महाराष्ट्र के ठाणे जिले में सोमवार सुबह एक बड़ा रेल हादसा हो गया. यहां सुबह करीब 9:20 बजे कसारा से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) की ओर जा रही एक फास्ट लोकल ट्रेन में खचाखच भीड़ थी. यह ट्रेन जब मुंब्रा रेलवे स्टेशन के पास पहुंची, तभी अचानक करीब 10 यात्री चलती ट्रेन से पटरी पर गिर गए.
इस हादसे में कम से कम चार लोगों की मौत की खबर है, जबकि छह यात्री घायल बताए जा रहे हैं. सभी घायलों को ठाणे के छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल, कलवा में भर्ती कराया गया है. वैसे ठाणे के कलेक्टर ऑफिस की तरफ से अभी तक केवल एक यात्री की मौत की पुष्टि की गई है.
कैसे ट्रेन से गिर गए इतने सारे लोग?
शुरुआत जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं. प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सुबह के व्यस्त समय में लोकल ट्रेन में भीड़ इतनी ज्यादा थी कि कई यात्री दरवाजों से लटककर यात्रा कर रहे थे. ट्रेन जब तेज गति से मुंब्रा के पास फास्ट ट्रैक पर थी, तभी सामने से उलटी दिशा में पुष्पक एक्सप्रेस आ रही थी. उसी वक्त अचानक तेज रफ्तार में दोनों ट्रेनों की पासिंग के दौरान पैदा हुआ हवा का दबाव इतना जबरदस्त था कि लोकल ट्रेन से बाहर लटके यात्री अपना संतुलन नहीं संभाल पाए और चलती ट्रेन से नीचे गिर गए.
हादसा होते ही सामने से जा रही पुष्पक एक्सप्रेस के गार्ड ने ट्रैक के किनारे घायल पड़े लोगों को देखकर तुरंत रेलवे कंट्रोल रूम को सूचना दी. इसके बाद रेलवे पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे और सभी घायलों को तुरंत अस्पताल भेजा गया. पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, अस्पताल में चार लोगों को मृत घोषित कर दिया गया, जिनकी उम्र 30 से 35 वर्ष के बीच बताई जा रही है.
पता ही नहीं चला, किस ट्रेन से गिरे लोग
रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआत में अधिकारियों को यह भी स्पष्ट नहीं था कि ये यात्री किस ट्रेन से गिरे, लेकिन बाद में ठाणे कलेक्टर कार्यालय की ओर से जारी सूचना में पुष्टि हुई कि हादसा कसारा-सीएसएमटी लोकल ट्रेन में हुआ और पुष्पक एक्सप्रेस की तेज गति और उससे उत्पन्न दबाव इस हादसे का कारण बना.
कैसे हुआ हादसा?
सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल धनराज नीला ने बताया कि आठ लोग ट्रैक पर गिरे थे। अब तक अस्पताल से किसी की मौत की खबर नहीं मिली है। यह हादसा मुंब्रा और दिवा रेलवे स्टेशन के बीच हुआ। हादसे का शिकार हुए यात्री लोकल ट्रेन के दरवाजे पर लटककर यात्रा कर रहे थे। उनके बैग आपस में टकरा गए, जिससे यह हादसा हुआ। जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि उन्हें 9.30 बजे इस हादसे की जानकारी मिली। उन्होंने बताया कि एक लोकल ट्रेन कसारा की तरफ जा रही थी और दूसरी ट्रेन सी एस टी एम की तरफ आ रही थी। दोनों लोकल ट्रेन के यात्री दरवाजे पर लटक कर खड़े थे। इनमें से किसी एक यात्री का बैग टकराने से दरवाजे पर खड़े यात्री ट्रैक पर गिर गए। जो लोग लोकल ट्रेन के फुट बोर्ड पर खड़े होकर यात्रा कर रहे थे, वही लोग गिरे हैं।
सभी कोच में ऑटोमैटिक गेट लगाने का फैसला
मुंबई में हुए हादसे के बाद रेलवे ने सभी रेकों में बदलाव करने का फैसला किया है। फिलहाल जितने भी रेक बनाए जा रहे हैं, उनमें एक ऑटोमैटिक गेट बंद करने और खुलने की सुविधा होगी। जो रेक अभी सेवा में मौजूद हैं, उन्हें दोबारा डिजाइन किया जाएगा और सभी रेक में ऑटोमैटिक दरवाजा खुलने और बंद होने की सुविधा दी जाएगी।
देवेंद्र फडणवीस ने क्या कहा?
