देश भर में मोहर्रम मनाया जा रहा है. इस दौरान पटना में मोहर्रम के दौरान ताजिया आरजेडी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर पहुंचा. बड़ी संख्या में मुस्लिम युवक ताजिया लेकर उनके आवास पर पहुंचे, तो राबड़ी देवी ने भी झुककर प्रणाम किया.
मुहर्रम के मौके पर रविवार को राबड़ी आवास में ताजिया जुलूस पहुंचा। बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग हाथों मे लाठी और भाला लेकर राबड़ी आवास के पास जमा हुए थे। बाद में लालू प्रसाद के बुलावे पर उन्हें राबड़ी आवास में एंट्री मिली। राबड़ी आवास में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने लालू के सामने हथियारों के करतब दिखाए। अब यह सवाल उठ रहा है कि कैसे बड़ी संख्या में लोग लाठी और भाला लेकर प्रतिबंधित क्षेत्र में घुस गए?
दरअसल, मुहर्रम का महीना इस्लामिक कैंलेडर का पहला महीना होता है। मुस्लिम धर्म को मानने वाले दुनिया भर में मुहर्रम मनाते हैं। शिया समुदाय के लोग पूरे माह पैगंबर हजरत मोहम्मद के नवासे की शहादत को याद कर गम करते हैं। हर साल की तरह इस साल भी इमाम हुसैन की शहादत पर ताजिया जुलूस लेकर शोक जताने लोग राबड़ी आवास पहुंचे हैं।
बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग हाथ में तलवार और लाठी लेकर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर पहुंचे थे। राबड़ी आवास में लालू ने मुस्लिम समुदाय के लोगों का स्वागत किया। सबसे पहले राबड़ी देवी ने ताजिया की पूजा की और इसके बाद लालू के सामने मुस्लिम समुदाय के लोग भाला के साथ करतब दिखाने लगे। लालू प्रसाद बड़े ही चाव से हथियारों का करतब देख रहे थे।
तस्वीरे सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि कैसे तलवार और लाठी लेकर लोग वीवीआईपी और प्रतिबंधित क्षेत्र में घुस गये? प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी तरह का जुलूस निकालने की मनाही रहती है ऐसे में इस इलाके में जहां मुख्यमंत्री और राज्यपाल सहित कई वीवीआईपी का आवास है वहां कैसे ताजिया जुलूस को निकालने की अनुमति दी गयी?
इस बार मुहर्रम पर पूरे राज्य में 13 हजार 719 ताजिया जुलूस निकाले जाएंगे। बिना लाइसेंस के जुलूस निकालने की इजाजत नहीं होगी। सभी जुलूस पुलिस व दंडाधिकारी की निगरानी में निकाले जाएंगे। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी।
डीजे पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। भड़काऊ नारे, विवादित झंडे व झांकी पर भी कार्रवाई होगी। शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय में एडीजी विधि-व्यवस्था पंकज दाराद ने यह जानकारी दी। एडीजी ने बताया कि पिछले वर्षों में मुहर्रम पर औसतन दो दर्जन छिटपुट घटनाएं होती रही हैं।
आमतौर पर जबरन चंदा वसूली, भड़काऊ टिप्पणी, धार्मिक उन्मादी नारे, धार्मिक स्थलों के सामने से गुजरने व जुलूस के रूट को लेकर घटनाएं होती हैं। ऐसे में इस बार इन बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। पुलिस मुख्यालय स्तर से जिलों में बीएसएपी की 50 कंपनियां, केंद्रीय बल की सात कंपनियां, तीन हजार पीटीसी प्रशिक्षु सिपाही, 1230 प्रशिक्षु सब इंस्पेक्टर और 5100 होमगार्ड की तैनाती की गई है।
एडीजी दाराद ने कहा कि पूर्व की घटनाओं के आधार पर सभी जिलों में संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले स्थानों की पहचान कर वहां अतिरिक्त बल की तैनाती की जा रही है। ताजिया जुलूस के रूट का भौतिक सत्यापन करने और संबंधित क्षेत्र में शांति समिति की बैठक करने का निर्देश दिया गया है।
उपद्रवी तत्वों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई और बांड भरवाने की कार्रवाई भी की जा रही है। सभी पुलिस पदाधिकारियों को हमेशा अपना सरकारी फोन चालू रखने और हर कॉल का जवाब देने को कहा गया है। मुहर्रम के दौरान किसी भी तरह की घटना होने पर संबंधित डीएम, एसपी, एसडीपीओ आदि को तत्काल मौके पर जाने का निर्देश दिया गया है।
इंटरनेट मीडिया पर भी रहेगी नजर
मुहर्रम जुलूस के मद्देनजर पांच से सात जुलाई तक तीनों दिन जिले से लेकर पुलिस मुख्यालय स्तर पर 24 घंटे कंट्रोल रूम काम करेगा। सभी जिलों को हर दो घंटे पर जिलों को रिपोर्ट देने को कहा गया है। विपरीत परिस्थितियों से निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) को तैयार रखने का निर्देश है।
इंटरनेट मीडिया पर भ्रामक और भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर भी कार्रवाई होगी। इसके लिए तीन शिफ्ट में डीएसपी रैंक के अफसरों को तैनात किया गया है, जो एसपी के माध्यम से एडीजी लॉ एंड ऑर्डर को रिपोर्ट करेंगे।







