल में हिंसा और असुरक्षा का आलम यह है कि झुम्का और कपिलवस्तु जैसी जेलों से सैकड़ों कैदी फरार हो गए. कई मीडिया संस्थानों पर हमले हुए, जिसमें कांतिकपुर टीवी का मुख्यालय भी शामिल है. भारतीय पर्यटक असुरक्षा के कारण जल्दबाजी में नेपाल छोड़कर लौट रहे हैं और भारतीय सीमा पर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह चौकन्नी हैं. नेपाल की मौजूदा तस्वीर भयावह और अनिश्चित है. सरकार के शीर्ष पद खाली हैं, सड़कों पर धुआं और खंडहर बचे हैं, और सेना पूरे देश को सामान्य स्थिति में लाने की कोशिश में जुटी है.
Nepal News Live Update: 

 नेपाल में सेना ने संभाली कमान, सीमाएं सील और कर्फ्यू लागू

नेपाल में हालात बिगड़ने के बाद सेना ने सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी अपने हाथ में ले ली है. काठमांडू एयरपोर्ट और सरकार के मुख्य सचिवालय सिंहदरबार जैसे अहम ठिकानों पर सेना का नियंत्रण है. वहीं, देश की सीमाएं पूरी तरह बंद कर दी गई हैं. कर्फ्यू जारी है, हालांकि एंबुलेंस और शववाहन जैसी जरूरी सेवा से जुड़ी गाड़ियों को छूट दी गई है. सेना ने चेतावनी दी है कि प्रदर्शन, तोड़फोड़, लूट, आगजनी या किसी भी व्यक्ति और संपत्ति पर हमला अब दंडनीय अपराध माना जाएगा और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. साथ ही सेना ने नागरिकों और मीडिया से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें.

नेपाल में हालात संभालने की कमान सेना के हाथ में

काठमांडू से मौत, आगजनी और तबाही की तस्वीरों के बीच, केपी शर्मा ओली सरकार गिरने के बाद अब नेपाल में शांति बहाल करने की जिम्मेदारी सेना ने अपने हाथ में ले ली है. देशभर में कर्फ्यू लगाया गया है और सेना ने सख्त चेतावनी दी है कि तोड़फोड़, लूट या किसी पर हमला करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इस वक्त पूरी नजर सेना प्रमुख जनरल अशोक राज सिग्देल पर है. 58 वर्षीय जनरल, जिन्होंने पिछले साल पदभार संभाला था, ने मंगलवार रात राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वे हिंसा छोड़कर बातचीत का रास्ता अपनाएं. अपने संबोधन में उन्होंने कहा- ‘हम प्रदर्शनकारियों से अपील करते हैं कि वे आंदोलन के कार्यक्रमों को रोकें और संवाद के लिए आगे आएं ताकि देश के लिए शांतिपूर्ण रास्ता निकले. हमें मौजूदा कठिन हालात को सामान्य करना है, अपनी ऐतिहासिक और राष्ट्रीय धरोहर की रक्षा करनी है, सार्वजनिक और निजी संपत्ति की सुरक्षा करनी है और आम नागरिकों व राजनयिक मिशनों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी है.’

नेपाल में फंसी भारतीय महिला ने सुनी दर्द भरी दास्तां

नेपाल में Gen-Z के विरोध प्रदर्शनों के दौरान पोखरा से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक भारतीय महिला मोदी सरकार से मदद की गुहार लगाती दिख रही है. महिला ने दावा किया है कि प्रदर्शनकारियों ने उस होटल में आग लगा दी, जहां वह ठहरी हुई थी. उस समय वह एक स्पा में थी और बाद में लाठी-डंडे लिए भीड़ उनके पीछे दौड़ पड़ी, जिससे उन्हें जान बचाने के लिए भागना पड़ा. वीडियो में महिला कहती है कि मेरा नाम उपासना गिल है और मैं यह वीडियो प्रफुल्ल गर्ग को भेज रही हूं. मैं भारतीय दूतावास से अपील करती हूं कि कृपया हमारी मदद करें. जो भी हमारी मदद कर सकते हैं, कृपया मदद करें.

