जनसुराज के संयोजक और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने एक बार फिर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार मानसिक तौर पर स्वस्थ्य नहीं हैं और बिहार चलाने लायक नहीं हैं।
सारण के छपरा में प्रेस वार्ता में प्रशांत किशोर ने मुजफ्फरपुर में दलित बेटी की बलात्कार और हत्या पर मुख्यमंत्री की चुप्पी पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अभी तक नीतीश कुमार का कोई बयान नहीं आया है।
मुख्यमंत्री की चुप्पी पर उठाया सवाल
मुजफ्फरपुर रेप और मर्डर केस पर पत्रकारों के सवाल पर प्रशांत किशोर ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गंभीर मानसिक बीमारी से जूझ रहे हैं। यही वजह है कि मुजफ्फरपुर में निर्भया कांड से भी भयावह घटना होती है, लेकिन इस पर राज्य के मुख्यमंत्री की ओर से एक भी बयान नहीं आता है। यह कितना असंवेदनशील हालत है।
कहा- अगर मेरी बात गलत तो जेल भेजें
उन्होंने आगे कहा कि नीतीश कुमार मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं हैं। उनकी शारीरिक और मानसिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वे बिहार का नेतृत्व कर सकें। वे इस पद पर रहने के लिए फिट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अगर उनकी बात गलत है तो केस कर जेल भेजवा दिया जाए। उन्होंने कहा कि अगर वे स्वस्थ हैं, तो मुझ पर मानहानि का केस करें और कोर्ट में साबित करें कि वे मानसिक रूप से स्वस्थ हैं।
प्रशांत किशोर के बारे में
प्रशांत किशोर को ‘पीके’ के नाम से भी जाना जाता है। वह एक चुनावी रणनीतिकार और अब राजनीतिज्ञ हैं। उनका जन्म 1977 में बिहार के बक्सर में हुआ था। उन्होंने राजनीति में आने से पहले 8 वर्षों तक संयुक्त राष्ट्र के लिए काम किया। उन्होंने कई राजनीतिक दलों के लिए चुनावी अभियान तैयार किए और सफलता हासिल की, जिनमें 2014 लोकसभा चुनाव, 2015 बिहार विधानसभा चुनाव, 2021 पश्चिम बंगाल चुनाव, 2021 तमिलनाडु चुनाव शामिल हैं।
“जन सुराज” के संस्थापक
प्रशांत किशोर “जन सुराज” के संस्थापक हैं। उनका कहना है कि वो बिहार के राजनीतिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव लाना चाहते हैं। उन्होंने कुछ साल पहले चुनावी रणनीतिकार के तौर पर काम छोड़ दिया और बिहार में बदलाव लाने के उद्देश्य से “जन सुराज” अभियान शुरू किया।







