अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की आज व्हाइट हाउस में मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात का एजेंडा रूस-यूक्रेन जंग रोकना है। ट्रम्प ने तीन दिन पहले ही यूक्रेन जंग को लेकर रूसी राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की थी। 3 घंटे मीटिंग के बाद भी यह बातचीत बेनतीजा रही थी। ट्रम्प पहले ही कह चुके हैं कि जंग रोकने के लिए यूक्रेन को रूस से जमीन की अदला-बदली करनी होगी। ऐसे में आज की मुलाकात में एक बार फिर से इस मुद्दे पर बात हो सकती है।
इस मीटिंग में ट्रम्प और जेलेंस्की के अलावा ब्रिटिश PM कीर स्टार्मर, जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्त्ज, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, इटली की PM जॉर्जिया मेलोनी और नाटो महासचिव मार्क रूटे मौजूद रहेंगे।
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अमेरिका पहुंचने के बाद डोनाल्ड ट्रंप की धमकी पर जवाब देते हुए कहा है कि यूक्रेन और रूस की लड़ाई में फर्क है क्योंकि यूक्रेन अपनी आजादी के लिए लड़ रहा है. ऐसे में पुतिन को इस युद्ध को खत्म करना होगा. अमेरिका पहुंचकर जेलेंस्की ने चेतावनी दी कि कोई भी नया समझौता ऐसा न हो जिससे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को भविष्य में फिर से हमला करने का मौका मिल जाए. उन्होंने 2014 में क्रीमिया पर रूस के कब्जे और डोनबास क्षेत्र में हमलों का उदाहरण दिया. ज़ेलेंस्की ने कहा- ‘हम सभी चाहते हैं कि यह युद्ध जल्दी और भरोसेमंद तरीके से खत्म हो. लेकिन शांति स्थायी होनी चाहिए ना कि वैसी जैसी पहले थी, जब यूक्रेन को क्रीमिया और डोनबास छोड़ने को मजबूर किया गया और पुतिन ने इसका फायदा उठाकर फिर हमला किया.’ उन्होंने ट्रंप की क्राइमिया वाली बात पर साफ किया है कि तब यूक्रेन को क्राइमिया छोड़ने के लिए मजबूर किया गया, जिसकी वजह से रूस ने दोबारा हमले किए.
जेलेंस्की का तीन मुद्दों पर फोकस रहेगा
ट्रम्प के साथ मीटिंग में जेलेंस्की का मुख्य फोकस तीन मुद्दों पर रहेगा। 1- यूक्रेन में आम लोगों की हत्याएं बंद हो, 2- रूस पर और ज्यादा प्रतिबंध लगाए जाएं, 3- पहले स्थायी सीजफायर हो फिर सुरक्षा गारंटी मिले।
इसके अलावा जेलेंस्की यूक्रेन, अमेरिका और रूस के बीच त्रिपक्षीय बैठक का समर्थन कर चुके हैं। ट्रम्प के साथ इस मुलाकात में जेलेंस्की का जोर इस बात पर भी रहेगा कि किसी भी समझौते में यूक्रेन की सुरक्षा और संप्रभुता को प्राथमिकता दी जाए।
पुतिन का यूक्रेन के 20% हिस्से पर कब्जा छोड़ने से इनकार
रूस ने यूक्रेन के करीब 20% हिस्से, यानी लगभग 1 लाख 14 हजार 500 वर्ग किलोमीटर पर कब्जा कर रखा है। इसमें क्रीमिया, डोनेट्स्क, लुहांस्क, खेरसॉन और जापोरिज्जिया जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
रूस इन क्षेत्रों को अपनी सामरिक और ऐतिहासिक धरोहर मानता है और इन्हें छोड़ने को तैयार नहीं है।
पुतिन साफ कह चुके हैं कि यूक्रेन से शांति को लेकर बातचीत तभी हो सकती है जब यूक्रेन, रूस के कब्जाए गए क्षेत्रों से अपना दावा छोड़े और उन इलाकों को रूस के हिस्से के रूप में स्वीकारे।
वार्ता से पहले ट्रंप धमकी
ट्रंप की ये पोस्ट जेलेंस्की को सीधी धमकी है कि अगर वे शांति वार्ता की शर्तों को नहीं मानेंगे तो नुकसान उनका ही है. ट्रंप का कहना है कि 12 साल बाद भी वे कितना भी चाहें नाटो में उन्हें एंट्री नहीं मिल सकती, तो बेहतर है कि रूस की बात मानकर युद्ध ही खत्म कर दें.







