जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर तबाही मची है. किश्तवाड़ के बाद अब कठुआ में कुदरत की तबाही देखने को मिली है. कठुआ जिले में आज यानी रविवार तड़के बादल फटने से सैलाब आ गया. बादल फटने से कई जगहों पर लैंडस्लाइड हुए हैं. हर ओर चीख-पुकार मच गई. लोगों के घर मलबों में तब्दील हो गए. कठुआ तीन लोकेशन पर बादल फटने से भारी तबाही की आशंका जताई जा रही है. बादल फटने की घटना में चार से पांच लोगों की मौत की खबर है. फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है.
जानकारी के अनुसार, कठुआ के सोफेन में गुज्जरों की बस्ती पर पहाड़ गिर गया। इसमें चार घर दब गए। 80 फीसदी रोड बह गया है। रात करीब 2 से 3 बजे की यह घटना है। कठुआ में रिकॉर्ड तोड़ बारिश हो रही है। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार और रविवार की दरम्यानी रात राजबाग के जोड़घाटी गांव में बादल फटने से गांव तक पहुंचने का रास्ता बंद हो गया। कड़ी मशक्कत के बाद, पुलिस और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की एक संयुक्त टीम घटनास्थल पर पहुंच गई और स्थानीय स्वयंसेवकों के साथ मिलकर काम शुरू कर दिया।
जोद घाटी इलाके में 7 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हैं। जोद के अलावा मथरे चक, बगार्ड-चंगड़ा और दिलवान-हुटली में भी लैंडस्लाइड हुई। 14 अगस्त को भी जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ के चसोटी में भी ऐसी ही घटना हुई थी।
लैंडस्लाइड के बाद जोद गांव का शहर से संपर्क टूटा गया था, काफी मशक्कत के बाद रेस्क्यू टीम गांव पहुंची। घरों में कई फीट तक पानी-मलबा भरा है। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कठुआ डिप्टी एसपी राजेश शर्मा ने कहा- लैंडस्लाइड में 2 से 3 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। 6 लोगों के फंसे होने की सूचना है। जांगलोट समेत नेशनल हाईवे पर कई जगह पर सड़क को नुकसान पहुंचा है। रेलवे ट्रैक भी बाधित है।
हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश में तबाही नहीं थम रही। आज सुबह 4 बजे के करीब कुल्लू के टकोली में बादल फटा। कुल्लू के पनारसा, नगवाई में भी फ्लैश फ्लड के बाद चारों तरफ मलबा बिखरा है।
अब तक चार लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि छह अन्य को घायल अवस्था में बचाया गया है और उन्हें अस्पताल ले जाया गया है। उन्होंने बताया कि कठुआ थाना क्षेत्र के बागड़ और चांगडा गांवों और लखनपुर थाना इलाके के दिलवान-हुतली में भी भूस्खलन हुआ, लेकिन किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है।
अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के कारण अधिकांश जलाशयों का जलस्तर तेज़ी से बढ़ गया है और उझ नदी ख़तरे के निशान के पास बह रही है। ज़िला प्रशासन स्थिति पर कड़ी नज़र रखे हुए है और लोगों से उनकी सुरक्षा के लिए जलाशयों से दूर रहने का अनुरोध किया है।
जानकारी के मुताबिक, कठुआ जिले में भारी बारिश ने तबाही मचाई है। कई सड़क संपर्क टूट गए हैं और सभी नदी-नालों में जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। कठुआ शहर जलमग्न हो गया, जिससे लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी। शहर के बीच से गुजरने वाली खड्ड के ओवरफ्लो होने से हालात बिगड़ गए और कई लोगों ने नर्सिंग होम में शरण ली। वहीं जोड़, डिलवां और जंगलोट सहित कई इलाकों में भारी नुकसान की खबर है।







