रूस में एएन-24 एएन-24 ट्विन टर्बोप्रॉप यात्री विमान के क्रैश होने की खबर आ रही है. इस विमान में क्रूम मेंबर समेत करीब 50 लोग सवार थे. इससे पहले इस विमान का ATC यानी एयर ट्रैफिक कंट्रोलर से संपर्क टूटने की बात सामने आई थी. लेकिन अब ये साफ हो गया है कि ये विमान क्रैश हो चुका है. ये विमान चीन सीमा के पास अमूर क्षेत्र में ये हादसा हुआ है.
अभी तक मिली जानकारी के अनुसार ये विमान ब्लागोवेशचेंस्क से टिंडा तक लगभग 570 किलोमीटर की उड़ान पर था. विमान में चालक दल के छह सदस्य समेत करीब 50 लोग सवार थे. इसी दौरान एटीसी से उसका संपर्क टूट गया था.
आपातकालीन सेवाओं ने बताया कि विमान अपने गंतव्य से कई किलोमीटर पहले रडार से गायब हो गया था. खोज और बचाव अभियान अभी जारी है. यह इलाका मुख्यतः बोरियल वन (टैगा) से घिरा है, जिससे बचाव कार्य मुश्किल हो रहा है.
स्थानीय आपातकालीन विभाग ने बताया कि सिबेरिया आधारित एंगारा एयरलाइन का यह विमान अमूर क्षेत्र के टिंडा शहर के निकट पहुंचते समय रडार स्क्रीन से गायब हो गया था. क्षेत्रीय गवर्नर वासिली ओरलोव ने कहा कि प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, विमान में 43 यात्री, जिनमें 5 बच्चे शामिल थे और 6 क्रू मेंबर भी मौजूद थे. विमान के संपर्क टूटने के बाद बचाव और सर्च ऑपरेशन तेजी से चलाया गया और इसका मलबा बरामद कर लिया गया.
क्या है An-24 विमान की खासियत?
AN-24 का पूरा नाम Antonov-24 है, जो एक सोवियत निर्मित मध्यम दूरी का डबल इंजन टर्बोप्रॉप यात्री विमान है. इसे मुख्य रूप से कम दूरी की उड़ानों के लिए बनाया गया है और क्षेत्रीय उड़ानों के लिए इसका इस्तेमाल होता है. ये पहली बार 1959 में उड़ा था और इसे रूसी, पूर्वी यूरोप और एशिया के कठिन इलाकों में उड़ान भरने के लिए डिज़ाइन किया गया था. ये विमान लगभग 1,500 से 2,000 किलोमीटर तक उड़ान भर सकता है, जो इसे क्षेत्रीय उड़ानों के लिए परफेक्ट बनाता है. इसकी खासियत ये है कि ये कम दूरी के रनवे से टेकऑफ और लैंडिंग कर सकता है, जो इसे दूर-दराज और पहाड़ी इलाकों के लिए उपयुक्त बनाता है. इसके मजबूत और भरोसेमंद डिजाइन की वजह से इसे कार्गो विमान और सैन्य परिवहन में भी इस्तेमाल किया जाता है.