बिहार के नालंदा जिले के हिलसा थाना क्षेत्र के मलावां गांव में कैबिनेट मंत्री श्रवण कुमार और स्थानीय विधायक कृष्ण मुरारी उर्फ प्रेम मुखिया को ग्रामीणों ने लाठी-डंडा लेकर घेर लिया। ग्रामीणों के गुस्से से बचने के लिए दोनो नेता एक किलोमीटर पैदल भागकर अपनी जान बचाए। ग्रामीणों के साथ झड़प में एक पुलिसकर्मी को हल्की चोटें भी आई हैं। घटना के बाद मलावां गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है।
हिलसा थाना इलाके के मलावां गांव में अभी हाल में ही सड़क हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई थी। मंत्री श्रवण कुमार और स्थानीय विधायक पीड़ित परिजनों के घर गए थे। जानकारी के मुताबिक घटना के 5 दिनों के बाद पहुंचने पर ग्रामीण आक्रोशित हो गए।
जानकारी के मुताबिक, तीन दिन पहले सड़क हादसे में 9 लोगों की मौत हुई थी। इसी घटना से प्रभावित परिवारों से मिलने मंत्री और विधायक गांव पहुंचे थे। दोनों नेताओं ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और फिर लौटने लगे। ग्रामीणों ने उनसे कुछ देर और गांव में रुकने की गुहार लगाई, लेकिन मंत्री ने कहा कि सभी परिवारों से मुलाकात हो चुकी है और उन्हें आगे कार्यक्रम में जाना है। इसके बाद मुआवजे को लेकर ग्रामीण भड़क गए। उन्होंने पहले एक स्थानीय पत्रकार और विधायक को घेर लिया, फिर लाठी-डंडे लेकर हमला कर दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि हादसे के दिन विधायक के कहने पर उन्होंने सड़क जाम हटाया था, लेकिन आज तक उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिला। इससे गुस्साए ग्रामीण उग्र हो गए और हमला कर दिया। घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल पहुंच गया और आक्रोशित ग्रामीणों को समझाने-बुझाने की कोशिश की जा रही है।
शनिवार को हुई थी 9 लोगों की मौत
पिछले शनिवार को दनियामा प्रखंड के शाहजहांपुर थाना क्षेत्र के दनियामा हिलसा सड़क मार्ग पर सुबह-सुबह डंपर एवं ऑटो में जोरदार टक्कर हो गई थी, जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई थी, सभी लोग नालंदा जिला के हिलसा थाना अंतर्गत रेडी मलामा के निवासी थे। सभी लोग उस दिन फतुहा त्रिवेणी में गंगा स्थान के लिए फतुहा जा रहे थे। उसी वक्त हादसा हुआ था और नौ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। घटना के बाद हिलसा के विधायक कृष्ण मुरारी उर्फ प्रेम मुखिया भी पहुंचे थे।
लाठी डांटे लेकर मंत्री को ग्रामीणों ने घेरा
आज बिहार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री एवं हिलसा विधायक मृतक के परिजनों से मिलने गांव पहुंचे तो लोगों में इस बात का आक्रोश था कि घटना वाले दिन स्थानीय विधायक के कहने पर ही लोगों ने सड़क जाम हटाया था परंतु मुआवजा अभी तक नहीं मिला है। साथ ही मंत्री जी बहुत ही जल्द लोगों से मिलकर दूसरे कार्यक्रम में जाने के लिए आतुर दिखे। जिसे लेकर ग्रामीणों में गुस्सा आ गया और मंत्री जी और विधायक को लोगों ने लाठी डंडे लेकर घेर लिए।
इसके बाद ग्रामीण के ही कुछ लोगों के द्वारा समझाने बुझाने एवं कहा सुनी कहते हुए करीब एक किलोमीटर तक विधायक और मंत्री जी को पैदल चलना पड़ा है। हालांकि इस मामले के बाद गांव में पुलिस मामले की जांच करने में जुट गई है।