‘लोग बड़ी-बड़ी लाठियां लेकर मेरे पीछे दौड़ रहे थे’ 
उन्होंने आगे कहा कि कि मैं यहां नेपाल के पोखरा में फंसी हुई हूं. मैं यहां एक वॉलीबॉल लीग की मेज़बानी करने आई थी और जिस होटल में ठहरी थी, वह जलकर खाक हो गया है. मेरा सारा सामान मेरे कमरे में था और पूरे होटल में आग लग गई. मैं स्पा में थी और लोग बड़ी-बड़ी लाठियां लेकर मेरे पीछे दौड़ रहे थे, और मैं बड़ी मुश्किल से अपनी जान बचाकर भाग पाई.

‘मेरे साथ यहां बहुत से लोग फंसे हुए हैं’
उपासना गिल के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने पर्यटकों को भी नहीं बख्शा. उन्होंने बताया कि यहां हालात बहुत बुरे हैं. हर जगह सड़कों पर आग लगाई जा रही है. उन्हें इस बात से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता कि कोई पर्यटक है या कोई यहां काम से आया है. वे बिना सोचे-समझे हर जगह आग लगा रहे हैं और यहां हालात बहुत-बहुत ख़राब हो गए हैं. हमें नहीं पता कि हम कब तक किसी और होटल में रहेंगे, लेकिन मैं बस यही विनती करती हूं कि कृपया यह वीडियो, यह संदेश भारतीय दूतावास तक पहुंचा दिया जाए. मैं आप सभी से हाथ जोड़कर विनती करती हूं, कृपया हमारी मदद करें. मेरे साथ यहां बहुत से लोग हैं और हम सब यहां फंसे हुए हैं.

विदेश मंत्रालय ने जारी किए नंबर
विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है, जिसके मुुताबिक भारतीय नागरिकों को नेपाल के अधिकारियों और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास द्वारा जारी स्थानीय सुरक्षा सलाह का पालन करने की सलाह दी गई है. किसी भी सहायता की आवश्यकता होने पर काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के निम्नलिखित हेल्पलाइन नंबरों पर कॉल करें: 977 – 980 860 2881 (व्हाट्सएप कॉल भी) 977 – 981 032 6134 (व्हाट्सएप कॉल भी).”

जलते नेपाल में क्यों गूंज रहा ‘राजा आउनुपर्छ’ का नारा ,नेपाल में धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हालात; सेना ने संभाला सुरक्षा का जिम्मा

नेपाल में जारी उथल-पुथल ने एक बार फिर गुरु गोरखनाथ की सदियों पुरानी भविष्यवाणी को चर्चा में ला दिया है. वैसे तो नेपाल की सड़कों पर 2025 से लगातार विरोध की आवाजें सुनी जा रही थीं, लेकिन सोमवार को Gen Z का पारा जो आसमान पर पहुंचा, उसने संसद से लेकर प्रधानमंत्री के दफ्तर और घर तक को स्वाहा कर दिया. केपी ओली सरकार को शायद ही इस बात का अंदाजा होगा कि फेसबुक, इंस्टाग्राम, वॉटसऐप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बैन उनकी कुर्सी तक छीन लेगा.

RELATED POSTS

ईरान-अमेरिका के बीच हर दिन के साथ बढ़ रहा तनाव ……………

मदर ऑफ ऑल ट्रेड डील्स को देख जला अमेरिका का खून………….

नेपाल की सड़कों पर उतरे Gen Z के युवा प्रदर्शनकारी भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद करने के साथ ही राजशाही की बहाली की भी मांग करते दिखे. राजधानी काठमांडू में पिछले दो दिनों से एक नारा गूंज रहा है. कई युवा प्रदर्शनकारी ‘राजा आउनुपर्छ’ के नारे लगाते दिखे, जिसका मतलब होता है ‘राजा वापस आना चाहिए.’

गुरु गोरखनाथ की भविष्यवाणी क्या?