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक्स पर लिखा “दिवा-मुंब्रा स्टेशन के बीच लोकल ट्रेन से कुल 8 यात्रियों के गिरने से हुई दुर्घटना में कुछ लोगों की मृत्यु हो गई है, यह घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। हम उनके परिवारजनों के दुःख में सहभागी हैं। घायलों को तुरंत शिवाजी अस्पताल और ठाणे सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनका इलाज चल रहा है। स्थानीय प्रशासन समन्वय स्थापित कर रहा है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि घायलों को जल्द से जल्द राहत मिले। यह घटना वास्तव में कैसे हुई, इसकी जांच रेलवे विभाग ने शुरू कर दी है।”
ठाणे के लोकसभा सांसद और शिवसेना नेता नरेश म्हस्के ने घटना पर दुख जताते हुए जांच की मांग की है. उन्होंने कहा कि यह समझना जरूरी है कि क्या यात्री आपसी धक्का-मुक्की में गिरे या किसी और कारण से. उन्होंने कहा, ‘अगर यह हादसा लोकल ट्रेन में भीड़ की वजह से हुआ है, तो रेलवे को इस पर गंभीरता से सोचना चाहिए.’
वहीं विधान परिषद में नेता विपक्ष अम्बादास दानवे ने भी घटना को ‘दिल दहला देने वाली’ बताते हुए कहा कि यह हादसा मुंबई की रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर गहरा प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है.
महाराष्ट्र के ठाणे जिले में सोमवार सुबह एक बड़ा रेल हादसा हो गया. यहां सुबह करीब 9:20 बजे कसारा से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) की ओर जा रही एक फास्ट लोकल ट्रेन में खचाखच भीड़ थी. यह ट्रेन जब मुंब्रा रेलवे स्टेशन के पास पहुंची, तभी अचानक करीब 10 यात्री चलती ट्रेन से पटरी पर गिर गए.
इस हादसे में कम से कम चार लोगों की मौत की खबर है, जबकि छह यात्री घायल बताए जा रहे हैं. सभी घायलों को ठाणे के छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल, कलवा में भर्ती कराया गया है. वैसे ठाणे के कलेक्टर ऑफिस की तरफ से अभी तक केवल एक यात्री की मौत की पुष्टि की गई है.
कैसे ट्रेन से गिर गए इतने सारे लोग?
शुरुआत जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं. प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सुबह के व्यस्त समय में लोकल ट्रेन में भीड़ इतनी ज्यादा थी कि कई यात्री दरवाजों से लटककर यात्रा कर रहे थे. ट्रेन जब तेज गति से मुंब्रा के पास फास्ट ट्रैक पर थी, तभी सामने से उलटी दिशा में पुष्पक एक्सप्रेस आ रही थी. उसी वक्त अचानक तेज रफ्तार में दोनों ट्रेनों की पासिंग के दौरान पैदा हुआ हवा का दबाव इतना जबरदस्त था कि लोकल ट्रेन से बाहर लटके यात्री अपना संतुलन नहीं संभाल पाए और चलती ट्रेन से नीचे गिर गए.
हादसा होते ही सामने से जा रही पुष्पक एक्सप्रेस के गार्ड ने ट्रैक के किनारे घायल पड़े लोगों को देखकर तुरंत रेलवे कंट्रोल रूम को सूचना दी. इसके बाद रेलवे पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे और सभी घायलों को तुरंत अस्पताल भेजा गया. पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, अस्पताल में चार लोगों को मृत घोषित कर दिया गया, जिनकी उम्र 30 से 35 वर्ष के बीच बताई जा रही है.
