भारत के दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के बाद हफ्ते के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को घरेलू शेयर बाजार सकारात्मक रुख के साथ खुला। शुरुआती दौर में सेंसेक्स में हरियाली दिखी और निफ्टी भी बढ़त के साथ 25000 अंकों के पार पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 562.31 अंक उछलकर 82,283.39 पर पहुंचा, जबकि निफ्टी 175.7 अंक चढ़कर 25,028.85 पर कारोबार करता दिखाई दिया। ऐसे ही शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 44 पैसे बढ़कर 85.01 पर पहुंच गया।
इससे पहले शुक्रवार को शेयर बाजार के दिग्गज शेयरों रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक और आईटीसी में हुई खरीदारी के चलते सेंसेक्स और निफ्टी में करीब एक फीसदी की तेजी देखने को मिली थी। इसके अलावा आरबीआई से रिकॉर्ड लाभांश की उम्मीद और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में कमी से निवेशकों की धारणा मजबूत हुई थी। साप्ताहिक आधार पर बीएसई बेंचमार्क में 609.51 अंक या 0.74 प्रतिशत की गिरावट आई और निफ्टी में 166.65 अंक या 0.66 प्रतिशत की गिरावट आई।
भारत वर्तमान में दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, जो जापान को पीछे छोड़कर आई है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के अनुसार, भारत जल्द ही जर्मनी को भी पीछे छोड़ते हुए तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। वर्तमान में, भारत की जीडीपी 4.3 ट्रिलियन डॉलर है, जबकि जर्मनी की जीडीपी 4.9 ट्रिलियन डॉलर है।
GDP Gap India vs Germany: चौथे से तीसरे पायदान पर जाने में कितना फर्क?
यह जानने के लिए कि भारत को जर्मनी से पीछे छोड़ने के लिए कितना अंतर है, आइए दोनों अर्थव्यवस्थाओं की जीडीपी देखते हैं। GDP Gap India vs Germany
- भारत की इकॉनमी 4.3 ट्रिलियन डॉलर है
- जर्मनी की इकॉनमी 4.9 ट्रिलियन डॉलर है
India vs Germany in Economy: अब Germany से सिर्फ $0.6 Trillion दूर है।
GDP Gap India vs Germany:
-
India GDP: $4.3 Trillion
-
Germany GDP: $4.9 Trillion
-
Gap: $0.6 Trillion
Niti Aayog के CEO ने जताई उम्मीद, जल्द तीसरी अर्थव्यवस्था बनकर उभरेगा भारत
भारत ने ये मुकाम पाकर इतिहास रच दिया है। अब सिर्फ अमेरिका, चीन और जर्मनी की इकोनॉमी ही भारत से आगे है। Niti Aayog के CEO B.V.R. Subrahmanyam ने ये उम्मीद जताई है और कहा है कि “मुझे उम्मीद है कि हम जल्द तीसरे स्थान पर भी पहुंच जाएंगे।” India vs Germany in Economy
तीसरे पायदान पर जाने के लिए भारत को महज 0.6 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी वृद्धि की जरूरत है
यह दर्शाता है कि भारत को जर्मनी को पीछे छोड़ने के लिए लगभग 0.6 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी वृद्धि की जरूरत है। आईएमएफ की रिपोर्ट के अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है, और यह संभावना है कि वह जल्द ही जर्मनी को पीछे छोड़ देगा। भारत का दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, और यह जल्द ही तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। यह भारत के आर्थिक विकास की गति और क्षमता को दर्शाता है।
भारत में बढ़ी है लोगों की आय
आईएमएफ के आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि भारत में लोगों की आय भी बढ़ी है। 2013-14 में भारत की प्रति व्यक्ति आय 1,438 अमेरिकी डॉलर थी। 2025 में यह दोगुनी होकर 2,880 अमेरिकी डॉलर हो गई है। इसका मतलब है कि लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है।नीति आयोग के अप्रोच पेपर ‘विकसित राज्य फॉर विकसित भारत @ 2047’ में कहा गया है कि भारत ‘फ्रेजाइल फाइव’ अर्थव्यवस्थाओं में से एक माना जाता था। लेकिन, अब यह दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है। यह सिर्फ एक दशक में हुआ है। विश्व बैंक ऊंची आय वाले देशों को उन देशों के रूप में परिभाषित करता है जिनकी वार्षिक प्रति व्यक्ति आय 14,005 डॉलर (2024-25) से ज्यादा है। भारत में क्षमता है और इसका लक्ष्य 2047 तक एक ऊंची आय वाला देश बनना है। अप्रोच पेपर में कहा गया है कि विकसित भारत 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था होगी। इसमें एक विकसित देश की सभी विशेषताएं होंगी। इसकी प्रति व्यक्ति आय आज के उच्च आय वाले देशों के बराबर होगी।







