गुजरात के वडोदरा में महिसागर नदी पर बना ब्रिज बुधवार सुबह टूट गया। हादसे के समय ब्रिज से गाड़ियां गुजर रही थीं। पुल टूटने पर दो ट्रक, दो कार और एक रिक्शा कुल पांच गाड़ियां नदी में गिर गईं। एक टेंकर टूटे सिरे पर फंस गया।
हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 8 को स्थानीय लोगों ने बचाया। फायर ब्रिगेड की तीन टीमें रेस्क्यू के लिए भेजी गई हैं। 45 साल पुराना यह ब्रिज मध्य गुजरात को सौराष्ट्र को जोड़ता था।
पुल टूट जाने से भरूच, सूरत, नवसारी, तापी और वलसाड जैसे दक्षिण गुजरात के शहरों से सौराष्ट्र पहुंचने में ज्यादा समय लगेगा। अब इसके लिए अहमदाबाद होते हुए लंबा रास्ता लेना पड़ेगा।
चेतावनी के बाद भी पुल पर आवाजाही बंद नहीं हुई
इस पुल के गिरने से जो 5 वाहन नदी में गिरे हैं, उनमें से दो ट्रक पूरी तरह से नदी में समा गए, जबकि एक टैंकर आधा लटका रह गया. पुल के गिरते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया.
बता दें कि यह पुल 1981 में बनकर 1985 में खोला गया था, लेकिन समय के साथ इसकी हालत बेहद जर्जर हो चुकी थी. स्थानीय विधायक चैतन्य सिंह झाला ने पहले ही इस पुल के लिए चेतावनी दी थी और नए पुल की मांग की थी. बावजूद इसके, पुल पर वाहनों की आवाजाही बंद नहीं की गई. अब सरकार ने 212 करोड़ रुपये की लागत से नए पुल के निर्माण को मंजूरी दे दी है और इसके लिए सर्वेक्षण भी कराया जा चुका है.
मुख्यमंत्री ने विशेषज्ञों की टीम को दिए जांच का आदेश
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने तकनीकी विशेषज्ञों की टीम को घटनास्थल पर भेजकर जांच का आदेश दिया है. हादसे के तुरंत बाद अधिकारी सक्रिय हुए और नदी में गिरे वाहनों को हटाने का कार्य शुरू किया गया. साथ ही तैराकों ने शवों को बाहर निकालना शुरू किया.
यह घटना एक बार फिर पुरानी व कमजोर अधोसंरचनाओं पर सवाल खड़े करती है. अगर समय रहते वाहनों की आवाजाही रोकी जाती और नए पुल का निर्माण शुरू होता, तो शायद यह त्रासदी टाली जा सकती थी. अब देखना होगा कि जांच रिपोर्ट में क्या सामने आता है और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है.







