बिहार में वोटर अधिकार यात्रा के 10वें दिन राहुल गांधी को बहन प्रियंका का साथ मिला है। एक दिन के ब्रेक के बाद मंगलवार को सुपौल से यात्रा फिर शुरू हो रही। इसमें प्रियंका के अलावे तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी भी जुड़े हैं। साथ ही नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, पूर्णिया सांसद पप्पू यादव और माले नेता दीपांकर भट्टाचार्य भी गाड़ी में हैं। राहुल का काफिला सुपौल के ITI कॉलेज मैदान से आगे बढ़ा है। इस दौरान भीड़ से ‘वोट चोर-गद्दी छोड़’ के नारे लगे। वहीं प्रियंका गांधी हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन करतीं नजर आईं।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मंगलवार सुबह 8 बजे सुपौल जिला मुख्यालय स्थित हुसैन चौक से “वोटर अधिकार यात्रा” की शुरुआत करेंगे। इस मौके पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव, वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी सहित महागठबंधन के कई बड़े नेता भी मौजूद रहेंगे। सोमवार को जिला अतिथि गृह में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्यसभा सांसद एवं कांग्रेस राष्ट्रीय सचिव रंजीत रंजन ने यात्रा से जुड़ी तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में यात्रा में शामिल होने की अपील की और बताया कि 1 सितंबर को पटना के गांधी मैदान में एसआईआर मुद्दे पर विशाल जनसभा का भी आयोजन होगा।
तेजस्वी बोले- NDA का मतलब ‘नहीं देंगे अधिकार’
सुपौल से होते हुए ये यात्रा मधुबनी में एंट्री करेगी। इसके बाद लोहिया चौक पर एक जनसभा का आयोजन होगा। यात्रा के दौरान सिजौलिया में अति पिछड़ा सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जहां पर ही लंच ब्रेक होगा। इसके बाद राहुल गांधी का काफिला मोहन चौक होते हुए आगे बढ़ेगा। सकरी में जनसभा के बाद राहुल रात में वही रुकेंगे। आज की यात्रा में तेलंगाना के CM रेवंत रेड्डी के शामिल होने की तेज चर्चा है। इधर, पटना से सुपौल के लिए निकलने के दौरान तेजस्वी ने कहा, ‘ यात्रा को लेकर जनता में भारी उत्साह है, लोगों का प्यार महागठबंधन को मिल रहा है। जिससे बेचैनी NDA के लोगों को हो रही है। हमने पहले भी कहा था NDA का मतलब ‘नहीं देंगे अधिकार’।’
प्रियंका गांधी भाई राहुल के साथ मां जानकी मंदिर में करेंगी पूजा
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी बिहार के सीतामढ़ी में भगवान राम की अर्धांगिनी जानकी मंदिर में माथा टेकने पहुच रही हैं. प्रियंका गांधी 27 अगस्त को सीतामढ़ी में राहुल के साथ मां जानकी के मंदिर में पूजन-अर्चना करेंगी. वोटर अधिकार यात्रा के नौंवे दिन के ब्रेक के बाद राहुल गांधी, तेजस्वी यादव, दीपांकर भट्टाचार्य और मुकेश सहनी के साथ प्रियंका गांधी भी शामिल होने जा रही है.
17 अगस्त को सासाराम से शुरू हुई ये यात्रा 1 सितंबर को पटना में खत्म होगी. 16 दिनों में यह यात्रा 20 से अधिक जिलों को कवर करेगी. लेकिन प्रियंका ने खासतौर पर 26-27 अगस्त को ही चुना. दरअसल, प्रियंका सीतामढ़ी में मां जानकी के मंदिर में दर्शन करना चाहती थीं.
दरअसल, पहले गांधी परिवार पर राम मंदिर ना जाने के तमाम आरोप लगे. हालांकि, कांग्रेस ने साफ किया. चारों शंकराचार्य अधूरी राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा से इंकार किया था और वो सनातन धर्म के शंकराचार्य पर पूरा विश्वास रखते है. वैसे कांग्रेस कहती आई है कि राम जन्मभूमि का ताला खुलवाने की बात हो या मंदिर के शिलान्यास की बात हो दोनों हमारे नेता राजीव गांधी ने किया.
कांग्रेस प्रभारी बोले- वोट चोरी के कारण BJP जीती
कांग्रेस प्रभारी कृष्ण अल्लावरू ने कहा, ‘जनता का आशीर्वाद कांग्रेस पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के साथ है। अगर वोट चोरी न होती, तो प्रधानमंत्री मोदी कभी प्रधानमंत्री नहीं बनते। हमने सबूत दिखाए हैं कि वोट चोरी के कारण ही भाजपा के उम्मीदवार हर निर्वाचन क्षेत्र में जीते हैं। यही कारण है कि हम वोट चोर – गद्दी चोर कहते हैं। आने वाले दिनों में अखिलेश यादव जी, झारखंड के मुख्यमंत्री, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ नेताओं सहित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) गठबंधन के कई वरिष्ठ नेता इस यात्रा में शामिल होंगे।’
तीज और प्रियंका का चुनावी दांव
नीतीश कुमार लंबे समय से महिला वोट बैंक को साधने में सफल रहे हैं. चाहे आरक्षण की नीतियां हों या साइकिल-स्कूल योजना, महिलाओं के बीच उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है. ऐसे में कांग्रेस का यह कदम सीधे-सीधे नीतीश कुमार के कोर वोटरों पर सेंध लगाने जैसा है. पार्टी चाहती है कि तीज जैसे मौके पर प्रियंका गांधी महिलाओं के बीच अपनी छवि मजबूत करें और यह संदेश दें कि कांग्रेस भी महिला सशक्तिकरण की राजनीति में पीछे नहीं है.







