अमेरिका की टैरिफ वाली घुड़की से भारत डरने वाला नहीं है.
डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया है. इस पर पहले विदेश मंत्रालय ने जवाब दिया. अब खुद पीएम मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप को सीधा संदेश दे दिया है.
पीएम मोदी ने जो कहा है, उससे साफ है कि भारत किसी भी कीमत पर ट्रंप के टैरिफ से न डरेगा और न झुकेगा. भारत कभी भी कोई समझौता नहीं करेगा. भारत के केंद्र में किसान शुरू से रहा है और उस किसान का हित ही सर्वोपरि है.
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को भारत पर अतिरिक्ट 25 फीसदी टैरिफ लगाया. इसके ठीक एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कड़ा जवाब दिया. बगैर डोनाल्ड ट्रंप का नाम लिए इशारों-इशारों में पीएम मोदी ने कहा कि भारत अपने किसानों, पशुपालकों और मछुआरों के हितों पर कभी समझौता नहीं करेगा. पीएम मोदी ने तो यहां तक कह दिया कि जो भी कीमत चुकानी पड़ेगी, वह चुकाएंगे. पीएम मोदी का यह बयान वाशिंगटन को सीधे संदेश के रूप में देखी जा रहा है. यह बयान ऐसे समय में आया है, जब दोनों देशों के बीच टैरिफ को लेकर तनाव बढ़ गया है.
ट्रंप के लिए क्या सख्त संदेश?
दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी कहा कि मुझे किसानों के हिताों की रक्षा की कीमत चुकानी पड़ेगी. मैं इसके लिए तैयार हूं. उन्होंने कहा, ‘भारत अपने किसानों, पशुपालकों और मछुआरियों के हितों पर कभी समझौता नहीं करेगा. मुझे व्यक्तिगत रूप से पता है कि इसके लिए मुझे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी, लेकिन मैं इसके लिए तैयार हूं. भारत अपने किसानों के साथ मजबूती से खड़ा है, और मैं उनके कल्याण के लिए जो भी करना पड़े, करने के लिए तैयार हूं.’
विदेश मंत्रालय दे चुका है करारा जवाब
पीएम मोदी की यह टिप्पणी उस दिन आई, जब एक दिन पहले ही भारत ने अमेरिका को करारा जवाब दिया था. जैसे ही बुधवार को डोनाल्ड ट्रंप ने अतिरिक्त 25 फीसदी टैरिफ वाले आदेश पर साइन किए, वैसे ही भारतीय विदेश मंत्रायल ने फैसले की निंदा की. विदेश मंत्रालय ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप का टैरिफ वाला फैसला अनुचित, अन्यायपूर्ण और तर्कहीन है.
भारत पर डोनाल्ड ट्रंप के भड़कने की पांच वजह:
1. अमेरिका के कहने के बावजूद भारत ने अपने दोस्त रूस से कारोबारी रिश्ता नहीं तोड़ा है.
2. रूसी तेल पर भारत ने अमेरिका को आइना दिखाया और कहा कि जब अमेरिका और यूरोपीय यूनियन रूस से सामान खरीद रहे हैं तो हम क्यों न खरीदें.
3. ट्रंप इसलिए भी खिसियाए हुए हैं, क्योंकि भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान संग सीजफायर का क्रेडिट नहीं दिया. जबकि ट्रंप बार-बार खुद क्रेडिट ले चुके हैं.
4. पाकिस्तान समेत कई देशों ने डोनाल्ड ट्रंप के लिए नोबेल की मांग की. मगर भारत ने उल्टे इस पर कह दिया कि क्या वो इसके हकदार हैं.
5. अमेरिका का आरोप है कि रूस से तेल खरीदकर भारत उसे फाइनेंशियली मजबूत कर रहा है.
किसानों, मछुआरों और डेयरी क्षेत्र से जुड़े लोगों के हितों से कभी समझौता नहीं करेगा भारत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में आयोजित एक सम्मेलन में हिस्सा लेते हुए कहा कि किसानों का हित भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत किसानों, मछुआरों और डेयरी क्षेत्र से जुड़े लोगों के हितों से कभी समझौता नहीं करेगा। पीएम मोदी ने सम्मेलन में कहा, ”मुझे किसानों के हितों की रक्षा के लिए कीमत चुकानी पड़ेगी तो मैं इसके लिए तैयार हूं।” बताते चलें कि अमेरिका, व्यापार वार्ता की शुरुआत से ही भारत के कृषि और डेयरी क्षेत्र में प्रवेश करने की मांग कर रहा है। लेकिन भारत ने अमेरिका को पहले ही स्पष्ट शब्दों में कहा दिया था कि वो कृषि और डेयरी सेक्टर के लिए कोई समझौता नहीं करेंगे।
भारत पर अब सेकेंडरी सैंक्शन लगाने की तैयारी में ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भारत पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बाद भी तसल्ली नहीं हो रही है। उन्होंने कहा है कि वे रूस के साथ व्यापार करने के लिए भारत पर सेकेंडरी सैंक्शन भी लगाएंगे। ट्रंप ने कहा कि भारत, रूस से तेल खरीदने के मामले में चीन के बहुत करीब है और उसे 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ के साथ अब 50 प्रतिशत टैरिफ देना होगा। सेकेंडरी सैंक्शन, एक आर्थिक प्रतिबंध होता है जो किसी ऐसे देश पर लगाया जाता है (भारत) जो किसी ऐसे देश (रूस) के साथ व्यापार करता है जिस पर पहले से ही प्राइमरी सैंक्शन लगाए गए हों।