Gen Z के इसी नारे को लोग गुरु गोरखनाथ की भविष्यवाणी से जोड़कर देख रहे हैं. ऐसा कहा जाता है कि 18वीं सदी में नेपाल को एकजुट करने वाले राजा पृथ्वीनारायण शाह को गुरु गोरखनाथ ने आशीर्वाद दिया था कि उनके वंश की राजशाही ग्यारह पीढ़ियों तक चलेगी.
नेपाल के राजशाही समर्थक मानते हैं कि यह भविष्यवाणी राजा दीपेंद्र शाह के साथ पूरी हो गई. 2001 की राजमहल हत्याकांड में वे कोमा की हालत में सिंहासन पर बैठे, और उनकी छोटी-सी अवधि को राजशाही की ग्यारहवीं पीढ़ी माना गया. 2008 में राजशाही का औपचारिक अंत इसी भविष्यवाणी का फल माना गया.

हालांकि नेपााल में कई लोग राजा दीपेंद्र के शासन को 11वीं पीढ़ी का राज नहीं मानते और उनका कहना है कि शाह वंश की एक और पीढ़ी अभी नेपाल पर राज करेगी.

कहां है राज परिवार?

नेपाल में सरकार के खिलाफ Gen Z के इस उग्र प्रदर्शन के बीच सबकी नजरें राज परिवार पर टिकी हैं. लोग सवाल उठा रहे हैं कि नेपाल जब हिंसा की आग में जल रहा है तब ऐसे समय में पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह कहां है. दरअसल राजा ज्ञानेंद्र साल 2008 से ही सार्वजनिक जीवन से दूर हैं. वह काठमांडू स्थित निर्मल निवास और कभी-कभी नागर्जुन हिल्स स्थित अपने कॉटेज ‘हेमंताबास’ में रहते हैं. मार्च और मई में वह सार्वजनिक समारोह में शामिल होते हैं, जिसमें हजारों समर्थक आज भी उनके दर्शन के लिए जुटते हैं.

उनकी बहू हिमानी शाह और पोते हृदयेन्द्र को भी हाल में जनता के बीच देखा दिया. हालांकि ज्ञानेंद्र ने अब तक औपचारिक रूप से सत्ता में वापसी की कोई इच्छा नहीं जताई है.

Gen Z के इस गुस्से की वजह क्या?

नेपाल ने वर्ष 2008 में गणतंत्र की घोषणा के बाद लोकतांत्रिक यात्रा शुरू की, लेकिन पिछले 17 वर्षों में बार-बार सरकारें बदलीं, भ्रष्टाचार के आरोप लगे और बेरोजगारी बढ़ती गई. वर्ल्ड बैंक के अनुसार, बीते साल नेपाल में युवा बेरोजगारी 20% रही, और हर दिन करीब 2,000 युवा विदेशों में काम की तलाश में निकलते हैं. ऐसे हालात में टिकटॉक और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म युवाओं के गुस्से और राजनीतिक अभिव्यक्ति का मंच बन गए हैं.

नेपाल में अब आगे क्या होगा?

प्रधानमंत्री ओली के इस्तीफे के बाद सवाल है कि नेपाल का अगला नेतृत्व कौन करेगा. मुख्यधारा पार्टियां अब भी गणतंत्र के पक्ष में हैं और राजशाही की वापसी को सिरे से खारिज करती हैं. लेकिन सड़क पर उठती आवाजें और युवाओं का गुस्सा दिखाता है कि नेपाल का राजनीतिक भविष्य अस्थिर मोड़ पर खड़ा है.

गुरु गोरखनाथ की भविष्यवाणी को मानें तो शाह वंश की ग्यारह पीढ़ियों के साथ राजशाही का अध्याय समाप्त हो चुका है. लेकिन नेपाल की सड़कों पर गूंजते नारों और युवाओं की आक्रोशित भीड़ को देखकर यह सवाल फिर उठ रहा है- क्या इतिहास खुद को दोहराने जा रहा है?

