आज यानी शुक्रवार को पटना में अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। सुबह खिली धूप के बाद काले बादल छाने लगे। थोड़ी देर बाद ही तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। बगहा में भी तेज हवा के साथ बारिश हुई।
वहीं मौसम विभाग ने अगले 3 घंटे के लिए 12 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार, गोपालगंज, सीवान, सारण, भोजपुर, कैमूर, मधुबनी, पटना, मुजफ्फरपुर, वैशाली, जहानाबाद, सुपौल और रोहतास में दोपहर तक बारिश हो सकती है।
हालांकि, कुछ इलाकों में उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है। अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है।
बीते 24 घंटे में किशनगंज में काले बादल छाए रहे। बाद में तेज हवा के साथ बारिश भी हुई। वहीं, पटना सहित राज्य के अन्य जिलों में सुबह से ही तेज धूप और उमस बनी रही।
मानसून की एंट्री पर असमंजस
बिहार में मानसून का इंतजार अभी और लंबा हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून पिछले छह दिनों से पश्चिम बंगाल में ही ठहरा हुआ है। इसकी मुख्य वजह पछुआ हवाओं का प्रभावशाली हो जाना और पूर्वा हवाओं का कमजोर पड़ना बताया जा रहा है। इन कारणों से मानसून का आगे बढ़ना फिलहाल मुश्किल नजर आ रहा है।
पटना मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक ने जानकारी देते हुए बताया कि, ‘इस समय पश्चिम से आ रही पछुआ हवाएं काफी मजबूत हो गई हैं। वहीं, मानसून को बिहार तक लाने वाली पूर्वा हवाएं कमजोर पड़ गई हैं। ऐसे में मानसून की प्रगति रुक गई है और वह पश्चिम बंगाल में ही अटक गया है।’
पिछले 24 घंटे में कैसा रहा मौसम
गुरुवार को राज्य के सभी जिले का मौसम सामान्य रहा। हालांकि, किशनगंज में शाम में तेज हवा के साथ बारिश भी हुई। वहीं, पटना में मौसम सामान्य रहा। लोग उमस भरी गर्मी से परेशान रहे।
बीते 24 घंटे में 37.3 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ छपरा सबसे ज्यादा गर्म जिला रहा। वहीं, दरभंगा का 37.2 डिग्री और पटना का अधिकतम तापमान 36.1 डिग्री दर्ज किया गया।
कब तक मिलेगी राहत
मौसम विभाग के अनुसार, अगर हवाओं की दिशा में बदलाव नहीं हुआ, तो अगले कुछ दिनों तक बिहार में गर्मी का यह सिलसिला जारी रह सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। जैसे ही हवाओं की दिशा पूर्व की ओर होगी और बंगाल की खाड़ी से नमी युक्त हवाएं फिर से सक्रिय होंगी, वैसे ही मानसून आगे बढ़ सकता है।
खेती-किसानी पर भी असर
बिहार के कृषि आधारित इलाकों में मानसून की देरी का असर खेती-किसानी पर भी पड़ सकता है। जून के पहले हफ्ते में धान की बुआई और खेतों की तैयारी शुरू हो जाती है, लेकिन बारिश की कमी से किसान चिंतित हैं। किसानों को उम्मीद है कि जल्द ही मानसून आएगा और समय पर बारिश होगी, जिससे फसल चक्र पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा।






