निर्वाचन आयोग ने कहा कि बिहार में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य उसके आदेशानुसार किया जा रहा है और मसौदा सूची में उन मौजूदा मतदाताओं के नाम शामिल होंगे जिनके गणना फार्म प्राप्त हो गए हैं।
निर्वाचन आयोग का यह बयान रविवार को सोशल मीडिया पर बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में ‘बदलाव’ के बारे में पोस्ट के बीच आया है, जिस पर विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध जताया है।
एक अगस्त को मतदाता सूची का प्रारूप
बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) की ओर से सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में स्पष्ट किया गया कि यह प्रक्रिया निर्वाचन आयोग की अधिसूचना के अनुसार ही की जा रही है। सीईओ ने एक्स और फेसबुक पर जारी पोस्ट में कहा, ‘महत्वपूर्ण सूचना – विशेष गहन पुनरीक्षण बिहार में निर्वाचन आयोग के 24 जून 2025 के आदेश के अनुसार सुचारु रूप से हो रहा है। उस आदेश के अनुसार, एक अगस्त 2025 को जारी किए जाने वाले मसौदा मतदाता सूची में उन मौजूदा मतदाताओं के नाम शामिल होंगे, जिनके गणना फॉर्म प्राप्त हो गए हैं।’







