भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालात फिर से बन गए हैं।भारत की ओर से कभी भी पाकिस्तान पर बड़ा एक्शन हो सकता है। यह एक्शन 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के खिलाफ होगा। गौरतलब है कि घात लगाकर पाकिस्तानी आतंकवादियों ने 26 भारतीय पर्यटकों को मार दिया था। इसको लेकर देशभर में आक्रोश का माहौल है। इसको देखते हुए भारत सरकार ने कई तरह की पाबंदियां पाकिस्तान पर लगा दी, जिसमें सिंधु जल संधि को अस्थायी रूप से खत्म करने का ऐलान भी शामिल है। इसके बाद पाकिस्तान युद्ध की गीदड़-भभकी दे रहा है। वह भी तब जब भारत सुपर पावर बनने की राह पर है और पाकिस्तान कंगाल होकर दुनियाभर के देशों से कर्ज मांग रहा है। क्या सही में भारत से पाकिस्तान अब मुकाबला कर पाएगा? आंकड़ों के जरिये हम आपको बता रहे हैं कि भारत के सामने क्यों कहीं नहीं टिकता है पाकिस्तान।
दोनों देशों में जमीन-आसमान का अंतर
मौजूदा समय में भारत एक सुपरा पावर बनने वाला देश है। वहीं पाकिस्तान कंगाल, बीमार और कर्ज में डूबा हुआ देश है। इसलिए भारत और पाकिस्तान की अर्थव्यवस्थाओं के बीच आज कोई तुलना ही नहीं है। भारत ने वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर के दम पर पाकिस्तान को बहुत पीछे छोड़ दिया है। दूसरी ओर, पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था आसमान छूती महंगाई, विदेशी मुद्रा भंडार की भारी कमी और कर्ज के बोझ से जूझ रही है। इस समय भारत एक शेर है और पाकिस्तान चींटी। इसलिए दोनों के बीच मुकबाला जैसा कोई शब्द भी लाना सही नहीं होगा।
निवेशकों का चहेता भारत
आईएमएफ के अनुसार, भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। 2008 से 2023 तक भारत की जीडीपी में 140% की वृद्धि हुई। वहीं, 2022-23 में पाकिस्तान ने अपनी जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान को 2% से घटाकर 0.29% कर दिया। भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था ने इसे निवेशकों के बीच पसंदीदा देश बना दिया है। इसके चलते दुनियाभर के निवशक भारत की ओर रुख कर रहे हैं।
आतंकवाद की फैक्ट्री पाकिस्तान
भारत में दुनियाभर की कंपनियां अपनी फैक्ट्री लगा रही है। एप्पल से लेकर टेस्ला तक भारत में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगा रही है। वहीं, पाकिस्तान आतंकवाद की फैक्ट्री बनकर रह गया है। इसके चलते दुनियाभर के देशों में पाकिस्तानी की एंट्री बैन है। कोई भी देश न तो पाकिस्तान में व्यापार करना चाहते हैं। क्रिकेट भी पाकिस्तान में जाकर कोई देश नहीं खेलना चाहता है।
गरीबी और महंगाई से जनता परेशान
भारत की प्रति व्यक्ति आय लगभग 2,940 डॉलर है। वहीं, पाकिस्तान की प्रति व्यक्ति आय 1,587 डॉलर है। यह भारत की तुलना में काफी कम है। आय ही नहीं, महंगाई और बेराजगारी से भी जनता परेशान हैं। हाल ही में कई तस्वीर आई थी कि जनता किस तरह से आटे लूट रही थी।
भारत दुनिया की सबसे ताकतवर सेनाओं में से एक है………
भारत की ताकत जमीन से शुरू होती है
भारतीय थल सेना में 14.44 लाख सक्रिय सैनिक हैं, जबकि 11.55 लाख रिजर्व फोर्स और 25.27 लाख पैरामिलिट्री फोर्स भी हैं. थल सेना की मारक क्षमता में आधुनिक और स्वदेशी तकनीक का अद्भुत मिश्रण शामिल है. भारत के पास कुल 4201 टैंक है. इसमें अर्जुन टैंक, T-90 भीष्म जैसे खतरनाक टैंक भारत को पाकिस्तान के मुकाबले अजेय बनाने की ताकत रखते हैं. अर्जुन टैंक को भारत में तैयार किया गया है, जबकि T-90 भीष्म रूस का है, जिसे बाद में भारत ने अपग्रेड किया है. भारतीय सेना के पास पिनाका रॉकेट सिस्टम, ब्रह्मोस मिसाइल समेत Bofors और होवित्जर तोपें मौजूद है. ये हथियार दुश्मन को आसानी धूल चटा सकते हैं.