नेपाल में हिंसा के चलते फंसे भारतीय लोग

नेपाल में हिंसा के चलते उड़ान सेवाएं बाधित होने से सैंकड़ों भारतीय वहां फंसे हुए हैं। मुंबई के एक भारतीय नागरिक मयूर पाटिल ने कहा, ‘हम भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन और नेपाल के दर्शनीय स्थलों की यात्रा के लिए आए थे। हम 8 सितंबर को यहां पहुंचे। हमने पशुपतिनाथ मंदिर में दर्शन किए, लेकिन अब हम विरोध प्रदर्शनों के कारण फंस गए हैं। हमने भारतीय दूतावास को फोन किया और उन्होंने हमें जहां भी हैं, वहीं सुरक्षित रहने को कहा। वे हमें आगे क्या करना है, इसके बारे में बताएंगे। हमने 8 दिनों के दौरे की योजना बनाई थी। हमारा 15 लोगों का एक समूह हैं।’

काठमांडू की सड़कों पर नेपाली सेना

नेपाल की राजधानी काठमांडू में नेपाली सेना गश्त कर रही है, जहां पिछले दो दिनों से हिंसा जारी है और विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया था। कथित भ्रष्टाचार को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शनों के बीच नेपाली प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने कल इस्तीफा दे दिया। भैरवा में अगले आदेश तक कर्फ्यू लागू कर दिया गया है।

मीडिया समूह की इमारत में लगाई आग

नेपाली मीडिया कांतिपुर मीडिया समूह के मुख्यालय में भी मंगलवार को आग लगा दी गई है। इमारत से अभी भी धुआं उठ रहा है। कथित भ्रष्टाचार को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शनों के बीच नेपाली प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने कल इस्तीफा दे दिया।

इंडिगो ने काठमांडू के लिए उड़ान सेवाएं रद्द की

नेपाल में हालात को देखते हुए इंडिगो एयरलाइंस ने काठमांडू जाने वाली उड़ानें अगले आदेश तक रद्द कर दी हैं। इंडिगो ने एडवाइजरी जारी कर बताया कि काठमांडू से आने और जाने वाली सभी उड़ानें 10 सितंबर को दोपहर 12 बजे तक रद्द रहेंगी। एयरलाइंस ने काठमांडू एयरपोर्ट के बंद होने को इसकी वजह बताया है।

पूर्व उप प्रधानमंत्री लामिछाने को छुड़ाया
नक्खू जेल में भ्रष्टाचार के आरोप में बंद राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व उप प्रधानमंत्री रबि लामिछाने को प्रदर्शनकारियों ने जेल से छुड़ा लिया। उन्हें बीते साल 18 अक्तूबर को गिरफ्तार किया गया था। छात्रों के आंदोलन के बाद जेल प्रशासन ने लामिछाने की सुरक्षा सुनिश्चित करने से मना कर दिया। इसके बाद, उनकी पत्नी निकिता पौडेल ने व्यक्तिगत तौर पर सुरक्षा की जिम्मेदारी लेते हुए उन्हें जेल से बाहर निकाला। लामिछाने की रिहाई के बाद नक्खू जेल से सभी कैदी बाहर निकल गए। इस जेल में लगभग 1,500 कैदी बंद थे। बदले हालात में लामिछाने भी प्रधानमंत्री पद के दावेदार माने जा रहे हैं।
पार्टियों के दफ्तर-जेल पर हमला, कैदी भागे
आंदोलनकारियों ने नेताओं के घरों के साथ ही नेपाली कांग्रेस, सीपीएन-यूएमएल समेत कई राजनीतिक दलों के दफ्तरों में भी आग लगा दी। सुरक्षाकर्मियों ने नेताओं व उनके परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की कोशिश की। धनगढ़ी में प्रदर्शनकारियों ने जेल का फाटक तोड़ दिया, जिसके बाद सैकड़ों कैदी जेल से फरार हो गए। काठमांडो में जगह-जगह सड़कों पर टायर जलाकर रास्ता रोका गया।
2015 से सक्रिय है हामी नेपाल संगठन
हामी नेपाल नामक संगठन वैसे तो 2015 से सक्रिय है लेकिन इसे 2020 में पंजीकृत कराया गया था। जानकारी के मुताबिक, इसका असल मुखिया संदर्क रूइट नामक एक सर्जन है। उसे हामी नेपाल ने अपना मेंटर बताया है। एनजीओ के 1600 से ज्यादा सदस्य हैं। हामी नेपाल ने प्रदर्शनकारियों की भीड़ जुटाने के लिए इंस्टाग्राम और डिस्कोर्ड एप का इस्तेमाल किया जिसमें ग्रुप चैट में लगातार निर्देश दिए जा रहे थे।
आंदोलनकारियों को एकजुट करने में जुटे

