पटना जिले में मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम चल रहा है। 12 दिनों में लगभग छह लाख से अधिक मतदाताओं का गणना प्रपत्र भरा जा चुका है। शेष 44 लाख मतदाताओं का प्रपत्र अभी भी भरा जाना है।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित अंतिम तिथि के अनुसार अब मात्र 19 दिन शेष बचे हुए हैं। ऐसी स्थिति में इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं के गणना प्रपत्र भरना काफी चुनौतीपूर्ण है। पटना जिले में 50 लाख 31 हजार 964 मतदाता हैं। इसमें से लगभग चार से पांच लाख मतदाता बाहर हैं। हालाकि प्रशासन ने दावा किया है कि जो मतदाता बाहर हैं उनके परिजनों से संपर्क कर ऑनलाइन आवेदन करने का आग्रह किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि आयोग के निर्देशानुसार 26 जुलाई तक ही गणना प्रपत्र ऑनलाइन या ऑफलाइन भरा जाना है। इसके बाद मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन होगा। दावा आपति पत्र लिए जाएंगे और उसके बाद मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण इलाके में गणना प्रपत्र भरने वालों की तदाद शहरी मतदाताओं से अधिक है। ग्रामीण इलाके में बीएलओ, जीविका दीदी, विकास मित्र और सहायिका-सेविका मेहनत भी कर रही हैं। अभी भी काफी संख्या में मतदाता हैं जिन्हें प्रपत्र भरा जाना है। शहरी क्षेत्र के कई बूथों पर रोज औसतन सौ से कम आवेदन भरे जा रहे हैं। लापरवाही में अब तक 10 कर्मचारियों को निलंबन और विभागीय कार्रवाई की जा चुकी है। विसवार पुनरीक्षण कार्यक्रम की समीक्षा चल रही है। अधिकारी इस कार्य को काफी चुनौतीपूर्ण मान रहे हैं।
पटना जिले में अब तक लगभग 6 लाख मतदाताओं का गणना प्रपत्र अपलोड किया जा चुका है। प्रतिदिन औसतन डेढ़ से 2 लाख मतदाताओं का सत्यापन हो रहा है। 26 जुलाई के पहले सभी मतदाताओं का गणना प्रपत्र अपलोड किया जा सके।
-डॉ त्यागराजन एस एम, जिलाधिकारी पटना।
मतदान केंद्र 4906
बीएलओ की संख्या 4906
बीएलओ पर्यवेक्षक 527
ईआरओ 14
मतदाता हेल्पलाइन नंबर 1950
पटना। मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम के लिए 3356 जीविका दीदियों को लगाया गया है। वे बीएलओ के साथ मिलकर काम कर रही हैं। जिले में मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम में तेजी लाने के लिए जीविका दीदियों को जोड़ा गया है। जिला प्रशासन का दावा है कि 26 जुलाई को निर्धारित अंतिम तिथि के पहले शत-प्रतिशत मतदाता पुनरीक्षण का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
1941 अनुसूचित जाति टोलों में 500 विकास मित्र, आईसीडीएस के 4,978 आंगनबाड़ी सेविका तथा 4,507 आंगनबाड़ी सहायिका, पटना नगर निगम के 375 सफाई पर्यवेक्षक तथा 75 सफाई निरीक्षक, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (एनयूएलएम) के 20 कॉम्युनिटी रिसोर्स पर्सन तथा 7,960 सदस्यों को लगाया गया है। वहीं पटना नगर निगम क्षेत्र के चार विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के 1550 मतदान केन्द्रों पर बीएलओ की सहायता के लिए एनयूएलएम के 1550 कर्मी तैनात किए गए हैं। इसी प्रकार ग्रामीण एवं अर्द्ध-शहरी क्षेत्रों में स्थित 10 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के 3356 मतदान केन्द्रों के बीएलओ की सहायता के लिए 3,356 शिक्षित एवं प्रगतिशील जीविका कैडर को तैनात किया गया है।
प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा
पटना नगर निगम क्षेत्र के 6 अंचलों में चलने वाले 105 ओपेन टीपर, 375 क्लोज टीपर तथा 332 ई-कार्ट डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण वाहनों से इसका प्रचार- प्रसार किया जा रहा है। पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा 15 महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित वैरियेबल मैसेज साइन डिस्प्ले (वीएमडी) सिस्टम से गणना प्रपत्र भरने की सूचना दी जा रही है। इसके अलावा जिले के सरकारी प्राइमरी, मिडिल एवं हाई स्कूलों के 3420 में भी प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।







