बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले राष्ट्रीय जनता दल अपने संगठन में बड़ा बदलाव करने जा रहा है. आरजेडी के अनुभवी नेता और पूर्व सांसद मंगनी लाल मंडल को राजद का बिहार प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की तस्वीर लगभग साफ हो चुकी है. आज मंडल नामांकन दाखिल करेंगे और 19 जून को पटना के ज्ञान भवन में होने वाली राज्य परिषद की बैठक में उनके अध्यक्ष बनने की औपचारिक घोषणा होगी. इस फैसले पर RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की मुहर लग चुकी है. यह फैसला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि राजपूत समुदाय से आने वाले जगदानंद सिंह की जगह मंगनीलाल मंडल को राजद का अध्यक्ष बनाया जा रहा है. सवाल उठता है कि मंगनी लाल मंडल को ही क्यों चुना गया? इसके पीछे लालू यादव और तेजस् यादव की रणनीति क्या है? लालू-तेजस्वी बिहार में कैसी सियासत करना चाहते हैं?
बता दें कि मंगनी लाल मंडल हाल ही में 17 जनवरी 2025 को JDU छोड़कर RJD में शामिल हुए थे. वह अतिपिछड़ा वर्ग (EBC) से आते हैं और उनकी नियुक्ति को लालू यादव की उस पुरानी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें सामाजिक समीकरणों को साधकर वोट बैंक को मजबूत करना शामिल है. राजनीति के जानकार कहते हैं कि बिहार में EBC वोटरों की संख्या करीब 30-35% है और यह समुदाय अक्सर सरकार बनाने में निर्णायक भूमिका निभाता है. खास तौर पर मिथिलांचल क्षेत्र में मंगनी लाल मंडल एक जनाधार वाले नेता के तौर पर पहचान रखते हैं, जो क्षेत्र पिछले विधानसभा क्षेत्र में आरजेडी के लिए कमजोर प्रदर्शन वाला रहा था. लालू यादव का मानना है कि मंडल के जरिए RJD इस वर्ग को अपने पक्ष में लामबंद कर सकती है.खासकर तब जब JDU और BJP भी EBC वोटरों को रिझाने में जुटी है. मंडल का अनुभव और उत्तर बिहार में उनकी पकड़ मंडल समुदाय (केवरत जाति समुदाय) में कही जाती है और यह आरजेडी के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है.
ईबीसी और दलित वोटरों को साथ लाने की कवायद
पिता की सामाजिक समीकरण वाली रणनीति पर तेजस्वी
बिहार में बदलते सियासी समीकरणों को साधने की कोशिश
वरिष्ठ पत्रकार अशोक कुमार शर्मा कहते हैं कि मंगनीलाल मंडल को राजद का अध्यक्ष बनाये जाने का निर्णय लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद आत्ममंथन का नतीजा भी है. पार्टी को लगता है कि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजद संगठन में नए नेतृत्व से नई शुरुआत हो सकती है. मंगनी लाल मंडल के जरिए आरजेडी बिहार में बदलते सियासी समीकरणों को साधने और एनडीए (NDA) को टक्कर देने की तैयारी में है. यह देखना दिलचस्प होगा कि लालू और तेजस्वी की जोड़ी के साथ मंगनीलाल मंडल का साथ 2025 के चुनाव में कितना कमाल दिखा पाती है.







