पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में चल रहे आतंकी ठिकानों पर जोरदार एयर स्ट्राइक की थी। इसके साथ ही पाकिस्तान के कई एयरबेस को भी भारतीय सेना ने तबाह कर दिया था लेकिन अब भारतीय सेना बॉर्डर पर अपनी तैयारियों को और पुख्ता कर रही है।
द इंडियन एक्सप्रेस को आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि भारत ने T-72 टैंक और BMP-2 बख्तरबंद वाहनों को लाइन ऑफ कंट्रोल पर तैनात कर दिया है। बीते दिनों में भारतीय टैंकों ने पाकिस्तान की ऐसी चौकियों को निशाना बनाया है, जो जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों को घुसपैठ करने में मदद कर रही थीं।
ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर में नियंत्रण रेखा (LoC) पर T-72 टैंक तैनात किए थे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि T-72 टैंक इस ऑपरेशन का अहम हिस्सा रहे।
ये 125 मिमी की तोपों और 4,000 मीटर तक की मिसाइल मारक क्षमता से लैस हैं। इन्हें संयुक्त बलों की तैनाती के तहत मोर्चे पर भेजा गया था।
T-72 टैंक अभी भी BMP-2 बख्तरबंद गाड़ियों के साथ LoC पर तैनात हैं, ताकि घुसपैठ के रास्तों को पूरी तरह सील किया जा सके।
सेना अधिकारियों ने यह भी बताया कि ऑपरेशन को औपचारिक तौर से खत्म नहीं किया गया है, बल्कि सिर्फ रोका गया है। पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई 10 मई से रुकी हुई है, लेकिन नियंत्रण रेखा पर जवान 24×7 निगरानी में जुटे हुए हैं।
भारतीय वायुसेना ने मंगलवार को कहा था कि भारत के पास इतनी ताकत है कि वह पाकिस्तान के किसी भी हिस्से को निशाना बना सकता है।
ANI से बातचीत में एयर डिफेंस चीफ लेफ्टिनेंट जनरल सुमेर इवान ने कहा- चाहे पाकिस्तानी सेना अपना मुख्यालय रावलपिंडी से हटाकर खैबर पख्तूनख्वा तक कहीं और क्यों न ले जाए, वह हमारी रेंज में ही रहेगा।
इससे पहले, सेना ने वीडियो पोस्ट करके बताया- 7-8 मई की रात पाकिस्तान ने सीजफायर का उल्लंघन किया था, जिसका मुंहतोड़ जवाब दिया गया। सेना पहले से सतर्क थी और पाकिस्तान की फायरिंग पैटर्न को समझकर कुछ ही सेकेंड में जवाब दिया।
भारत-पाकिस्तान विवाद और ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े अपडेट पढ़ने के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
ऑपरेशन सिंदूर में तबाह चीनी मिसाइल के मलबे की डिमांड
भारतीय वायुसेना (IAF) ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की PL-15E मिसाइल को अपने एयर डिफेंस सिस्टम से तबाह कर दिया था। यह मिसाइल चीन में बनी थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फाइव आइज देश (अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड) के अलावा फ्रांस और जापान इस मिसाइल के मलबे की जांच करना चाहते हैं, ताकि यह पता कर सकें कि इसे बनाने के लिए चीन ने किन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया है।
स्वर्ण मंदिर के पुजारी और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सेना को एयर डिफेंस गन तैनात करने की अनुमति नहीं दी गई थी। स्वर्ण मंदिर के अतिरिक्त मुख्य पुजारी और एसजीपीसी ने मंगलवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान से संभावित ड्रोन और मिसाइल खतरों का मुकाबला करने के लिए स्वर्ण मंदिर के भीतर एयर डिफेंस गन तैनात करने की भारतीय सेना को अनुमति नहीं दी गई थी।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि मोदी ने 11 सालों में 72 देशों के 151 विदेशी दौरे किए, जिनमें 10 बार अमेरिका भी गए, लेकिन इन दौरों का कोई फायदा भारत को नहीं मिला।
खड़गे ने सवाल उठाया, “क्या प्रधानमंत्री का काम सिर्फ विदेश जाकर फोटो खिंचवाना है? इतने विदेशी दौरे करने के बाद भी आज भारत दुनिया में अकेला खड़ा है।”
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) द्वारा पाकिस्तान को 1.4 अरब डॉलर का कर्ज देने और आतंकवाद विरोधी कार्रवाई के बीच अचानक सीजफायर की घोषणा को भारत की कमजोर विदेश नीति का उदाहरण बताया।
खड़गे ने यह भी कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार कह चुके हैं कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर करवाया। यह हमारे देश का अपमान है, और मोदी सरकार ने अब तक इस पर कोई सफाई नहीं दी है।
पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में चल रहे आतंकी ठिकानों पर जोरदार एयर स्ट्राइक की थी। इसके साथ ही पाकिस्तान के कई एयरबेस को भी भारतीय सेना ने तबाह कर दिया था लेकिन अब भारतीय सेना बॉर्डर पर अपनी तैयारियों को और पुख्ता कर रही है।
द इंडियन एक्सप्रेस को आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि भारत ने T-72 टैंक और BMP-2 बख्तरबंद वाहनों को लाइन ऑफ कंट्रोल पर तैनात कर दिया है। बीते दिनों में भारतीय टैंकों ने पाकिस्तान की ऐसी चौकियों को निशाना बनाया है, जो जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों को घुसपैठ करने में मदद कर रही थीं।
ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर में नियंत्रण रेखा (LoC) पर T-72 टैंक तैनात किए थे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि T-72 टैंक इस ऑपरेशन का अहम हिस्सा रहे।
ये 125 मिमी की तोपों और 4,000 मीटर तक की मिसाइल मारक क्षमता से लैस हैं। इन्हें संयुक्त बलों की तैनाती के तहत मोर्चे पर भेजा गया था।
T-72 टैंक अभी भी BMP-2 बख्तरबंद गाड़ियों के साथ LoC पर तैनात हैं, ताकि घुसपैठ के रास्तों को पूरी तरह सील किया जा सके।
सेना अधिकारियों ने यह भी बताया कि ऑपरेशन को औपचारिक तौर से खत्म नहीं किया गया है, बल्कि सिर्फ रोका गया है। पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई 10 मई से रुकी हुई है, लेकिन नियंत्रण रेखा पर जवान 24×7 निगरानी में जुटे हुए हैं।
भारतीय वायुसेना ने मंगलवार को कहा था कि भारत के पास इतनी ताकत है कि वह पाकिस्तान के किसी भी हिस्से को निशाना बना सकता है।
ANI से बातचीत में एयर डिफेंस चीफ लेफ्टिनेंट जनरल सुमेर इवान ने कहा- चाहे पाकिस्तानी सेना अपना मुख्यालय रावलपिंडी से हटाकर खैबर पख्तूनख्वा तक कहीं और क्यों न ले जाए, वह हमारी रेंज में ही रहेगा।
इससे पहले, सेना ने वीडियो पोस्ट करके बताया- 7-8 मई की रात पाकिस्तान ने सीजफायर का उल्लंघन किया था, जिसका मुंहतोड़ जवाब दिया गया। सेना पहले से सतर्क थी और पाकिस्तान की फायरिंग पैटर्न को समझकर कुछ ही सेकेंड में जवाब दिया।
भारत-पाकिस्तान विवाद और ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े अपडेट पढ़ने के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
ऑपरेशन सिंदूर में तबाह चीनी मिसाइल के मलबे की डिमांड
भारतीय वायुसेना (IAF) ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की PL-15E मिसाइल को अपने एयर डिफेंस सिस्टम से तबाह कर दिया था। यह मिसाइल चीन में बनी थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फाइव आइज देश (अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड) के अलावा फ्रांस और जापान इस मिसाइल के मलबे की जांच करना चाहते हैं, ताकि यह पता कर सकें कि इसे बनाने के लिए चीन ने किन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया है।
स्वर्ण मंदिर के पुजारी और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सेना को एयर डिफेंस गन तैनात करने की अनुमति नहीं दी गई थी। स्वर्ण मंदिर के अतिरिक्त मुख्य पुजारी और एसजीपीसी ने मंगलवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान से संभावित ड्रोन और मिसाइल खतरों का मुकाबला करने के लिए स्वर्ण मंदिर के भीतर एयर डिफेंस गन तैनात करने की भारतीय सेना को अनुमति नहीं दी गई थी।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि मोदी ने 11 सालों में 72 देशों के 151 विदेशी दौरे किए, जिनमें 10 बार अमेरिका भी गए, लेकिन इन दौरों का कोई फायदा भारत को नहीं मिला।
खड़गे ने सवाल उठाया, “क्या प्रधानमंत्री का काम सिर्फ विदेश जाकर फोटो खिंचवाना है? इतने विदेशी दौरे करने के बाद भी आज भारत दुनिया में अकेला खड़ा है।”
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) द्वारा पाकिस्तान को 1.4 अरब डॉलर का कर्ज देने और आतंकवाद विरोधी कार्रवाई के बीच अचानक सीजफायर की घोषणा को भारत की कमजोर विदेश नीति का उदाहरण बताया।
खड़गे ने यह भी कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार कह चुके हैं कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर करवाया। यह हमारे देश का अपमान है, और मोदी सरकार ने अब तक इस पर कोई सफाई नहीं दी है।







