बिहार में चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) को लेकर छात्र आज यानी मंगलवार को आंदोलन कर रहे हैं। अभ्यर्थियों की मांग है कि सरकार 15 सितंबर से पहले 1.20 लाख पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी करे। कैंडिडेट्स सीटों की कटौती का विरोध कर रहे हैं। प्रदर्शन में करीब 6 हजार अभ्यर्थी शामिल हैं।
कैंडिडेट्स का कहना है कि, सरकार ने पहले ऐलान किया था कि चौथे चरण में 1 लाख से अधिक की बहाली होगी, लेकिन, शिक्षा मंत्री ने शिक्षक दिवस पर बयान दिया था कि 26 हजार से अधिक ही भर्ती निकाली जाएगी। शिक्षा मंत्री के इसी बयान का कैंडिडेट्स ने विरोध शुरू कर दिया।
प्रदर्शन सुबह 11 बजे से पटना कॉलेज से शुरू हुआ। अभ्यर्थियों ने खेतान मार्केट, बाकरगंज, गांधी मैदान, जेपी गोलंबर, डाक बंगला चौराहा होते हुए मुख्यमंत्री आवास जाने का ऐलान किया है।
छात्र नेता दिलीप ने कहा कि, जब तक डोमिसाइल लागू नहीं था, तब सरकार बड़ी बहाली का दावा कर रही थी। कभी 50 हजार, कभी 80 हजार और फिर 1.20 लाख पदों का वादा किया गया, लेकिन जैसे ही डोमिसाइल लागू हुआ, सीटें घटाकर 27,910 कर दी गईं।
बिहार के युवाओं के साथ छल करने का आरोप
दिलीप ने कहा कि इससे साफ है कि पहले बाहर के युवाओं को नौकरी देने के लिए आंकड़े बढ़ाए जाते थे, लेकिन अब बिहार के युवाओं के साथ छल किया जा रहा है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री खुद कई बार 1.20 लाख पदों पर बहाली का ऐलान कर चुके हैं। ऐसे में 27 हजार पदों पर परीक्षा कराना युवाओं के साथ धोखा है।
16 से 19 दिसंबर के बीच होगी TRE-4 की परीक्षा
इस पूरे विवाद पर शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि सरकार चौथे चरण में 26 हजार से अधिक पदों पर भर्ती कराने जा रही है। उन्होंने परीक्षा और रिजल्ट की तिथियां भी घोषित की हैं।
परीक्षा 16 से 19 दिसंबर 2025 के बीच होगी। परिणाम 20 से 26 जनवरी 2026 तक जारी कर दिए जाएंगे। शिक्षा मंत्री ने दावा किया कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से कराई जाएगी।