पता ही नहीं चला, किस ट्रेन से गिरे लोग
रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआत में अधिकारियों को यह भी स्पष्ट नहीं था कि ये यात्री किस ट्रेन से गिरे, लेकिन बाद में ठाणे कलेक्टर कार्यालय की ओर से जारी सूचना में पुष्टि हुई कि हादसा कसारा-सीएसएमटी लोकल ट्रेन में हुआ और पुष्पक एक्सप्रेस की तेज गति और उससे उत्पन्न दबाव इस हादसे का कारण बना.
कैसे हुआ हादसा?
सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल धनराज नीला ने बताया कि आठ लोग ट्रैक पर गिरे थे। अब तक अस्पताल से किसी की मौत की खबर नहीं मिली है। यह हादसा मुंब्रा और दिवा रेलवे स्टेशन के बीच हुआ। हादसे का शिकार हुए यात्री लोकल ट्रेन के दरवाजे पर लटककर यात्रा कर रहे थे। उनके बैग आपस में टकरा गए, जिससे यह हादसा हुआ। जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि उन्हें 9.30 बजे इस हादसे की जानकारी मिली। उन्होंने बताया कि एक लोकल ट्रेन कसारा की तरफ जा रही थी और दूसरी ट्रेन सी एस टी एम की तरफ आ रही थी। दोनों लोकल ट्रेन के यात्री दरवाजे पर लटक कर खड़े थे। इनमें से किसी एक यात्री का बैग टकराने से दरवाजे पर खड़े यात्री ट्रैक पर गिर गए। जो लोग लोकल ट्रेन के फुट बोर्ड पर खड़े होकर यात्रा कर रहे थे, वही लोग गिरे हैं।
सभी कोच में ऑटोमैटिक गेट लगाने का फैसला
मुंबई में हुए हादसे के बाद रेलवे ने सभी रेकों में बदलाव करने का फैसला किया है। फिलहाल जितने भी रेक बनाए जा रहे हैं, उनमें एक ऑटोमैटिक गेट बंद करने और खुलने की सुविधा होगी। जो रेक अभी सेवा में मौजूद हैं, उन्हें दोबारा डिजाइन किया जाएगा और सभी रेक में ऑटोमैटिक दरवाजा खुलने और बंद होने की सुविधा दी जाएगी।
देवेंद्र फडणवीस ने क्या कहा?
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक्स पर लिखा “दिवा-मुंब्रा स्टेशन के बीच लोकल ट्रेन से कुल 8 यात्रियों के गिरने से हुई दुर्घटना में कुछ लोगों की मृत्यु हो गई है, यह घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। हम उनके परिवारजनों के दुःख में सहभागी हैं। घायलों को तुरंत शिवाजी अस्पताल और ठाणे सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनका इलाज चल रहा है। स्थानीय प्रशासन समन्वय स्थापित कर रहा है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि घायलों को जल्द से जल्द राहत मिले। यह घटना वास्तव में कैसे हुई, इसकी जांच रेलवे विभाग ने शुरू कर दी है।”
ठाणे के लोकसभा सांसद और शिवसेना नेता नरेश म्हस्के ने घटना पर दुख जताते हुए जांच की मांग की है. उन्होंने कहा कि यह समझना जरूरी है कि क्या यात्री आपसी धक्का-मुक्की में गिरे या किसी और कारण से. उन्होंने कहा, ‘अगर यह हादसा लोकल ट्रेन में भीड़ की वजह से हुआ है, तो रेलवे को इस पर गंभीरता से सोचना चाहिए.’
वहीं विधान परिषद में नेता विपक्ष अम्बादास दानवे ने भी घटना को ‘दिल दहला देने वाली’ बताते हुए कहा कि यह हादसा मुंबई की रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर गहरा प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है.