पाकिस्तान की थल सेना की बात करें तो उसके पास 6.54 लाख एक्टिव सैनिक हैं और लगभग 3742 टैंक, 50523 बख्तरबंद गाड़ियां और 752 सेल्फ प्रोपेल्ड आर्टिलरी यूनिट्स हैं. इसके अलावा 692 रॉकेट लॉन्चर भी हैं. पाकिस्तान के पास 2627 टैंक है, जो भारत के मुकाबले आधे हैं.
वायुसेना: आसमान में भारत का दबदबा
भारतीय वायुसेना के पास कुल 2229 विमान हैं, जिनमें 600 लड़ाकू विमान, 831 सपोर्ट एयरक्राफ्ट, 899 हेलीकॉप्टर और 50+ UAVs शामिल हैं. इसके साथ ही भारत के पास आधुनिकतम लड़ाकू विमान हैं. इसमें राफेल फाइटर जेट, Sukhoi Su-30MKI, Mirage-2000, MiG-29 फाइटर जेट है. साथ ही भारत की वायुसेना ब्रह्मोस, अस्त्र, रुद्रम और आकाश जैसे मिसाइल सिस्टम से लैस है. वहीं पाकिस्तान के पास 1399 एयरक्राफ्ट हैं, जिनमें से 328 फाइटर जेट, 64 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, 565 ट्रेनर एयरक्राफ्ट, और 373 हेलीकॉप्टर हैं. उसके पास 57 अटैक हेलीकॉप्टर और 4 एयरबोर्न टैंकर भी हैं. यहां भी भारत की वायुसेना न केवल संख्या में बल्कि युद्ध क्षमता और रेंज में काफी आगे है.
नौसेना: समुद्री सीमा पर भारत की सुरक्षा
भारतीय नौसेना तेजी से विस्तारं कर रही है और इसमें आधुनिक तकनीक का समावेश हो रहा है. BBC की रिपोर्ट के मुताबिक भारत के पास 150 युद्धपोत है. इसमें INS विक्रांत और INS विक्रमादित्य जैसे विमानवाहक पोत परमाणु पनडुब्बियां भी है, जिसमें Dhanush और K-15 जैसी मिसाइल इस्तेमाल की जा सकती हैं. भारत की नौसेना में कुल 1,42,252 एक्टिव सैनिक हैं. पाकिस्तान की नौसेना में 114 जहाज, 8 पनडुब्बियां, और 9 फ्रिगेट युद्धपोत हैं. हालांकि पाकिस्तान ने हाल के वर्षों में अपनी समुद्री ताकत बढ़ाई है, लेकिन भारत की नौसेना रेंज, नेटवर्किंग, और परमाणु क्षमता में कहीं ज्यादा आगे है.
भारतीय मिसाइलों की रेंज और क्लासिफिकेशन
भारतीय पृथ्वी-1 मिसाइल की रेंज 150 किलोमीटर है, जिसे थलसेना इस्तेमाल करती है। जबकि पृथ्वी-2 मिसाइल 250-350 किलोमीटर है, जिसे वायुसेना इस्तेमाल करती है। पृथ्वी-3 की रेंज 350 किलोमीटर से ज्यादा है। वहीं अग्नि-1 मिसाइल की रेंज 700 किलोमीटर, जबकि अग्नि-3 मिसाइल की रेंज 2000 किलोमीटर से ज्यादा है। अग्नि मिसाइल को परमाणु हथियार गिराने के लिए डिजाइन किया गया है। ये एक सरफेस टू एयर मिसाइल है और लंबी दूरी तक मार करने के लिए इसे डिजाइन किया गया है। अग्नि-4 मिसाइल का रेंज 4000 किलोमीटर है, जबकि अग्नि-5 एक इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसका रेंज 5000 किलोमीटर से ज्यादा है।
पेलोड और न्यूक्लियर क्षमता
भारतीय मिसाइलें परमाणु हमला करने में सक्षम हैं। ये 500 से 1500 किलोग्राम तक न्यूक्लियर और पारंपरिक हथियारों को ले जा सकती है। भारत अब अग्नि-V को MIRV (Multiple Independently targetable Re-entry Vehicle) को तैनात करने की योजना पर काम कर रहा है, जिससे एक ही मिसाइल कई लक्ष्यों को अलग-अलग भेद सकेगी। पाकिस्तान की मिसाइलें भी 500–1,500 किलोग्राम तक पेलोड ले जा सकती हैं, लेकिन तकनीकी सटीकता और उनकी विश्वसनीयता भारत के मुकाबले कम हैं।
बालाकोट से भारत ने ली बड़ी सीख
छह साल पहले 2019 की सर्दियों में पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत ने कश्मीर इलाके में एलओसी पार कर बालाकोट में आतंकवादियों के कैंपों पर बम बरसाए थे. भारत की ओर से किए गए इस हवाई हमले में बड़ी संख्या में आतंकवादियों के मारे जाने की बात कही गई थी. लेकिन, इस ऑपरेशन में भारत को एक चुनौती का सामना करना पड़ा था. पाकिस्तानी लड़ाकू विमान का पीछा करते हुए भारत के पायलट उसके हवाई क्षेत्र में घुस गए थे और पाकिस्तान ने उनके विमान पर हमला कर दिया था. इस कारण फाइटर जेट के कैप्टन अभिनंदन को इजेक्ट होना पड़ा था. पाकिस्तान की सेना ने उनको कैद कर लिया. हालांकि बाद में उन्हें भारत को लौटा दिया.
