इजरायल-ईरान जंग और ऑपरेशन सिंदूर के बाद एक बार फिर फोकस चीन शिफ्ट हो गया है. दुनिया की चार महाशक्तियां एक बार फिर टेबल पर बैठने वाली हैं. भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया… चारों देशों का अगले महीने जुटान होने जा रहा है. मंच होगा क्वाड मीटिंग. क्वाड की बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर भी शामिल होने वाले हैं. 1 जुलाई 2025 को अमेरिका में क्वाड की विदेश मंत्रियों की बैठक है. मौजूदा वैश्विक हालात में एक बार फिर चर्चा के केंद्र में चीन होगा. हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की आक्रमकता को लेकर भी मंथन होगा और जयशंकर अपने पत्ते खोलेंगे.
दरअसल, क्वाड की विदेश मंत्रियों की यह बैठक वॉशिंगटन में होने वाली है. यह बैठक ट्रंप प्रशासन के सत्ता में लौटने के बाद दूसरी क्वाड बैठक है. अभी भले एजेंडा सामने नहीं है, मगर इतना तय है कि चर्चा के फोकस में चीन ही होगा. कारण कि क्वाड का गठन ही हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की आक्रामकता को देखते हुए किया गया था. मौजूदा माहौल में भारत की रणनीति क्या होगी, विदेश मंत्री एस जयशंकर इस मंच से अपने पत्ते खोलेंगे. साथ ही क्षेत्रीय स्थिरता पर जोर देने वाली कयावद करेंगे.
जयशंकर दिखाएंगे भारत की ताकत
जयशंकर की अमेरिका यात्रा ऐसे वक्त में हो रही है, जब हाल ही में ट्रंप को पीएम मोदी ने फोन पर खूब सुनाया था. 18 जून को फोन पर पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच बातचीत हुई थी. उस वक्त पीएम मोदी ने भारत-पाक के बीच सीजफायर का क्रेडिट लेने पर सुनाया था और साफ कहा था कि भारत ने पाकिस्तान की तरफ से गुहार लगाने के बाद ही सीजफायर का फैसला किया था. भारत ने किसी तीसरे पक्ष को नहीं सुना. जयशंकर जब अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो के सामने रहेंगे तो ऑपरेशन सिंदूर और इजरायल-ईरान जंग पर भी भारत का स्टैंड बताएंगे.
चीन पर अब फोकस क्यों?
माना जा रहा है कि अमेरिका में क्वाड बैठक की मेजबानी अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो करेंगे. जब से ट्रंप सत्ता में आए हैं, तब से क्वाड उस तरह से चीन पर फोकस नहीं कर पाया है, जैसा पहले था. इसकी कई वजह हैं. रूस-यूक्रेन जंग, इजरायल-हमास जंग, भारत-पाक तनाव और अब इजरायल-ईरान जंग. अब जब ईरान -इजरायल युद्ध खत्म हो गया है तो ऐसे में क्वाड देशों का फोकस चीन पर शिफ्ट होना लाजिमी है. कारण कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन का दबदबा बढ़ता जा रहा है. ऐसे में देखने वाली बात होगी कि चीन के इस दबदबे से कैसे निपटा जाता है.
कब लिखी जाएगी फाइनल पटकथा
माना जा रहा है कि अमेरिका में क्वाड का सेमिफाइनल वाली बैठक है. इस साल के अंत यानी सितंबर-अक्टूबर में भारत में क्वाड की बैठक है. भारत में होने वाली क्वाड नेताओं के शिखर सम्मेलन से पहले विदेश मंत्रियों की बैठक भी अहम है. इसके लिए डोनाल्ड ट्रंप, ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बानी और जापान के पीएम शिगेरू इशिबा भारत की यात्रा कर सकते हैं. अमेरिका में एक ब्लूप्रिंट की नींव रखी जाएगी और भारत में उसे पटकथा का रूप दिया जाएगा. अब देखने वाली बात होगी कि मौजूदा वैश्विक परिदृश्य में भारत अपना झुकाव किस ओर दिखाता है और चीन को लेकर अपना स्टैंड कैसा रखता है.
चीन के खिलाफ कोई चाल?
यहां बताना जरूरी है कि जनवरी 2025 में हुई पिछली क्वाड बैठक में चारों देशों ने चीन की ताइवान और दक्षिण चीन सागर में एकतरफा कार्रवाइयों का विरोध किया था. इस बार इजरायल-ईरान युद्ध के बाद मध्य पूर्व से हिंद-प्रशांत तक स्थिरता की जरूरत पर जोर होगा. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ जयशंकर की द्विपक्षीय वार्ता में कई मुद्दे भी उठेंगे. माना जा रहा है कि एस जयशंकर इस मंच का उपयोग चीन-पाकिस्तान को कूटनीतिक संदेश देने और वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए करेगा. ऐसे में अब सबकी निगाहें एस जयशंकर के उन ‘पत्तों’ पर टिकी हैं, जो वे अमेरिकी धरती से खोल सकते हैं.







