राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने आईआईटी मद्रास के 62वें दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि हमने पाकिस्तान के 9 आतंकवादी ठिकानों पर निशाना साधने का फैसला किया। ये ठिकाने सीमावर्ती इलाकों में नहीं थे। हमसे कोई भी चूका नहीं। हमने इसके अलावा कहीं और निशाना नहीं साधा। यह उस प्वाइंट तक सटीक था जहां हमें पता था कि कौन कहां है। पूरे ऑपरेशन में 23 मिनट लगे।
एनएसए डोभाल ने कहा कि हमें अपनी स्वदेशी तकनीक विकसित करनी होगी। ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यहां हमने वही किया। हमें इस बात पर गर्व है कि इसमें कितनी स्वदेशी सामग्री थी। हमने पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों पर निशाना साधने का फैसला किया। ये बॉर्डर एरिया में नहीं थे। बावजूद इसके हमने उन्हें टारगेट किया। हमसे कोई भी नहीं चूका। हमने इसके अलावा कहीं और निशाना नहीं साधा। यह उस बिंदु तक सटीक था जहां हमें पता था कि कौन कहां है।
तमिलनाडु में IIT मद्रास के 62वें दीक्षांत समारोह में NSA अजित डोभाल ने अहम संबोधन में उन्होंने देश के इतिहास और युवाओं की भूमिका पर बात की। उन्होंने कहा कि भारत एक राष्ट्र के रूप में हजारों सालों से मौजूद है। अब ये एक नया राष्ट्र राज्य है। 22 साल बाद हम अपनी स्वतंत्रता के 100 साल पूरे करेंगे। तब युवा अपने करियर के शिखर पर होंगे।
एनएसए अजित डोभाल ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आप एक ऐसे देश से हैं, एक ऐसी सभ्यता से हैं, जिसे हजारों वर्षों से घेरा गया। खून बहाया गया, अपमानित किया गया। हमारे पूर्वजों ने बहुत कुछ सहा है। मुझे नहीं पता कि उन्होंने इस सभ्यता को जीवित रखने के लिए, राष्ट्र की इस धारणा को जीवित रखने के लिए कितनी अपमान, अभाव और कठिनाइयों का सामना किया है। राष्ट्र राज्य से अलग है। भारत, एक राष्ट्र के रूप में, सहस्राब्दियों से अस्तित्व में था। यह एक नया राज्य हो सकता है।
इसका मतलब है कि भारत का इतिहास बहुत पुराना है। हमारे पूर्वजों ने इसे बनाए रखने के लिए बहुत त्याग किए हैं। उन्होंने आगे कहा कि भारत एक राष्ट्र के तौर पर बहुत पहले से है। भले ही, आजाद भारत एक नया राज्य है। उन्होंने युवाओं को याद दिलाया कि वे देश के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। 22 साल बाद जब भारत अपनी स्वतंत्रता की शताब्दी मनाएगा, तब वे अपने करियर के शीर्ष पर होंगे।