इस घटना से भारत ने एक सबक सीखा. उसे वैसे हथियारों की कमी महसूस हुई जिससे कि बिना एलओसी या अंतरराष्ट्रीय सीमा पार किए पाकिस्तान के भीतर तक सटीक वार किए जा सके. बीते इन छह सालों में भारत ने इस कमी को बखूबी समाधान निकाल लिया है. भारत ने अब ऐसे हथियार न केवल बना लिए हैं बल्कि उन हथियारों को सुखोई-30 और राफेल जैसे फाइटर जेट्स में लगा भी दिया गया है. इससे भारत के फाइटर जेट्स बिना सीमा पार किए या पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में घुसे बिना उसके घर में गंभीर हमले कर सकते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक बीते छह साल में भारत में एक से बढ़कर हवा से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें बनाई हैं. इन मिसाइलों का रेंज 500 किमी और 5 क्विंटल तक के बम ले जाने की है. ये बेहद आधुनिक टेक्नोलॉजी पर आधारित हैं और ये 100 फीसदी तक सटीक वार करने की क्षमता रखते हैं.
भारत के पास मौजूद मिसाइलें
बीते कुछ सालों में भारत ने रूद्रम-II, रॉक्स, स्काल्प और ब्रह्मोस-A जैसे बेहद खतरनाक मिसाइलें हैं. इनकी रेंज 250 से 800 किमी की है. इनकी खासियत यह है कि इनको भारतीय क्षेत्र या सीमा के पास से लॉन्च किया जा सकता है. इन मिसाइलों को भारतीय फाइटर जेट्स भारतीय क्षेत्र में रहते हुए आसानी से दाग सकते हैं. यह रणनीति फाइटर जेट्स और एयरफोर्स के जवानों-अधिकारियों को होने वाले नुकसान को भी कम करती है.
रुद्रम-II
इस मिसाइल को डीआरडीओ ने विकसित किया है. यह एक सुपरसोनिक मिसाइल है. इसको दुश्मन के रडार, संचार केंद्रों और बंकरों को नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है. इसकी मारक क्षमता 300 किमी है. इसकी स्पीड 5.5 मैक यानी 6,737 किमी है. भारत का सुखोई-30 MKI फाइटर जेट इन मिसाइलों से लैस है. यानी भारतीय सीमा में रहते हुए ये मिसाइलें बहावलपुर में मौजूद आतंकवादी ठिकानों पर दागी जा सकती है.
रॉक्स इजरायल द्वार विकसित एक बैलेस्टिक मिसाइल है. इसकी रेंज 250 किमी है. इसी तरह स्काल्प है. ये मिसाइलें राफेल में लगाई गई हैं. ये मिसाइलें बेहद अंदर तक जाकर हमले करने में सक्षम हैं. इन दोनों मिसाइलों से बेहद सटीक और सेकेंडों में वार किए जा सकते हैं.
ब्रह्मोस-A
भारत और रूस ने मिलकर ये मिसाइल बनाई है. यह एक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है. यह 400 से 800 किमी की रेंज तक मार कर सकती है. यह एक साथ कई टार्गेट्स पर वार कर सकती है. इसे भी सुखोई-30 एमकेआई से लॉन्च किया जाता है. यह मिसाइल अपनी सटीक वार क्षमता के लिए दुनिया में जानी जाती है.