गुरुंग लगातार आंदोलनकारियों को एकजुट करने में लगे हैं। वह लगातार वीडियो जारी कर कर रहे हैं। ऐसे ही एक वीडियो में उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने हमारे कई भाइयों और बहनों को मार डाला है। इसलिए इस सरकार को काबिज रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

सुदन गुरुंग बने आंदोलन का चेहरा

नेपाल में आंदोलन भड़कने के बीच एक ही नाम सबसे ज्यादा सुर्खियों में आ रहा है, वो है 36 वर्षीय सुदन गुरुंग का। गुरुंग को ही जेन-जी के इस आंदोलन का चेहरा माना जा रहा है। वह हामी नेपाल नामक एक एनजीओ के कर्ताधर्ता हैं। उनका संगठन नेपाल में प्राकृतिक आपदाओं में मदद करने का दावा करता है। यह संगठन युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय है, यही वजह है कि उनकी एक आवाज पर हजारों युवा सड़कों पर उतर आए।

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

अमेरिका का ईरान पर हमला पड़ सकता है भारी ………………..

ईरान-अमेरिका के बीच हर दिन के साथ बढ़ रहा तनाव ……………

by UB India News
January 28, 2026
0

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर पहुंच चुका है. फिलहाल दोनों देशों में सीधी जंग तो नहीं, लेकिन...

नहीं माने ट्रंप, भारत पर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ का नोटिफिकेशन जारी, कुछ घंटों बाद हो जाएगा लागू

मदर ऑफ ऑल ट्रेड डील्स को देख जला अमेरिका का खून………….

by UB India News
January 28, 2026
0

भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुआ मुक्त व्यापार समझौता वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा बदलने वाला कदम माना जा रहा...

विमान हादसे में भारत के इन बड़े नेताओं की गई जान……

विमान हादसे में भारत के इन बड़े नेताओं की गई जान……

by UB India News
January 28, 2026
0

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का विमान हादसे में निधन हो गया है. पिछले 7 महीने में यह दूसरी...

जंग, तबाही और शांति, कैसे बना 27 देशों वाला यूरोपियन यूनियन? जिससे भारत ने की डील

जंग, तबाही और शांति, कैसे बना 27 देशों वाला यूरोपियन यूनियन? जिससे भारत ने की डील

by UB India News
January 28, 2026
0

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप खंडहर में बदल चुका था. लाखों लोग मारे गए, अर्थव्यवस्थाएं टूट चुकी थीं. देशों...

पगड़ी, परंपरा और पहचान: 2015 से 2026 तक……………..

पगड़ी, परंपरा और पहचान: 2015 से 2026 तक……………..

by UB India News
January 28, 2026
0

गणतंत्र दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लुक हर साल सुर्खियों में रहता है क्योंकि उनके पहनावे में सिर्फ फैशन...

Next Post
नहीं माने ट्रंप, भारत पर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ का नोटिफिकेशन जारी, कुछ घंटों बाद हो जाएगा लागू

डोनाल्ड ट्रंप की पोस्ट पर पीएम मोदी ने दिया जवाब, बोले- 'भारत और अमेरिका स्वाभाविक साझेदार...

जीएसटी सुधारों के एलान के बाद शेयर बाजार गुलजार; सेंसेक्स ने लगाई लंबी छलांग, निफ्टी में भी तेजी

शेयर बाजार झूमा, सेंसेक्स 368 अंक उछला, निफ्टी 25,000 के करीब, ये स्टॉक्स लहराए

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © 2025 ubindianews.com All Rights Reserved

MADE WITH ❤ BY AMBITSOLUTIONS.CO.IN

No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend