ADVERTISEMENT
Friday, July 31, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

AI इंसानों के लिए कैसे बन रहा खतरा?

UB India News by UB India News
May 22, 2025
in खास खबर, टेक्नोलॉजी
0
भारत जल्द ही दुनिया के सबसे बड़े AI हबों में से एक बनने की दिशा में बढ़ रहा………..
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमारी जिंदगी को आसान बनाने के साथ-साथ एक नया खतरा बनता जा रहा है। खास तौर पर जेनरेटिव एआई के आने के बाद से एआई का इस्तेमाल बढ़ता रहा है। हाल में सामने आई एक दर्दनाक घटना ने एआई के जरिए होने वाले नए खतरे की तरफ सबका ध्यान खींचा है। हालांकि, हर चीज के दो पहलू होते हैं, जिनके बारे में हमें सोचने की जरूरत है।

दरअसल एआई के इस नए खतरे का आभास अमेरिकी राज्य फ्लोरिडा के एक दर्दनाक मामले की वजह से हुआ है। पिछले साल फरवरी में एक 14 साल के बच्चे ने एआई के चक्कर में आत्महत्या कर ली। इस मामले में बच्चे की मां मेगन गार्सिया ने एआई कंपनी के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। इस मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने गूगल और एआई स्टार्ट-अप कंपनी Character.ai  पर कानूनी कार्रवाई करने की इजाजत दे दी।

RELATED POSTS

अमेरिका का ईरान के 10 से ज्यादा शहरों पर हमला……….

भारतीय हॉकी टीम : भगवा जर्सी पर मचा बवाल ………………….

क्या है मामला?

फ्लोरिडा की रहने वाली मेगन गार्सिया ने एआई कंपनी पर दायर मुकदमें में बताया कि उसके 14 साल के बेटे सेवेल सेट्जर III (Sewell Setzer III) ने एआई पर भरोसा करके इस साल फरवरी में आत्महत्या कर ली। आत्महत्या करने से पहले सेवेल Character.ai के चैटबॉट के साथ चैटिंग कर रहा था। मेगन का आरोप है कि एआई के उकसाने की वजह से ही उसके नाबालिग बेटे ने आत्महत्या करने का फैसला किया था।

AI

एआई

अमेरिकी डिस्ट्रिक जज एनी कॉन्वे ने अपने फैसले में कहा कि  कंपनियों ने कानूनी कार्यवाही के इस प्रारंभिक चरण में यह प्रदर्शित नहीं किया था कि अमेरिकी संविधान की मुक्त-भाषण सुरक्षा ने उन्हें मेगन गार्सिया के मुकदमे से बचाया था। यह बच्चों को मनोवैज्ञानिक नुकसान से बचाने में कथित विफलता के लिए एआई फर्म के खिलाफ अमेरिका में पहले मुकदमों में से एक माना जाने वाला मुकदमा है, जो दर्शाता है कि एआई-संचालित चैटबॉट के प्रति जुनून विकसित होने के बाद किशोर ने आत्महत्या कर ली।

हालांकि, Character.ai और Google इस मुकदमे को लड़ना चाहते हैं और अपने प्लेटफॉर्म पर नाबालिगों की सुरक्षा के लिए उपायों को नियोजित करने की बात करते हैं, जिनमें “खुद को नुकसान पहुंचाने के बारे में बातचीत” को रोकने के लिए डिजाइन की गई सुविधाएं भी शामिल हैं। मेगन गार्सिया ने गूगल और कैरेक्टर.एआई पर पिछले साल अक्टूबर में यह मुकदमा दायर किया था।

इस मुकदमे की सुनवाई करने वाली जज ने टेक कंपनियों के सभी दलीलों को नकार दिया। यही नहीं, जज ने गूगल के इस दलील को भी अस्वीकार कर दिया कि उसमें उसका कोई लेना-देना नहीं है। बता दें कि Character.ai गूगल के लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) पर काम करता है। इसकी वजह से कोर्ट ने Character.ai के साथ-साथ गूगल को भी इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है। गूगल के दो पुराने इंजीनियर ही एआई स्टार्टअप कंपनी Character.ai के फाउंडर हैं।

AI पर क्यों उठ रहे सवाल?

AI को लेकर कई बार सवाल उठते रहे हैं। खास तौर पर पिछले दिनों सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले डीपफेक वीडियो और फोटो के सामने आने के बाद से एआई की विश्वसनीयता पर सवाल उठना शुरू हो गया। इसके बाद सोशल मीडिया कंपनियों ने एआई द्वारा जेनरेट किए जाने वाले फोटो और वीडियो को लेबल करना शुरू कर दिया है, ताकि लोग ये पहचान सके कि ये वीडियो या फोटो सही नहीं हैं, बल्कि एआई द्वारा बनाए गए हैं। हालांकि, अभी भी लाखों की संख्यां में एआई द्वारा बनाए गए वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे हैं, जिन्हें आम लोगों के लिए पहचान करना बेहद मुश्किल है।

AI

एआई

इसके अलावा एआई की समझ को लेकर भी सवाल उठे हैं। जेनरेटिव एआई डिजाइन करने वाली कंपनियां दावा करती हैं कि एआई पूरी तरह से निष्पक्ष है और वो डेटा के आधार पर ही जानकारी उपलब्ध करवाता है। हालांकि, ऐसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें एआई द्वारा इस्तेमाल किए गए डेटा में गड़बड़ी और आकलन में दिक्कत की वजह से गलत रिजल्ट सामने आए हैं। गूगल के एआई मॉडल Gemini AI (तब Bard) द्वारा उपलब्ध कराई गई एक जानकारी की वजह से कंपनी को माफी तक मांगनी पड़ गई थी।

जेनरेटिव एआई की कोडिंग में अगर किसी भी तरह की दिक्कत आती है, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। पिछले दिनों चीन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें एआई बेस्ड रोबोट में तकनीकी दिक्कत आने के बाद वो भीड़ से लड़ने के लिए सामने आ गया था। यही नहीं, एक एआई बेस्ड रोबोट ने तो आत्महत्या तक कर ली थी। ऐसे में एआई द्वारा विनाशकारी व्यवहार विकसित करने का भी बड़ा खतरा है, जो टेक कंपनियों के लिए परेशानी खड़ा कर सकता है।

पिछले दिनों सामने आई एक सर्वे में यह पता चला है कि एआई हमें आलसी बना रहा है। इस सर्वे में लोगों ने एआई पर अपनी निर्भरता की बात कबूली थी। एआई की वजह से वो किसी चीज के बारे में रिसर्च करने से बचते हैं और एआई द्वारा दी गई जानकारी पर निर्भर रहते हैं। इस सर्वे के मुताबिक, AI लोगों को आलसी बनाने के साथ-साथ उसकी सोचने-समझने की शक्तियों को भी खत्म कर रहा है।

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

अमेरिका का ईरान के 10 से ज्यादा शहरों पर हमला……….

अमेरिका का ईरान के 10 से ज्यादा शहरों पर हमला……….

by UB India News
July 30, 2026
0

जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ईरानी मिसाइल हमले के एक दिन बाद अमेरिका ने ईरान पर बड़े पैमाने पर...

भारतीय हॉकी टीम : भगवा जर्सी पर मचा बवाल ………………….

भारतीय हॉकी टीम : भगवा जर्सी पर मचा बवाल ………………….

by UB India News
July 30, 2026
0

हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में से पहले टीम इंडिया की जर्सी पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. इंडियन हॉकी...

Gen-Z की भाषा ट्रेंड में, जानें Clocked It, Delulu और FOMO का मतलब

Gen-Z की भाषा ट्रेंड में, जानें Clocked It, Delulu और FOMO का मतलब

by UB India News
July 30, 2026
0

संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई सांसदों ने अपने भाषण में Clocked It, Delulu, FOMO, M.I.A. और वास्ते...

मनमोहन सिंह को उनके निधन के 19 महीने बाद क्लीन चिट मिली है, वह क्या था?

मनमोहन सिंह को उनके निधन के 19 महीने बाद क्लीन चिट मिली है, वह क्या था?

by UB India News
July 30, 2026
0

सुप्रीम कोर्ट ने 2005 के चर्चित कथित कोल ब्लॉक आवंटन मामले में पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत डॉ. मनमोहन सिंह को बड़ी...

आंदोलनों के आगे क्यों झुक रही BJP सरकार?

आंदोलनों के आगे क्यों झुक रही BJP सरकार?

by UB India News
July 30, 2026
0

पिछले कुछ हफ्तों में भारत की राजनीति में एक साफ पैटर्न दिखा है. एक के बाद एक आंदोलन और एक...

Next Post
ट्रम्प की साउथ अफ्रीकी प्रेसिडेंट से तीखी नोकझोंक…….

ट्रम्प की साउथ अफ्रीकी प्रेसिडेंट से तीखी नोकझोंक.......

पाक सेना अपना मुख्यालय कहीं भी ले जाए हमारे मिसाइल्स की रेंज से बाहर नहीं जा सकता…………….

पाक सेना अपना मुख्यालय कहीं भी ले जाए हमारे मिसाइल्स की रेंज से बाहर नहीं जा सकता................

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend